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पाइल्स के कारण-
कब्ज के कारण पेट साफ नहीं होता है और मल त्याग में जोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से पाइल्स की समस्या हो जाती है। - जो लोग ज़्यादा देर तक खड़े होकर काम करते हैं, उन्हें भी बवासीर की समस्या हो जाती है। - पाइल्स का एक कारण मोटापा भी है। - प्रेग्नेंसी के दौरान भी कई महिलाओं को पाइल्स की समस्या हो जाती है।
बवासीर के कारण bawasir ke karan in hindi
गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं में बवासीर होने का अधिक खतरा रहता है। दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय फैलता है। इसके कारण कोलन में वेइन पर दबाव पड़ने से यह सूज जाता है, जो बवासीर का कारण बनता है।
बुढ़ापा: बढ़ती हुई उम्र के कारण बवासीर हो सकता है। यह 45 से 65 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में अधिक देखा जाता है। दरअसल बुढ़ापे में बवासीर से रक्षा करने वाले टिश्यू खत्म हो जाते हैं। इसके कारण बवासीर उभरने लगता है।
दस्त: बार-बार और लगातार दस्त की शिकायत होने पर बवासीर हो सकता है।
पुरानी कब्ज: पुरानी कब्ज के मरीजों को मल त्यागने में अधिक जोर लगाना पड़ता है। इससे नसों में दबाव पड़ने के
कारण बवासीर हो सकता है।
बैठने का जोखिम: लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से बवासीर की शिकायत हो सकती है। इस समस्या को विशेष रूप से ड्राइविंग, सिलाई और आईटी पेशे वाले लोगों के साथ देखा जाता है।
अधिक वजन उठाना: अधिक वजन उठाते समय सांस रोकने से गुदा पर दबाव बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने से गुदा की नसों में सूजन होने लगती है जिससे बवासीर की संभावना बढ़ जाती है।
गुदा मैथुन (एनल सेक्स): एनल सेक्स एक नए प्रकार के बवासीर को पैदा कर सकता है। इससे पुराना बवासीर अधिक मात्रा में फैल सकता है।
मोटापा: पेट बढ़ने के कारण गुदा की मांसपेशियों में दबाव बढ़ता है। इससे बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है।
जेनेटिक कारणों से: कुछ व्यक्तियों में जेनेटिकली बवासीर की समस्या होती है। आनुवंशिकता के कारण ऐसे लोगों की गुदा की नसें कमजोर होती हैं।
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