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उसे लपेटें और कस कर पकड़ें
नवजात शिशु लिपटना और सुरक्षित महसूस करना अवश्य ही पसंद करते हैं, जैसे कि वह गर्भ में रहते थे। इसलिए आप अपने शिशु को कंबल में लपेटकर (स्वोडलिंग) देख सकती हैं, कि वह इसे पसंद करता है या नहीं।

कई माता पिता यह पाते हैं की उनके शिशु को सटाकर गोद में लेने से, खासकर जब वह आपके दिल की धड़कन को सुन सके, या फिर बेबी स्लिंग में लेकर अपने नजदीक रखने से काफी आरामदायम महसूस करते हैं। कुछ शिशु ऐसे भी होते हैं जिन्हें लिपटे हुए रहना काफी प्रतिबंधात्मक लगता है और वे आश्ववासन के अन्य तरीकों जैसे कि गोद में लेकर हिलाना-डुलाना या गाना गाकर सुनाने के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देते हैं।.

एक स्थिर ध्वनि खोजें
गर्भ में आपका शिशु आपके दिल की धड़कन लगातार सुनता रहता है, इसलिए वह गोद में आपके नजदीक रहना पसंद करता है। ऐसी कई अन्य दोहराई गई आवाजें हैं, जो शिशु को शांति प्रदान कर सकती हैं।

कई माता पिता पाते हैं कि घड़ी की टिक-टिक की स्थिर लय अक्सर शिशु को शांत कर देती है और यह सुनते-सुनते वह सो जाता है। आप शिशु को कोई धीमा संगीत या लोरी गाकर भी सुना सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान आप जो गर्भ संस्कार संगीत सुनती थीं, वह भी शिशु के लिए चला सकती हैं।

आप अपने फोन में व्हाइट-नॉइस की आवाज या व्हाइट-नॉइस ऐप डाउनलोड कर सकती हैं, या फिर शिशुओं के लिए तैयार की गई व्हाइट-नॉइस सी.डी. भी खरीद सकती हैं। ये गर्भाशय में सुनाई देने वाली आवाजों की नकल होती है और आपके रोते हुए शिशु को शांत करा सकती हैं।

शिशु को हिलाते-डुलाते हुए सुलाएं
आमतौर पर शिशु धीरे-धीरे हिलना पसंद करते हैं। आप निम्न तरीके अपना सकती हैं:

आप टहलते हुए उसे हिलाएं-डुलाएं।
उसे गोद में लेकर हिलने वाली कुर्सी में बैठें।
यदि शिशु थोड़ा बड़ा है, तो उसे सुरक्षित ढंग से शिशु झूले पर बिठाएं।
अपनी कार में उसे कहीं घुमाने ले जाएं।
उसे प्रैम या स्ट्रॉलर में चहलकदमी के लिए ले जाएं।

आरामदेह मालिश या पेट मलकर देखिए
मालिश के तेलों या क्रीम का इस्तेमाल करते हुए हल्के से शिशु की पीठ या पेट पर मालिश करने से उसे आराम मिल सकता है। इससे आपको भी बेहतर महसूस हो सकता है, क्योंकि यह शिशु की परेशानी को दूर करने का आजमाया हुआ तरीका है।

शिशु की मालिश के बारे में हमारा या स्लाइडशो देखें।

दूध पिलाने के लिए अलग अवस्था आजमाएं
कुछ बच्चे दूध पीते समय या बाद में रोते हैं। यदि आप स्तनपान कराती हैं, तो हो सकता है आप पाएं कि शिशु को आराम से मुंह में स्तन देने पर उसे बिना रोए शांति से दूध पीने में मदद मिलती है।

अगर दूध पीने के दौरान शिशु को दर्दभरी गैस हो रही है, तो आप उसे और अधिक सीधा करके दूध पिलाने का प्रयास कर सकती हैं। शिशु को दूध पिलाने के बाद उसे गोद में कंधो की तरफ लेकर डकार अवश्य दिलाएं। यदि आपका शिशु दूध पीने के तुंरत बाद रोए, तो हो सकता है वह अभी और भूखा हो।

उसे कुछ चूसने दें
कुछ नवजातों में चूसने की इच्छा काफी तीव्र होती है। स्तनपान के दौरान स्तन को चूसना, साफ उंगली चूसना या फिर चूसनी (सूदर या पैसिफायर) को चूसना उसे काफी आरामदेह लग सकता है। आराम पाने के लिए चूसना (कम्फर्ट सकिंग) शिशु के दिल की धड़कन को नियमित कर सकता है, उसके पेट को आराम पहुंचाता है, और उसे सोने में मदद करता है।

उसे एक गुनगुना स्नान दें
गुनगुने पानी से नहाने से आपके शिशु को आराम मिल सकता है, साथ ही यह उसे सोने में भी मदद कर सकता है। शिशु को टब में रखने से पहले पानी का तापमान जांच लें। मगर यह बात भी ध्यान में रखें की अगर शिशु को नहाना पसंद नहीं है तो ऐसे में वह और अधिक रोना शुरु कर सकता है। जल्द ही, आप शिशु की पसंद व नापसंद को समझने लगेंगी।

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