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दूध, दही, पनीर, चीज़ जैसे डेयरी प्रोडक्ट बच्चे की बढ़ती उम्र में उसे मजबूती देंगे और उसके शरीर को ठोस बनाएंगे। इन डेरी प्रोडक्ट्स में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, जो शिशु की हड्डियों को मजबूती देता है।

6 से 12 महीने के बच्‍चे को जरूर खिलाएं ये पांच चीजें, इम्‍युनिटी बढ़ेगी और स्‍ट्रॉन्‍ग होगा बच्‍चा :-

अंडे की जर्दी

माता-पिता अक्सर अपने बच्चों को अंडे और मांसाहारी खाद्य पदार्थ देने से पहले बहुत कन्फ्यूज्ड होते हैं, जबकि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।

अंडे की जर्दी बच्चों के लिए बहुत सुरक्षित और स्वस्थ है। अंडे की जर्दी में आयरन होता है, जो बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उबले अंडे को मैश कर लें और बच्चे को देने से पहले उसमें थोड़ा सा नमक मिलाएं।

​बीन्स

बीन्स नॉन-हीम आयरन (प्लांट बेस्ड आयरन) और प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत हैं। इसके लिए बीन्स को उबाल लें, फिर उन्हें मैश कर दें और फिर उसमें एक चुटकी नमक डालकर अपने बच्चे को खिला सकती हैं।

दाल

दाल आयरन, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होती है। आप अपने बच्चों को रोजाना अलग-अलग तरह की दालें दे सकती हैं। इसके लिए आपको 20 मिनट तक दाल को पकाना है और फिर एक कटोरे में उसे परोसकर खिलाएं।

​पीनट बटर

रिसर्च में पता चला है कि कम उम्र में बच्चे को पीनट बटर देने से मूंगफली की एलर्जी से उसे बचाया जा सकता है। अपने बच्चे को साबुत मूंगफली न दें, बल्कि टोस्ट पर थोड़ा सा पीनट बटर लगाएं और फिर उसे खिलाएं। 100 ग्राम मूंगफली में 4.6 मिलीग्राम आयरन होता है।

​केला

केला एक ऐसा फल है जो आपके बिना दांत वाले बच्चे को भी आसानी से खिलाया जा सकता है। आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर, पीला रेशेदार फल आसान मल त्याग में भी मदद करता है। आप इसे अपने बच्चे को परोसने से पहले या तो काट सकती हैं या मैश कर सकती हैं।

​डेयरी प्रोडक्ट्स

दूध, दही, पनीर, चीज़ जैसे डेयरी प्रोडक्ट बच्चे की बढ़ती उम्र में उसे मजबूती देंगे और उसके शरीर को ठोस बनाएंगे। इन डेरी प्रोडक्ट्स में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, जो शिशु की हड्डियों को मजबूती देता है।

इन विशेष खाद्य पदार्थों के अलावा, आप अपने शिशु को वह भी खाना खिला सकती हैं, जो आपने अन्य परिवार के सदस्यों के लिए बनाया है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखे की उसे किसी ऐसे पदार्थ का सेवन ना कराया जाए, जिससे पचने में उसे दिक्कत हो। आप अपने बच्चे को जो भी खिलाएं, उसकी मात्रा सही होनी चाहिए।

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