healthplanet.net

Posted on

बच्‍चे की लाल हो गई आंख, घबराने की जगह इन घरेलू नुस्‍खों से करें कंजक्टिवाइटिस का इलाज

बच्‍चों में कंजक्टिवाइटिस की समस्‍या होना आम बात है लेकिन कुछ असरकारी घरेलू नुस्‍खों की मदद से आप इसका इलाज कर सकते हैं।
बच्‍चों और शिशुओं की इम्‍यूनिटी बहुत कमजोर होती है इसलिए उनमें कंजक्‍टिवाइटिस यानि पिंक आई का खतरा ज्‍यादा रहता है। चूंकि, शिशु को हर मर्ज के लिए दवा नहीं दी जा सकती है इसलिए इनके लिए घरेलू नुस्‍खे ज्‍यादा कारगर और सुरक्षित होते हैं।
बच्‍चों में कंजक्टिवाइटिस के इलाज के लिए कुछ सुरक्षित घरेलू उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपने शिशु की पिंक आई को ठीक कर सकते हैं।
​ब्रेस्‍ट मिल्‍क

मां के दूध में हर बीमारी को दूर करने के गुण होते हैा। मां के दूध में कोलोस्‍ट्रम होता है जिसमें प्रचुरता में माइक्रो न्‍यूट्रिएंट पाए जाते हैं। यहां तक कि डॉक्‍टर भी इस बात से सहमत होते हैं कि नवजात शिशु में होने वाली कई सामान्‍य समस्‍याओं को ब्रेस्‍ट मिल्‍क से ठीक किया जा सकता है।

दिन में 2 से 3 बार बच्‍चे की दोनों आंखों की पलकों पर ब्रेस्‍ट मिल्‍क लगाएं। आप ड्रॉपर की मदद से भी पलकों पर ब्रेस्‍ट मिल्‍क लगा सकती हैं। आप ब्रेस्‍ट से सीधा पलकों पर दूध लगा सकती हैं या किसी कप या कटोरी में दूध डालकर फिर उंगली से भी उसे लगा सकती हैं।

अगर एक आंख में दिक्‍कत हुई है तो भी आप शिशु की दोनों आंखों पर दूध लगा सकती हैं। इससे इंफेक्‍शन फैलने का खतरा कम होगा।


​शहद

शहद में एंटी-फंगल, एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। आंखों से संबंधित कई बीमारियों के इलाज के लिए मॉडर्न थेरेपी में शहद का इस्‍तेमाल किया जाता है। आंखों के लिए मनुका शहद सबसे ज्‍यादा सही माना जाता है। हालांकि, आप कच्‍चा शहद भी लगा सकती हैं।

एक चौथाई कप शहद लें और इतनी ही मात्रा में गुनगुना पानी लें। अब एक साफ ड्रॉपर की मदद से दोनों आंखों में एक से दो बूंद डालें।
​नमक का पानी
आंखों में इंफेक्‍शन के इलाज का सबसे आसान, सस्‍ता और कारगर उपाय सलाईन वॉटर है। इससे आंखों को आराम मिलता है और संक्रमण के कारण पैदा हुई गंदगी भी साफ होती है।

एक गिलास उबले हुए पानी में थोड़ा नमक डालें। इसके ठंडा होने पर इसमें रूई का एक फाहा भिगोएं और उसे शिशु की पलकों पर लगाएं। आपको हर बार नई रूई का इस्‍तेमाल करना है। इस बात का ध्‍यान रखें कि इस्‍तेमाल करते समय पानी ज्‍यादा गर्म नहीं होना चाहिए।

​हल्‍दी
हल्‍दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करती है। यह सूजन से लड़ने में मदद करता है। हल्‍दी एंटीबॉडी बना सकती है जो पिंक आई पैदा करने वाली एलर्जी को रोकने में कारगर होती है।

एक चम्‍मच हल्‍दी में पानी मिलाकर घोल बना लें। इस मिश्रण से बच्‍चे की आंख धोएं। आप चाहें तो इससे सिकाई भी कर सकती हैं। उसके लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्‍मच हल्‍दी डालें। इसमें रूई का एक फाहा भिगोएं और बच्‍चे की आंख पर रख दें।

​आलू
आलू में एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं। इससे आंखों की जलन और सूजन को कम किया जा सकता है। यह कं‍जक्टिवाइटिस से होने वाले दर्द को भी कम करता है। आलू का एक टुकड़ा या आलू को घिसकर इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

सबसे पहले आलू को धो लें और उसकी एक पतली सी स्‍लाइस काट लें। इस स्‍लाइस को आंखों पर रखें और लगभग दस मिनट के लिए छोड़ दें। जब भी आप इस नुस्‍खे का इस्‍तेमाल करें, तभी आलू का ताजा स्‍लाइस काटें। आप दिन में कई बार इस उपाय को कर सकते हैं।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info