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बच्चों की नींद के घरेलू नुस्खे :-

नोटिस करें बच्चे के सोने का तरीका

चाहे बच्चे हो या फिर वयस्क, हर किसी के सोने के अपने तरीके होते हैं। हर कोई सिर्फ जैसे पोश्चर में ही आरामदायक नींद नहीं ले सकता है। इसलिए बच्चे के जन्म के बाद आपको बच्चे से जुड़ी हर छोटे और बड़ी बात को ध्यान में रखना होगा। अगर आपका शिशु छह माह या उससे छोटा है, तो दूध पिलाने के लिए अपने बच्चे को तुरंत उसकी आरामदायक अवस्था में लिटा दें। इससे बच्चे को बहुत जल्दी नींद आ जाएगी और वह सो जाएगा। इसी तरह अगर आपका नवजात छह माह से बड़ा है, तो उसे भी आहार देने के बाद उसके सोने की जगह पर लिटा दें। कुछ देर बाद नवजात को नींद आ जाएगी।

कमरे का तापमान

नवजात बच्चों की त्वचा बहुत ही नाजुक होती है। उन्हें गर्मी और ठंडी का एहसास किसी वयस्क के मुकाबले कई गुना ज्यादा महसूस हो सकता है। इसलिए उनके सोने और खेलने के कमरे का तापमान न ही बहुत ज्यादा ठंडा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा गर्मी वाला होना चाहिए। नवजात के सोने या खेलने के कमरे में एसी का इस्तेमाल कम से कम करें। आप पंखा चला सकते हैं जिसकी स्पीड को धीमा रखना चाहिए। साथ ही, कमरे में खिड़कियां भी होनी चाहिए ताकि कमरे का तापमान आप वातारण के अनुकूल रख सकें। अगर आहार देने के बाद बच्चे को सुलाना चाहती हैं, तो उसे उसके कमरे में ले जाएं और उसके सोने वाली जगह पर उसे लिटा दें। पेट भरा होने और तापमान बेहतर होने से बच्चे को अच्छा महसूस होगा जिसे उसे नींद भी जल्दी आ जाएगी और बच्चा अगली बार भूख लगने पर ही जाग सकता है।

बच्चे की जम्हाई पर दें ध्यान

अक्सर लोग बहुत ज्यादा थकान और नींद के कारण जम्हाई लेते हैं। इसी तरह छोटे बच्चों को भी नींद आने पर जम्हाई लेते हैं। आमतौर पर छोटे बच्चे ब्रेस्टफीडिंग करते हुए ही जम्हाई लेने लगते हैं और सो भी जाते हैं। ऐसे में अगर बच्चा सो जाए, तो और ज्यादा ब्रेस्टफीडिंग कराने या आहार देने के लिए न जगाएं। बच्चे को बिना किसी शोर के साथ उसके सोने वाले स्थान पर लिटा देना चाहिए।

आरामदायक कपड़े पहनाएं

नवजात शिशु को हमेशा आरामदायक कपड़े पहनाने चाहिए। गर्मी या सर्दी के सीजन में उन्हें एक बार में सिर्फ एक जोड़े कपड़े ही पहनाने ही चाहिए। गर्मियों की बात करें, तो नवजात शिशुओं के लिए कई तरह के स्टाइल कपड़े बाजार में आते हैं। जिन्हें आप बच्चे को तभी पहनाएं जब वो जाग रहा हो और कुछ समय के लिए खेलने के मूड में हो। लेकिन अगर आप बच्चे को सुलाना चाहते हैं, तो उसे हमेशा आरामदायक और कॉटन के हल्के कपड़े पहनाएं। हो सके तो, बच्चे को नाइट ड्रेस भी पहनाएं।

सोने के लिए बच्चे की निश्चित दिनचर्या बनाएं

बच्चों की नींद के घरेलू नुस्खे अपना रही हैं, तो हर दिन बच्चे के सोने, जागने और स्तनपान की एक निश्चित दिनचर्या बनाएं। ऐसा करने से बच्चा अपने एक फिक्स समय में उठेगा, ब्रेस्टफीडिंग करेगा और फिर गहरी नींद में सो जाएगा। एक ही समय पर बच्चे की इस सोने की आदत से धीरे-धीरे बच्चा खुद ही समझ जाएगा कि उसे इसी समय पर सोना है।

सोने के कमरे में उजाला न रखें

बच्चे के सोने के कमरे में सामान्य तापमान के साथ-साथ अंधेरा भी रखें। अंधेरा नींद से जुड़े हार्मोन मेलाटोनिन को बढ़ाने में मदद करता है। और यही वजह है कि हमें अंधेरे कमरे में जल्दी और अच्छी नींद आती है।

आवाज करने वाली चीजें दूर रखें

बच्चा जिस भी कमरे में सोता हो, वहां पर टीवी, म्यूजिक सिस्टम सब बंद रखें। और अगर बच्चा सो रहा है, तो उसके आसपास मोबाइल फोन भी न रखें। अगर बच्चे के सोते समय आपको घर के काम करने हैं, तो ध्यान रखें कि ज्यादा आवाज न होने दें। शांति का माहौल बनाएं रखें।

सुलाने से पहले डायपर जरूर पहनाएं

बच्चों की नींद के घरेलू नुस्खे के लिए जरूरी है कि आप बच्चे को हमेशा सूखा रखें। बच्चे को हमेशा अच्छी क्वालिटी वाले डायपर पहनाएं, ताकि वो बच्चे की लंबी नींद के दौरान कम से कम 8 घंटे तक बच्चे द्वारा किए गए पेशाब को सोख लें और बच्चे को गिलापन का एहसास न हो। गीलापन होने के कारण बच्चे को ठंड महसूस हो सकती है, जिससे उसकी नींद जल्दी टूट सकती है और इसकी वजह से बच्चे को दाने और खुजली की भी समस्या हो सकती है।

बच्चे की मालिश करें

मालिश करने से बच्चे के शरीर में फुर्ती आती है और शरीर में खून के बहाव की प्रक्रिया भी बेहतर बनने में मदद मिलती है। दिन में जब भी बच्चा सोकर उठे तो मालिश जरूर करें। मालिश करने के बाद बच्चे बहुत जल्दी सो जाते हैं, क्योंकि मालिश की प्रक्रिया के दौरान उनका शरीर काफी थक जाता है।

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