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बच्चे को किस उम्र में जिम्मेदारी सीखनी चाहिए? जानें उम्र के अनुसार बच्चों को जिम्मेदारी समझाना
Teaching responsibility to your child: बच्चों को जिम्मेदार बनाने के लिए आपको उन्हें सही उम्र में सही जिम्मेदारियां देनी होंगी। तभी वे समय के साथ अपने आप जिम्मेदार बनेंगे।
बच्चों में उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक और मानसिक, दोनों ही तरीके से विकास होना चाहिए। शारीरिक विकास के लिए तो सही खान-पान और एक्सरसाइज आदि जरूरी है। लेकिन, मानसिक विकास के लिए जरूरी है कि आप उन्हें भावनात्मक रूप से और क्रियात्मक रूप से जिम्मेदार बनाएं। ये दोनों ही बच्चों में समझदारी विकसित करती है और उन्हें एक बेहतर इंसान के रूप में तैयार करती है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आप अपने बच्चों को जिम्मेदार कब और कैसे बना सकते हैं। तो, आइए हम आपको बताते हैं कि किस उम्र में, किन कामों की जिम्मेदारी दे कर आप अपने बच्चों को जिम्मिदार बना सकते हैं।
उम्र के अनुसार बच्चों को दें अलग-अलग जिम्मेदारियां-Teaching responsibility to child according to age
1. 6 से 8 साल की उम्र में पर्सनल हाइजीन और रख-रखाव की जिम्मेदारी दें
पर्सनल हाइजीनएक ऐसी चीज है जिसका हर किसी को ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में माता-पिता की एक बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे अपने बच्चे को उम्र बढ़ने के साथ साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन के बारे में बताएं। जैसे कि आप अपने बच्चे को बता सकते हैं कि अपने बेड को कैसे साफ रखें। आप उन्हें बता सकते हैं कि टॉयलेट जाने के बाद हाथों की सफाई कैसे करें। कैसे नहाएं, नाखून कैसे साफ करें और खाने-पीने से पहले और बाद में साफ-सफाई से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखें।
2. 9 से 12 साल की उम्र में घर और रसोई के कुछ कामों की जिम्मेदारी दें
9 से 12 की उम्र एक ऐसी उम्र होती है जिसमें कि आपका बच्चा समझदार बन सकता है। वो जो अपने आस-पास देखेगा वही सीख लेगा। ऐसे में आप इस उम्र में रसोई के छोड़े-बड़े काम जैसे डाइनिंग टेबल पर खाना लगाना, सब्जियां काटना और धोना, बर्तन धोना और कपड़ों को सूखने डालना जैसी छोटी-छोटी चीजें बता सकते हैं। साथ ही आप उन्हें कुछ आसान रेसिपी भी बता सकते हैं।
3. 12 से 15 साल की उम्र में घर के सामान लाने की जिम्मेदारी दें
12 साल से 15 साल के उम्र के बच्चे घर के सामान लाने की जिम्मेदारी उठा सकते हैं। आपको उन्हें चीजें बतानी होंगी। जैसे कि कौन सी चीज कितने की आती है। कौन सी चीज कितनी महंगी है और कहां से क्या लेना है। एक दो बार बच्चों को अपने साथ ले जाएं और फिर अगली बार उनके साथ जाएं। पर उन्हें ही चीजें करने दें। ऐसा एक-दो बार करने के बाद उन्हें ही चीजों को लाने दें। इससे उन्हें पैसे के साथ चीजों की कीमत समझ आएगी। साथ ही आगे से वे इन कामों में आप से भी स्मार्ट और एक्सपर्ट हो जाएंगे।
4. 15 से 17 साल की उम्र में अपने और घर के बुजुर्गों के कामों की जिम्मेदारी दें
अगर आप अपने बच्चे को हर तरह से बेहतर इंसान बनाना चाहते हैं तो आपको अपने बच्चों को अपने और घर के बुजुर्गों के कुछ कामों की जिम्मेदारी देनी चाहिए। जैसे कि घर में कोई बीमार हो तो उसकी सेवा करना, दवा देना और जरुरत पड़ने पर हॉस्पिटल ले जाना। साथ ही उन्हें घर के बुजुर्गों के बैंक के काम और दवा लानी जैसी चीजों की जिम्मेदारी दें। ऐसे बच्चे मानसिक और इमोशनल तरीके से भी अपने घर वालों की जिम्मेदारी समझेंगे।
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