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ऐसा माना जाता है कि बच्चों की याददाश्त बड़ों की अपेक्षा अधिक बेहतर होती है। वह चीजों को देखकर, पढ़कर या सुनकर उसे जल्दी सीखते हैं और याद रखते हैं। हालांकि, हर बच्चे के साथ ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ बच्चे चीजों को देखते या सुनते तो हैं, लेकिन फिर भी उन्हें उसे याद रखने में परेशानी होती है। ऐसे बच्चे अमूमन अपनी पढ़ाई में भी बेहतर परफॉर्म नहीं कर पाते हैं, क्योंकि वह याद तो करते हैं, लेकिन फिर जल्द ही उसे भूल भी जाते हैं।
अगर किसी बच्चे के साथ यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है तो ऐसे में किसी एक्सपर्ट को दिखाना बेहद आवश्यक हो जाता है। लेकिन अगर आपने बच्चे में हाल ही में कुछ बदलाव देखे हैं तो ऐसे में आप कुछ उपाय अपनाकर शुरुआत में ही इस समस्या को रोक सकती है। दरअसल, बच्चों के चीजें भूलने के पीछे उनका खानपान व स्लीप पैटर्न जिम्मेदार होता है। ऐसे में अगर उसे ठीक कर लिया जाए तो बच्चे की समस्या खुद ब खुद दूर हो जाती है।
अच्छी नींद ले बच्चा
नींद और याददाश्त का आपस में गहरा कनेक्शन होता है। यदि बच्चे को पर्याप्त नींद मिले तो उसकी स्मरण शक्ति (इन तरीकों से बातों को रखें याद) बढ़ सकती है। अच्छी नींद से बच्चों में सोचने, समझने और याद रखने की शक्ति का विकास होता है। इसलिए, कोशिश करें कि बच्चे हर दिन एक निश्चित समय पर बेड पर जाएं और उस दौरान टीवी, मोबाइल व टैब जैसे उपकरण उनसे दूर रखें।
पोषक तत्वों से युक्त हो आहार
बच्चों को एक संतुलित आहार दिया जाना बेहद आवश्यक है। यह ना केवल उनके शारीरिक विकास में मददगार है, बल्कि इससे उनकी मानसिक क्षमता भी प्रभावित होती है। बच्चों की याददाश्त को बेहतर बनाने के लिए उनके खान-पान में कुछ बदलाव करना आवश्यक होता है। कुछ शोध बताते हैं कि विटामिन डी, विटामिन बी1, बी12, बी6, आयरन, आयोडीन आदि का प्रभाव बच्चों की स्मरण शक्ति पर पड़ता है।
वाटर इनटेक पर करें फोकस
छोटे बच्चे अपना ख्याल नहीं रख सकते। वे पढ़ाई, खेलकूद, अपने परिवेश में बदलाव आदि में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि वे अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को पीने के पानी का अभ्यास कराएं। इसके लिए वे अलार्म भी लगा सकते हैं। जिसके बाद बच्चे को एक गिलास पानी पीना चाहिए। आपको बता दें कि पानी के सेवन से याददाश्त बढ़ाई जा सकती है।
खेलें माइंड गेम्स
यह एक मजेदार तरीका है बच्चों की मेमोरी को बूस्ट करने का। आप उनके साथ सुडोकू से लेकर पहेलियां पूछने तक जैसे कई गेम्स खेल सकती हैं। तरह-तरह के पजल्स सॉल्व करना बच्चों को काफी अच्छा लगता है। साथ ही साथ, उनकी स्मरण शक्ति भी बेहतर होती है। बता दें कि पहेलियों पर शोध भी हो चुका है, जिससे यह साबित होता है कि पजल खेलने से बच्चे की स्मरण शक्ति पर असर पड़ता है।
करें रोल प्ले
सुनने में आपको शायद अजीब लगे, लेकिन रोल प्ले जैसे खेल भी बच्चों की याददाश्त बढ़ाते हैं। जब वह एक टीचर बनते हैं तो वह अपने बच्चों को एक विषय के बारे में समझाएंगे और पढ़ाएंगे, फिर उन्हें उस विषय से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी और वे आसानी से याद भी कर सकेंगे। इस अभ्यास से उनकी मानसिक शक्ति का भी विकास होगा।
करवाएं बाहरी दुनिया की सैर
भले ही आज के समय में सब कुछ घर के अंदर रहकर मिल सकता है, लेकिन फिर भी उनकी बेहतर याददाश्त के लिए आप उनके साथ टहलने निकल जाएंग। ऐसा करने से वह कई नई चीजों को अपनी आंखों से देखेंगे। यहां तक कि जिन चीजों को उन्होंने सिर्फ स्क्रीन या तस्वीरों में देखा होगा, उसे रियल में देखने का मौका मिलता है। इससे न सिर्फ उनका ज्ञान बढ़ेगा बल्कि उनका मानसिक विकास भी होगा। यह अभ्यास बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ाने में भी सहायक होता है।
बच्चों को जोर से पढ़ने के लिए कहें
कुछ बच्चे जब भी कुछ पढ़ते हैं तो वह धीरे-धीरे पढ़ते हैं। लेकिन ऐसा करने से उन्हें जल्दी याद नहीं होता है। वहीं याद की गई चीजों को वह जल्द भूल भी जाते हैं। ऐसे में अपने बच्चों से कहें कि वे जो कुछ भी पढ़ रहे हैं, उसे जोर से पढ़ें। इससे उन्हें अपनी आवाज सुनने और याद रखने में आसानी होगी।
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