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क्या छोटे बच्चों को चाय पिलाना सुरक्षित है? जानें बच्चे को किस उम्र से चाय दें और इसके फायदे-नुकसान

घरों में बड़ो को चाय पीते देखकर बच्चों को भी इसकी आदत लगते देर नहीं लगती।
कई बार घर में बड़ों को देखकर छोटे बच्चे भी चाय पीने की जिद करने लग जाते हैं। लेकिन चाय में कैफीन और शुगर की मात्रा ज्यादा होने के कारण ये बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। बच्चों को अधिक मीठा और कैफीन युक्त पदार्थ देने से बच्चों के दांत खराब हो सकते हैं, साथ ही इसके कारण टाइप 1 डायबिटीज, असंतुलित विकास और बच्चों को नींद ना आने की समस्या हो सकती है। कई बार हम बच्चे के दूध में भी थोड़ी सी चाय मिला कर देते हैं, वो भी बच्चे के शरीर के लिए काफी हानिकारक हो सकती है।
बच्चों को कब देनी चाहिए चाय

अब तक किसी भी रिसर्च से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों को किस उम्र में चाय देना शुरू करना चाहिए, लेकिन कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे को चाय बिल्कुल भी न दें क्योंकि इसमे कैफीन की मात्रा काफी अधिक होती है, जिस कारण बच्चों के दांतो में कैविटी की समस्या और पेट खराब जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
बच्चों को कौन सी चाय दें

आमतौर पर बच्चों को चाय पिलाने की सलाह नहीं दी जाती हैं, क्योंकि इसमे कैफीन और शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसके सेवन से बच्चों को जल्दी-जल्दी पेशाब आने की समस्या भी हो सकती है। वहीं अगर बच्चा बहुत जिद कर रहा है और उसे चाय देना जरूरी भी हो जाए, तो उसे हर्बल चाय, जैसे- कैमोमाइल टी, अदरक की चाय और सौंफ की चाय दी जा सकती है। ध्यान रखें जब भी बच्चों के लिए चाय बनाए उसमें चाय-पत्ती और शुगर की मात्रा काफी कम रखें।
बच्चों को चाय देने के फायदे

हर्बल चाय, कैमोमाइल टी, अदरक की चाय और सौंफ की चाय सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। बच्चों को निश्चित मात्रा में ये चाय देने से कई फायदे मिल सकते हैं। बच्चों को सर्दी, खांसी, बदन दर्द और जुखाम में चाय दी जा सकती है। इसे पीने से बच्चों को सर्दी-खांसी में आराम मिलता है।


बच्चों को चाय देने के नुकसान

कम उम्र में चाय पिलाने से बच्चों की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। चाय पीने से कैल्शियम ठीक तरह से अवशोषित नहीं हो पाता, जिस कारण बच्चों की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

चाय पीने से बच्चों को नींद न आने की समस्या भी हो सकती है। इसमें मौजूद कैफीन बच्चों में बेचैनी को बढ़ा सकता है।

ज्यादा चाय के सेवन से बच्चे चिड़चिड़े होने लगते हैं। बच्चों को किसी काम में मन नहीं लगता।

बच्चों को ज्यादा चाय पिलाने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।

चाय का नियमित रुप से सेवन पर पर बच्चों में डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है।

इसलिए छोटे बच्चों को चाय न पिलाएं और न ही उनके सामने पिएं। इससे बच्चा जिद करेगा और आपको उसे चाय देना पड़ेगा।

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