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बच्चों में 5 से 12 वर्ष की आयु में प्रोटीन की आवश्यकता होती है दोगुनी, यूं करें उनकी डायट में प्रोटीन शामिल

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी एम्वे इंडिया ने ‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’ अभियान लॉन्च किया है। इंडियन मेडिकल गैजेट में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, भारत में प्रोटीन का अभाव एक बड़ी चिंता का विषय है। 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय आहारों में प्रोटीन कम होता है। जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में प्रकाशित एक अन्य लेख से पता चलता है कि भारत में लगभग 50 प्रतिशत बच्चों में प्रोटीन की कमी है। एम्वे का ‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’ अभियान इस तथ्य पर केन्द्रित है कि 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता दोगुनी हो जाती है, ताकि उनकी वृद्धि को सहयोग मिले और किशोरवय में यह आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।


कंपनी ने एक व्यापक अभियान ‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’ शुरू कर अभिभावकों को प्रोटीन के लाभ बताने का बीड़ा उठाया है। इस अभियान के एक हिस्से के तौर पर एम्वे अपने डायरेक्ट सेलर्स और देश के ग्राहकों को बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता समझाने के लिए कई पहल कर रहा है। कंपनी ने एक प्रोटीन कैल्कुलेटर ऐप भी लॉन्च की, जिससे प्रोटीन के सेवन की सही मात्रा का आकलन करने में मदद मिलती है और इसकी कमी के बारे में पता चलता है। एम्वे ने सोशल मीडिया पर ट्रिविया की एक श्रृंखला ‘डिड यू नो’ प्रस्तुत की है, ताकि बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता पर ज्ञानवर्द्धन किया जा सके। इसके अलावा, एम्वे ने अग्रणी पोषण विशेषज्ञों के साथ मिलकर मजेदार और स्वादिष्ट रेसिपीज भी तैयार की हैं, जिन्हें न्यूट्रिलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन पाउडर से आसानी से बनाया जा सकता है।

‘‘यह अभियान जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर की इस रिपोर्ट पर आधारित है कि भारत में लगभग 50 प्रतिशत बच्चों में प्रोटीन की कमी है। यह ऐसी माताओं पर लक्षित है, जिन पर हमारे देश के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य का दायित्व है।

बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता समझाते हुए एम्वे इंडिया में न्यूट्रिशन एंड वेलनेस कैटेगरी हेड अजय खन्ना ने कहा, ‘‘शुरुआती साल बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस समय वृद्धि तेजी से होती है इसलिए, उन्हें अपने समग्र विकास के लिए एक जबर्दस्त शुरुआत चाहिए। अंगों के कार्य, मांसपेशियों की मरम्मत और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है। आईसीएमआर के अनुसार, 5 से 12 वर्ष की आयु में प्रोटीन की आवश्यकता दोगुनी हो जाती है। हालांकि, लगभग 50 प्रतिशत बच्चों में प्रोटीन की कमी है। हमारा ब्रांड सभी के अच्छे स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती में विश्वास करता है, इसलिए यह आंकड़े सचेत करने वाले हैं। न्यूट्रिलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन पाउडर की एक अच्छी विशेषता यह है कि इसे किसी भी भोजन में मिलाया जा सकता है, क्योंकि इसका स्वाद प्राकृतिक है। यह बच्चों में प्रोटीन की कमी को दूर करेगा।’

बच्चों के लिए जरूरी अनाज, सब्जियां
अधिकांश बच्चे संतुलित आहार नहीं लेते हैं, जिसमें प्रोटीन होता है, जैसे कि अनाज, फल, सब्जियां और स्वास्थ्यकर वसा की अल्प मात्रा। वसा और कार्बोहाइड्रेट्स के विपरीत प्रोटीन शरीर में संचित नहीं होते हैं इसलिए लगातार क्षतिपूर्ति आवश्यक है। प्रोटीन से मांसपेशियां, अस्थियां और शरीर के अन्य अंग बनते हैं और यह शरीर की वृद्धि और रख-रखाव के लिए अनिवार्य है। न्यूट्रिलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन पाउडर को जूस, मिल्कशेक, छाछ, सूप और दाल में मिलाने से इनका स्वाद नहीं बदलता है।

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