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बच्चे का दिमाग तेज बनाने के लिए प्रेग्नेंसी में जरूर खाएं ये चीजें -
सैडाइन (खाई जाने वाली एक प्रकार की छोटी समुद्री मछली) : सैडाइन (फिश) DHA (डोकोसाहेक्सानोइक एसिड) का अच्छा स्त्रोत है। बता दें कि DHA भ्रूण के मस्तिष्क के विकास में अहम भूमिका अदा करता है। सैडाइन्स में मर्करी या पारा होने की संभावना बहुत कम रहती है और ये विटामिन डी का बहुत अच्छा स्त्रोत होती हैं। जबकि बाकी मछलियों में मर्करी की मात्रा अधिक होती है जो प्रेग्नेंसी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को हर सप्ताह कम से कम फिश के दो हिस्से खाने चाहिए जिसमें से एक ऑयली होना चाहिए। फिश को या तो पैन फ्राई कर लें या ग्रिल करके खाएं।
पालक, सुपर न्यूट्रिएंट: फोलेट-नए डीएनए के बनने के लिए जरूरी फोलेट पालक में भरपूर मात्रा में होता है। इसके एंटीऑक्सिडेंट भी बच्चे के मस्तिष्क के ऊतकों को क्षति पहुंचने से बचाते हैं।
अंडे प्रोटीन और आयरन का बढ़िया स्त्रोत: ये मस्तिष्क को विकसित करने में भूमिका अदा करता है। इनमें मौजूद कोलीन की उच्च मात्रा याद्दाश्त और सीखने की क्षमता को विकसित करती है। गर्भवती महिलाओं को अंडा खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, सेलेनियम, जिंक, विटामिन A, D और कुछ मात्रा में B कॉम्प्लेक्स भी पाया जाता है जो शरीर की सभी जरूरतों को पूरा करने का सबसे बेहतर सुपर फूड है। ये बात कई स्टडी में भी सामने आ चुकी है कि गर्भावस्था के दौरान अंडा खाने से बच्चे का दिमाग तेज होता है।
पीनट्स, विटामिन E से भरपूर: प्रेग्नेंसी के दौरान पीनट्स सबसे अच्छा स्नैक्स है. प्रोटीन से भरपूर, नियासिन, फोलेट मौजूद होता है। विटामिन E की उच्च मात्रा DHA की मदद करता है और ब्रेन सेल मेम्ब्रेन्स की भी सुरक्षा करता है. बिना नमक के रोस्टेड या प्राकृतिक पीनट्स खाएं।
कद्दू के बीज: जिंक-कद्दू या पंपकिन के बीजे जिंक का शानदार स्त्रोत है: ये मष्तिष्क की संरचना बनाने में अहम भूमिका अदा करता है। इसके अलावा मष्तिष्क के उन भागों को भी सक्रिय बनाता है जो सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का काम करते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान जिंक की 7 mg मात्रा जरूरी है। रोस्ट किए हुए बिना छीले हुए बीजे खाएं।
योगर्ट : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रेग्नेंट महिलाओं को सावधान किया है कि आयोडीन की कमी कई मानसिक बीमारियों की वजह बन सकती है। योगर्ट आयोडीन का सबसे बढ़िया स्त्रोत है। ग्रीक योगर्ट में ज्यादा प्रोटीन होती है। आयोडीन की 140 mg मात्रा लेने का परामर्श दिया जाता है।
बीन्स और दालें: अगर आप मीट खाने के शौकीन नहीं है तो बीन्स और लेंटिल्स प्रोटीन और आयरन का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। इसके अलावा फोलेट, फाइबर और कैल्शियम का भी बढ़िया स्त्रोत है। भुनी हुई बीन्स में जिंक भी भरपूर होता है।
स्वीट पोटैटो- बीटा कौरोटीनबीटा कैरोटीन को शरीर विटामिन A में तब्दील कर देता है जो बच्चे के सेंट्रल नर्वस सिस्टम के विकास के लिए जरूरी होता है।
एवोकैडो, मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड : फैट विकसित हो रहे मष्तिष्क का 60 प्रतिशत भाग बनाता है। एवोकैडोस में ओलेइक एसिड की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है जो सेंट्रल नर्स सिस्टम की सुरक्षा करने में मदद करता है।
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