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शरीर में इस एक खराबी के कारण मां नहीं बन पाती हैं महिलाएं, एक्सपर्ट डॉक्टर ने बताया उपचार
निसंतानता विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा से जानिए क्या है बांझपन की मुख्य वजह क्या है।
Fallopian Tube Blockage Treatment In Ayurveda: जीवनशैली में आए बदलावों और शरीर की कुछ अंदरूनी समस्याओं के कारण अक्सर महिलाएं मां नहीं बन पाती हैं। निसंतानता विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा से जानिए क्या है बांझपन की मुख्य वजह क्या है।
वर्तमान समय में महिलाओं में बांझपन की मुख्य वजह बंद फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube Blockage Treatment) है। जिसकी वजह से महिलाएं गर्भधारण नही कर पाती है और निसंतानता (Female Infertility) की चपेट में चली जाती है। आजकल की जीवन शैली एवं दूषित खानपान ने महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है। फैलोपियन ट्यूब वह होती है जोकि महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु को गर्भाशय तक पहुंचाने का कार्य करती है और यदि यह ट्यूब ही बंद हो तो निषेचन की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है और महिलाओं को बांझपन की समस्या का सामना करना पड़ता है।
विश्व स्तरीय आंकड़े बताते है कि ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब की वजह से 40 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन की समस्या होती है। सीधे शब्दों में अगर कहें तो फैलोपियन ट्यूब बंद हो जाने के बाद संतान पैदा होने में बहुत बड़ी समस्याएं आती है। निसंतानता विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि एक ट्यूब ओपन है और वह पूरी तरह से कार्य कर रही है तो महिला संतान पैदा कर सकती है परंतु दोनों ट्यूब बंद हो जाने के बाद बच्चे पैदा करने की संभावना बिल्कुल भी नही होती है।
जानिए कैसे बंद हो जाती है महिलाओं की ट्यूब?
महिलाओं की ट्यूब बंद होने के कई कारण है जो ट्यूब को बंद करने के लिए जिम्मेदार होती है। कुछ कारक तो ऐसे भी है जो लगभग हर महिला को प्रभावित करते है जैसे जीवन शैली एवं खानपान परंतु इसके अतिरिक्त भी कुछ है जो महिलाओं की ट्यूब को बंद कर सकते है।
महिलाओं के गर्भाशय में TB
बार-बार गर्भपात होना
सर्जरी
अनचाही गर्भावस्था को दूर करने के लिए दवाओं का सेवन
अधिक शराब एवं धूम्रपान का सेवन।
शारीरिक गतिविधियों की कमी।
अधिक तेलयुक्त एवं मसालेादर भोजन
परिष्कृत चीनी एवं संरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन।
लाल मांस तथा अधिक वसा युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन
अनियमित माहवारी एवं मोटापा इत्यादि इसकी वजह है जो ट्यूब को ब्लॉक कर देते।
क्या बंद फैलोपियन ट्यूब का इलाज संभव है?
जी हां, अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब का इलाज अब आयुर्वेद पद्धति (Fallopian Tube Blockage Treatment in Ayurveda) में पूरी तरह से संभव है और प्रभावी भी है। आयुर्वेद की प्राचीन पंचकर्म चिकित्सा पद्धति ट्यूब को खोलने में पूर्ण रूप से सक्षम है। पंचकर्मा पद्धति के अंर्तगत पांच प्रकार (वमनकर्म , विरेचन कर्म, बस्तीकर्म (उत्तरबस्ती) नास्यकर्म, रक्तमोक्षण कर्म) चिकित्सा शामिल है।
उत्तर बस्ती चिकित्सा पंचकर्म की उत्कृष्ट चिकित्सा विधि है। उत्तर बस्ती के द्वारा ट्यूब में होने वाला ब्लॉक आसानी से खुल जाता है और महिला बच्चे करने के योग्य बन जाती है। उत्तर बस्ती चिकित्सा किसी अच्छे पंचकर्म केन्द्र के प्रशिक्षित चिकित्सक की देखरेख में करवानी चाहिए। उत्तर बस्ती चिकित्सा में आईवीएफ (IVF) या लैप्रोस्कोपी की अपेक्षा कम खर्च आता है और सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी सफलता दर भी आईवीएफ के मुकाबले ज्यादा है।
ट्यूब ब्लॉकेज के अतिरिक्त महिला बांझपन कि किन समस्याओं को उत्तर बस्ती के द्वारा ठीक किया जाता है?
आयुर्वेद की उत्तर बस्ती चिकित्सा पंचकर्म चिकित्सा की जननी मानी जाती है। उत्तर बस्ती के द्वारा महिला बांझपन (Female Infertility) में जितनी भी समस्याएं आती है उनको उत्तर बस्ती एवं हर्बल औषधियों के माध्यम से ठीक किया जाता है।
यूरिन फाइब्रॉयड्स
एंडोमेट्रियोसिस
हाइड्रोसाल्पिनक्स
लो एएमएच
सिस्ट इत्य़ादि
गर्भाशय में टीवी
अनियमित माहवारी
एक्टोपिक प्रेगनेंसी (अस्थाई गर्भावस्था)
फैलोपियन ट्यूब खोलने के घरेलू उपाय (Fallopian Tube Blockage Treatment Without Surgery)
यदि एचएसजी टेस्ट (Hysterosalpingogram Test) में साबित हो चुका है कि आपकी ट्यूब बंद है जिसके कारण आप संतान का जन्म नही दे सकती है। तो आप कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर संतान प्राप्ति की कोशिश कर सकती है।
शराब एवं धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बना लें।
अपने आहार-विहार, दिनचर्या एवं अच्छी जीवनशैली का पूरी तरह से पालन करें।
योग एवं व्यायाम नियमित रुप से करें।
शक्कर की मात्रा कर कर दें और यदि मोटापा है तो वजन नियंत्रण की पूरी कोशिश करें।
पूरी तरह से संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपने डाइट प्लान में शामिल करें।
तनाव को अपने से कोसों दूर रखें।
कुछ फर्टिलिटी मसाज है उसकी मदद लें।
कैस्टर आयल को प्रयोग में लायें।
अलसी के बीजों को अपनी डाइट में शामिल करें।
पर्याप्त नींद लें और यदि नींद से संबंधित कोई समस्या है तो डॉक्टर से परामर्श जरुर करें।
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