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महिलाओं के मां बनने में आ रही दिक्कतों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मौजूदा समय में एक बड़ी समस्या ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब (Blocked Fallopian Tubes) की देखी जा रही है. डॉक्टरों के मुताबिक आधुनिक समय में फर्टिलिटी का इलाज करवा रहीं 20-30 फीसदी महिलाओं में यह समस्या है. ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब की समस्या कई वजह से पैदा होती है, हालांकि मेडिकल साइंस में इस परेशानी का इलाज उपलब्ध है. इस टेस्ट को कराने में 2000 से 3500 रुपये के बीच खर्च (HSG Test Cost) आता है.
क्या होते हैं फैलोपियन ट्यूब
आप एक महिला हैं और आप मां बनना चाहती हैं, तो आपको पता होगा कि आपके शरीर में कुदरत ने कई ऐसी चीजें बनाई हैं जो मर्दो के पास नहीं होती. आपके शरीर में ओवरीज (Ovaries) है जो हर माह एक अंडा बनाता है. इसे मेडिकल की भाषा में ओवुलेशन (Ovulation) कहा जाता है. इसके साथ ही आपकी बॉडी में एक गर्भाशय (Uterus) है. इसका भी पूरी तरह से ठीक होना जरूरी होता है. इसके साथ इन अंगों के बीच दो फैलोपियन ट्यूब्स (Fallopian Tubes) होते हैं. किसी महिला के मां बनने के लिए इन फैलोपियन ट्यूब्स का ओपन रहना अनिवार्य है.
फैलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक्ड होने पर क्या होगा
अगर आपका फैलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक हैं तो आप मां नहीं बन सकती. इन ट्यूब्स के ब्लॉक होने पर आपके ऐग्स गर्भाशय तक पहुंचेंगे. इसी तरह इसके ब्लॉक होने पर स्पर्म भी गर्भाशय तक नहीं पहुंच पाएंगे. दरअसल, इन्हीं ट्यूब्स के जरिए गर्भाशय (Uterus) में ऐग्स और स्पर्म पहुंचते हैं और वहां पर ये फर्टाइल होकर भ्रूण का शक्ल लेते हैं.
ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब का पता लगाने का तरीका
आधुनिक मेडिकल साइंस में ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब का आसानी से पता लगाया जा सकता है. इसके लिए एक खास टेस्ट किया जाता है. इस टेस्ट का नाम है हिस्टेरोसैल्पिंगोग्राम (hysterosalpingogram). संक्षेप में इसे HSG टेस्ट कहा जाता है. इस टेस्ट को एक प्रक्रिया के जरिया अंजाम दिया जाता है. इसमें आपके फैलोपियन ट्यूब्स और यूट्रस का एक्सरे किया जाता है. इस एक्सरे में ही आपके ट्यूब ब्लॉक हैं या नहीं, इसका पता चलता है. यह एक बहुत छोटी प्रक्रिया होती है और इसमें करीब पांच मिनट का समय लगता है.
कब कराया जाता है ये टेस्ट
एचएसजी टेस्ट को आपकी सुविधा के अनुसार नहीं करवाया जा सकता. आमतौर पर डॉक्टर इसे पीरियड खत्म होने और ओवुलेट होने से पहले करवाते हैं. यह समय पीरियड के पहले 14 दिन के बीच में यानी पीरियड आने के 7-8 दिन बाद का होता है.
कैसे किया जाता है यह टेस्ट
डॉक्टर आमतौर क्लिकिन में ही यह टेस्ट कर लेते हैं. इसके लिए आपको एक टेबल पर लेटाकर फैलोपियन ट्यूब वाली जगह का एक्सरे इमैज लिया जाता है. इस एक्सरे को फ्लोरोस्कोप (fluoroscope) कहा जाता है. इसके लिए डॉक्टर वजिना (vagina) में स्पेकुलम डालते हैं जिससे कि वह ओपन रहे. इसके साथ ही डॉक्टर सर्विक्स (cervix) को क्लिन करते हैं. गर्भाशय के निचले हिस्से को सर्विक्स कहा जाता है. इसके बाद डॉक्टर सर्विक्स में एक पतला ट्यूब डालते हैं. इस पतले ड्यूब को कैन्नूला (Cannula) कहते हैं. सर्विक्स में कैन्नूला डालने के साथ स्पेकुलम को निकाल लिया जाता है. इसके बाद यूट्रस में आयोडिन युक्त तरल पदार्थ डाले जाते हैं. आयोडिन तरल पदार्थ के कारण यूट्रस और फैलोपिनय ट्यूब कंट्रास्ट दिखने लगते हैं. इतनी प्रक्रिया करने के बाद डॉक्टर फ्लोरोस्कोप एक्सरे से तस्वीर लेते हैं. इसी तस्वीर में आपके फैलोपियन ट्यूब के ओपन या बंद होने की जानकारी मिलती है.
टेस्ट में होता है मामूली दर्द
फॉलोपियन ट्यूब टेस्ट की प्रक्रिया करने में करीब 5-7 मिनट लगते हैं. इस प्रक्रिया में थोड़ा दर्द होता है. ऐसे में टेस्ट से करीब एक घंटा पहले डॉक्टर आमतौर पर पेन किलर देते हैं. टेस्ट के बाद भी आपको अगले कुछ दिनों तक परेशानी रह सकती है. इसमें पेट के निचले हिस्से में दर्द, थकान जैसे लक्षण आम हैं. इसमें पेल्विक इंफेक्शन या इंजरी की आशंका रहती है. ऐसे में कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
पीरियड के बाद और टेस्ट से पहले क्यों नहीं बनाना चाहिए फिजिकल रिलेशन
पीरियड के बाद और एचएसजी टेस्ट से पहले डॉक्टर फिजिकल रिलेशन बनाने से मना करते हैं. दरअसल, इसके पीछे का लॉजिक यह है कि पीरियड के बाद अगर आप इंटरकोर्स करती हैं तो हो सकता है आप प्रेग्नेंट हो जाएं, लेकिन आपको पता न चले. ऐसी स्थिति में एचएसजी टेस्ट नहीं करवाया जा सकता. ऐसे में डॉक्टर ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए पीरियड के बाद टेस्ट होने तक फिजिकल रिलेशन बनाने से मना करते हैं.
इलाज
आधुनिक मेडिकल साइंस में ब्लॉक्ड फॉलोपियन ट्यूब का इलाज उपलब्ध है. ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब के अधिकतर मामलों के पीछे इंफेक्शन और ट्यूबरक्लोसिस जैसे कारण होते हैं. इसे मामूली सर्जरी के जरिए ओपन किया जाता है. लेप्रोस्कोपिक सर्जरी भी बेहतर विकल्प है.
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