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फूड पॉइजनिंग होने पर खा सकते हैं ये फूड्स, मिलेगी राहत
नारियल पानी
फूड पॉइजनिंग के पहला लक्षण उल्टी या दस्त है जिसके कारण शरीर से द्रव पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट (कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट और सोडियम जैसे मिनरल या खनिजों को इलेक्ट्रोलाइट्स कहा जाता है) बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में नारियल पानी द्रव स्तर को बनाए रखने और पेट को शांत करने में मदद करता है.
अदरक की चाय
फूड पॉइजनिंग के लक्षणों को तुरंत कम करने का बेहतरीन उपाय है अदरक की चाय का सेवन करना. अदरक में रोगाणुरोधी एजेंट खाद्य जनित रोगजनकों से लड़ने और रिकवरी प्रक्रिया को गति देने में मदद कर सकते हैं. बेहतर परिणाम के लिए रोजाना 2-3 तीन अदरक की चाय पी जा सकती है.
दही
दही एक प्रकार का एंटीबायोटिक है इसलिए फूड पॉइजनिंग के इलाज में इसे आहार में शामिल करना चाहिए. इसमें थोड़ा काला नमक डालकर खाएं, तो इससे तेज फायदा मिलेगा. इसके अलावा दही में पानी और शक्कर डालकर पतला घोटकर इसे लस्सी की तरह भी पिया जा सकता है.
लहसुन
एंटी फंगल गुण होने से लहसुन को खाने से पेट में दर्द की समस्या दूर हो सकती है. इसके सेवन से दस्त में भी आराम मिलता है. यदि आप सुबह खाली पेट लहसुन की कच्ची कलियों को पानी के साथ खाएंगे, तो इससे जल्द फायदा महसूस होगा.
केला
फूड पॉइजनिंग के लक्षणों का इलाज करने के लिए डॉक्टरों द्वारा केला खाने की सलाह दी जाती है. यह कम वसा, कम डाइटरी फाइबर और गैर-मसालेदार होता है, इसलिए फूड पॉइजनिंग के कारण होने वाली मतली, उल्टी, दस्त, पेट में मरोड़ आदि की समस्या को बदतर होने से रोकता है.
तुलसी
तुलसी में कई जैविक रूप से सक्रिय यौगिक होते हैं. तुलसी में रोगाणुरोधी एजेंट स्टैफिलोकोकस ऑरिसस के विकास को रोकते हैं. यह एक बैक्टीरिया है जो आमतौर पर फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. तुलसी के पत्ते खाद्य जनित रोगाणुओं से संबंधित पेट दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं. तुलसी का रस बनाकर पीना बहुत फायदेमंद है.
मेथी दाना
मेथी दाना का सेवन फूड पॉइजनिंग लक्षण जैसे कि सीने में जलन, अपच, पेट दर्द, भूख न लगना और दस्त को कम कर सकते हैं. इसमें प्राकृतिक रूप से पाचन गुण होते हैं जो पेट और आंतों को रिलैक्स करने और तेज रिकवरी के लिए मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करते हैं. इस्तेमाल के लिए मेथी दाना को 1-2 मिनट के लिए भूनें और फिर उन्हें पीस लें. रोजाना सुबह 1 चम्मच मेथी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर पिएं.
इन फूड आइटम का सेवन लिमिट में करें
मसालेदार भोजन: भोजन की विषाक्तता के मामले में, मसालेदार भोजन आपके पेट को परेशान कर सकते हैं।
तला हुआ भोजन और भारी सॉस: जो खाद्य पदार्थ भारी होते हैं वे आसानी से पचते नहीं हैं और अस्थायी रूप से लक्षणों को खराब कर सकते हैं।
डेयरी: कुछ बैक्टेरिया और वायरस आंत को लाइन करने वाले विली को विकृत, छोटा और नुकसान पहुंचाते हैं।
कोल्ड ड्रिंक को करें अवॉयड
चूंकि फूड पॉइजनिंग में बच्चे को पेट में दर्द आदि होता है। ऐसे में कई बार पैरेंट्स बच्चे को पेट में ठंडक पहुंचाने के लिए कोल्ड ड्रिंक जैसे लिम्का आदि देते हैं। लेकिन इस दौरान बच्चे को कोल्ड ड्रिंक बिल्कुल भी नहीं देनी चाहिए। इससे बच्चे का शरीर और भी ज्यादा डिहाइड्रेट हो जाता है। दरअसल फूड पॉइजनिंग होने पर बच्चे को उल्टी-दस्त हो जाते हैं, जिससे उनके शरीर में पहले ही पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में कोल्ड ड्रिंक का सेवन उनकी समस्या को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है।
चाय-कॉफी को कहें नो
कोल्ड ड्रिंक की तरह ही चाय-कॉफी भी बच्चों को देना पूरी तरह से अवॉयड करना चाहिए। भले ही कॉफी का सेवन करने से बच्चे कुछ वक्त के लिए एनर्जेटिक फील करें। लेकिन इसमें मौजूद कैफीन उनके शरीर को और भी ज्यादा डिहाइड्रेट कर सकता है। आपको बच्चे को ऐसी कोई भी चीज नहीं देनी चाहिए, जो उनकी बॉडी में डिहाइड्रेशन की वजह बने।
हाई फाइबर रिच फूड
यूं तो फाइबर रिच फूड सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन अगर बच्चे को फूड पॉइजनिंग की समस्या हो रही हैं, तो ऐसे में उसे हाई फाइबर रिच फूड देने से बचना चाहिए। दरअसल, फूड पॉइजनिंग होने पर बच्चे का पेट अपसेट हो जाता है और उसे आराम की जरूरत होती है। लेकिन, अगर आप बच्चे को फाइबर रिच फूड जैसे छिलके वाली दाल, छिलके वाली सब्जियां आदि देते हैं, तो पेट में और ज्यादा इरिटेशन होती है। इसलिए, कोशिश करें कि आप बच्चे को बेहद लाइट और हल्का लिक्विड फूड खाने के लिए दें।
पैकेज्ड आइटम्स पहुंचाएंगे नुकसान
फूड पॉइजनिंग होने पर बच्चे को पैकेज्ड आइटम जैसे चिप्स, चॉकलेट, डिब्बे वाले सेरल्स आदि देने से बचना चाहिए। दरअसल, इनमें कार्ब्स अधिक होते हैं। साथ ही फूड पॉइजनिंग होने पर स्टमक की लाइनिंग को ग्लूटन से दूर रखना चाहिए और इन पैकेज्ड आइटम जिनमें मैदा आदि होता है, ग्लूटन पाया जाता है। कोशिश करें कि बच्चे को रोटी व बिस्कुट आदि देने से बचें। इसके स्थान पर आप उसे खिचड़ी आदि दें, ताकि उसके पेट को रिलैक्स महसूस हो।
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