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शिशु के लिए पाउडर वाला फॉर्मूला दूध तैयार करने के लिए हमेशा उबाले हुए पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए, फिर चाहे आपके शिशु की उम्र कुछ भी हो।

शिशु का पाउडर वाला फॉर्मूला दूध कीटाणुरहित नहीं होता है। हालांकि, दूध के पाउडर के टिन और पैकेट सीलबंद होते हैं, बावजूद इसके उनमें जीवाणु हो सकते हैं। साथ ही, अगर पानी उबाला हुआ न हो, तो उसमें भी जीवाणु मौजूद हो सकते हैं।

इसलिए, फॉर्मूला दूध को इतने गर्म पानी में जरुर तैयार करना चाहिए कि उसमें मौजूद जीवाणु खत्म हो सकें। पानी का तापमान कम से कम 70 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इसका मतलब है कि पानी को उबालने के बाद इसे 30 मिनट से ज्यादा के लिए ठंडा न होने दें, ताकि यह कम से कम 70 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर बना रहे।

पानी उबालने का सही तरीका यह है कि उसे तब तक उबालें, जब तक उसमें बुलबुले व लहरें सी न उठने लगें। इसे इस तरह एक मिनट तक और उबलने दें, ताकि पानी के सभी जीवाणु अच्छी तरह नष्ट हो जाएं।

बोतल में डालने से पहले इस पानी को एक साफ, पतले मलमल के कपड़े से छान लें। इससे पानी में मौजूद किसी भी तरह की धूल-मिट्टी या खारे पानी की वजह से बनने वाले सफेद अवशेष दूर हो सकेंगे। अगर, आपके क्षेत्र में खारा पानी आता है, तो इसे उबालते समय पानी में सफेद सी परत ऊपर दिख सकती है।

शिशु की दूध की बोतल तैयार करने के लिए पहले बोतल में गर्म पानी डालें और बाद में फॉर्मूला दूध मिलाएं।

70 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर दूध इतना गर्म होता है, कि इससे शिशु जल सकता है। इसलिए, दूध को ठंडा करने के लिए बोतल को बहते ठंडे पानी के नल के नीचे पकड़कर रखें, ध्यान रखें कि बोतल के निप्पल पर ढक्कन लगाकर रखें।

अगर, आपके इलाके मे पानी की कमी चल रही है, तो आप बोतल को एक ठंडे पानी के कटोरे में सीधा करके रख सकती हैं। कुछ मिनटों में दूध ठंडा हो जाएगा।

शिशु को दूध पिलाने से पहले बोतल को ऊपर-नीचे हिला लें, ताकि हल्का गर्म दूध समान तरीके से मिल जाए। दूध का तापमान जांचने के लिए इसकी कुछ बूंदे अपनी कलाई पर (अंदर की तरफ) डालकर देखें। यह आपको हल्का गर्म महसूस होना चाहिए, बहुत ज्यादा गर्म नहीं।

शिशु का दूध बनाने के लिए ऐसे पानी का इस्तेमाल न करें जिसे कृत्रिम तरीके से मृदु (सॉफेन्ड वाटर) बनाया गया हो या फिर पहले से उबाल कर रखा हो। अगर, आपको बोतलबंद पानी या फिल्टर पानी का इस्तेमाल करना पड़े, तो भी आपको इस्तेमाल से पहले इसे उबालना होगा।

यदि आप अगली बार के लिए, रात में पिलाने के लिए या कहीं बाहर जाने के लिए पानी उबाल कर रखना चाहती हैं, तो आप ताजा उबाले हुए पानी को फ्लास्क में भर सकती हैं।

सुनिश्चित करें कि वैक्यूम फ्लास्ट अच्छी गुणवत्ता वाला हो जो पानी का तापमान कई घंटों तक 70 डिग्री सेल्सियस बनाए रखे। बेहतर है कि शिशु का दूध बनाने के लिए गर्म पानी रखने के लिए अलग फ्लास्क रखें। इसमें कोई अन्य तरल पदार्थ न डालें।

हर बार दूध पिलाने के लिए ताजा बोतल तैयार करें। बचे हुए फॉर्मूला दूध को एक घंटे के अंदर ही फेंक देना चाहिए। कमरे के तापमान में रखे फॉर्मूला दूध में जीवाणु तेजी से बढ़ते हैं और फ्रिज में रखने पर ये थोड़ा धीरे पनपते हैं।

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