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फाइलेरिया क्या है? What is Filariasis (Filaria)?
फाइलेरिया दुनिया भर में विकलांगता और विरूपता बढ़ाने वाला सबसे बड़ा रोग है (इसे एक संक्रमण के रूप में भी देखा जाता है)। यह एक पैरासाइट डिजिट है जो कि धागे के समान दिखाई देने वाले निमेटोड कीड़ों (Nematode Worms) के शरीर में प्रवेश करने की वजह से होती है। निमेटोड कीड़े परजीवी मच्छरों की प्रजातियों (Wuchereria Bancrofti or Rugia Malayi) और खून चूसने वाले कीटों के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इन निमेटोड कीड़ों में फिलेरी वुचरेरिअ बैंक्रोफ्टी (Filariae-Wuchereria Bancrofti), ब्रूगिआ मलाई (Brugia Malayi) और ब्रूगिआ टिमोरि (Brugia Timori) शामिल है। फाइलेरिया मुख्य रूप से वुचरेरिअ बैंक्रोफ्टी (Wuchereria Bancrofti) परजीवी कीड़े की वजह से होता है।
दुनिया भर में फाइलेरिया मुख्य रूप से गरीब लोगों और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। फाइलेरिया को फीलपाँव (Elephantiasis), श्लीपद (slippad) के नाम से जाना जाता है। भारत में इसे सामान्य तौर पर हाथी पाँव के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इस रोग में व्यक्ति का पाँव हाथी के पाँव की तरह हो जाता है। भारत सरकार का भारतीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Indian Ministry of Health and Family Welfare) इस रोग से लड़ने वालों के लिए मुफ्त उपचार प्रदान करता हैं। अकेले भारत में ही करोड़ों लोगों को फाइलेरिया होने का जोखिम हैं।
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