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बच्चों में प्रोटीन की कमी से कौन से रोग हो सकते हैं?
प्रोटीन का सेवन बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। यह उनकी मांसपेशियों, शरीर में सेल्स के प्रोडक्शन और टिशू को रिपेयर करने में काम आता है। इसके अलावा हड्डियों और मांसपेशियों सहित सभी अंग प्रणालियों के विकास के लिए, एंजाइम, इम्यूनिटी मोलिक्यूल्स और हार्मोन के उत्पादन के लिए भी प्रोटीन की आवश्यकता है। अगर बच्चों को सही मात्रा में प्रोटीन युक्त आहार न खिलाया जाए, तो इससे उनके शरीर का विकास बाधित हो सकता है, साथ ही कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं भी हो सकती है। आज के समय में बच्चे पोषण युक्त आहार से अधिक फास्टफूड और बाहरी चीजों को लेकर आकर्षित होते हैं। ऐसे में उन्हें प्रोटीन युक्त आहार खिलाने के लिए आपको अलग-अलग तरीके से ऐसे खाद्य पदार्थों को उनकी प्लेट में शामिल करना चाहिए, जिससे वह अपनी प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा कर सकें।
प्रोटीन की कमी से होने वाली बीमारियां
1. मैरास्मस
मैरास्मस प्रोटीन और कैलोरी की कमी के कारण होने वाली बीमारी है, जो शिशुओं और बहुत छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। इससे बच्चे का वजन अचानक कम हो सकता है और डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है। । इस बीमारी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण मांसपेशियों के विकास में कमी आ सकती है। विपरीत परिस्थितियों में इस रोग के कारण मृत्यु तक होने का भय रहता है, इसलिए आपको बच्चे के खानपान बहुत ध्यान देने की जरूरत होती है। उनके आहार में दूध, अंडा और मछली आदि जरूर शामिल करें। इससे उनकी सेहत अच्छी रहती है।
2. क्वाशियोरकोर
क्वाशियोरकोर एक ऐसी बीमारी है, जो आहार में प्रोटीन की गंभीर कमी के कारण होती है। यह आमतौर पर बड़े बच्चों को प्रभावित करती है। क्वाशीयोरकोर वाले बच्चों के पेट में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिसके कारण पेट फूला हुआ दिखाई देता है। मैरास्मस और क्वाशियोरकोर दोनों के सामान्य लक्षणों में थकान, चिड़चिड़ापन, दस्त, शारीरिक विकास में कमी और मानसिक क्षमता में कमी प्रमुख हैं।
3. कैशेक्सिया
कैशेक्सिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें प्रोटीन की कमी, हड्डियों में कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। इस समस्या में बच्चे का वजन घटने लगता है, पेट से जुड़ी समस्याएं, कोलन, लीवर, बिलियरी ट्रैक्ट और अग्न्याशय में परेशानी आदि होने लगती है। ऐसा उनके शरीर में प्रोटीन, कैलोरी और कई पोषक तत्वों के अभाव में होता है। इससे बच्चा किसी काम में अपना मन नहीं लगा पाता है और जल्दी थकान महसूस करने लगता है। इसके लिए आप उन्हें पौष्टिक आहार और अन्य सप्लीमेंट्स दे सकते हैं।
4. हड्डियों में कमजोरी
जब बच्चे के आहार में प्रोटीन की कमी होती है, तो इससे हड्डियों की कमजोरी का खतरा भी बढ़ सकता है। इससे फ्रैक्चर और हड्डियां टूटने का डर भी रहता है। यह छोटे बच्चों के लिए अधिक हानिकारक हो सकता है क्योंकि इससे उन्हें चलने या खड़े होने में भी दिक्कत आ सकती है। ऐसी समस्या होने पर आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें जरूरी पोषण की मात्रा जरूर दें।
5. फैटी लीवर की परेशानी
फैटी लीवर प्रोटीन की कमी के कारण होने वाला एक आम विकार है। यह लीवर की कोशिकाओं में फैट जमा होने का कारण होता है और अगर इसे बिना उपचार के छोड़ दिया जाए, तो इससे बच्चे को लीवर संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। इस बीमारी के कारण बच्चे में मोटापा और फैट बढ़ सकता है। ऑयली और जंकफूड का सेवन करने से ये परेशानी और बढ़ सकती है।
बच्चों को प्रोटीन की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए आप डॉक्टर की उचित सलाह और दवाईयों के साथ-साथ उन्हें प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन भी जरूर कराएं ताकि पोषक तत्वों की कमी पूरी हो सके। इसके लिए आप बच्चे को अंडा, ग्रीक योगर्ट, दूध, नट्स और बीज, कॉटेज पनीर, चिकन, दाल और बादाम खिला सकते हैं।
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