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प्रेग्‍नेंसी में हाथों और बालों में मेहंदी लगाना कितना सही है

भारतीय महिलाएं हाथों पर मेहंदी लगाने की शौकीन होती हैं लेकिन प्रेग्‍नेंसी में मेहंदी लगाना गर्भस्‍थ शिशु को किस तरह प्रभावित करता है?

अक्‍सर महिलाएं बालों को कंडीशन करने के लिए सिर में मेहंदी लगाती हैं और भारत में तो हर खास मौके पर हाथों पर मेहंदी लगाने का रिवाज है। लेकिन अगर आप प्रेगनेंट हैं तो बालों या स्किन पर मेहंदी लगाने से पहले आपको ये जान चाहिए कि प्रेगनेंसी में मेहंदी लगानी चाहिए या नहीं।

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि प्रेगनेंसी में बालों में मेहंदी लगा सकते हैं या प्रेग्‍नेंसी में मेहंदी लगाने के नुकसान क्‍या होते हैं।


प्रेगनेंसी में मेहंदी लगा सकते हैं या नहीं
जी हां, गर्भवती महिला के लिए मेहंदी का प्रयोग सुरक्षित होता है। हालांकि, आपको नैचुरल मेहंदी लगानी है और उसमें किसी तरह का कोई केमिकल नहीं होना चाहिए। बाजार में आपको केमिकल युक्‍त मेहंदी की कई वैरायटियां मिल जाएंगी, लेकिन इस केमिकल की वजह से आपके गर्भस्‍थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।

जानिए प्रेगनेंसी में तरबूज खा सकते है या नहीं

1-

गर्भवती महिलाओं में यह एक आम परेशानी होती है जो कि काफी असहनीय हो सकती है। सुबह उठने के कुछ समय बाद तरबूज का एक गिलास रस लेना फायदेमंद होता है। इसे सुबह पीने से शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है।


2-

तरबूज को नियमित मात्रा में खाने से भोजन की नली के साथ-साथ पेट को भी ठंडक पहुंचती है। तरबूज तासीर में ठंडा होता है इसलिए यह एसिडिटी के कारण गले में होने वाली जलन से तुरंत राहत देता है।


3-

इस फल में 90% से अधिक पानी की मात्रा होती है इसलिए यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। विशेष रूप से गर्मी के महीनों में नाश्‍ते के रूप में तरबूज खाना एक गर्भवती महिला के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
4-

गर्भ में बढ़ते बच्चे के दबाव के कारण, गर्भावस्था के दौरान पैरों में रक्त का प्रवाह काफी हद तक रूक जाता है। इस कारण पैरों के साथ-साथ हाथों में भी सूजन आ जाती है। तरबूज प्रभावी रूप से मांसपेशियों और नसों में रुकावटों को कम करता है, जिससे सूजन को काफी हद तक रोका जा सकता है।
5-

तरबूज, विटामिन और खनिजों का एक समृद्ध स्रोत है जो कि इम्‍युनिटी को काफी तेज करता है। गर्भावस्था के दौरान बीमार पड़ना किसी भी गर्भवती मां के लिए एक निराशाजनक बात हो सकती है। इसलिए अपनी डायट में नियमित तरबूज को शामिल करें।
6-

हार्मोनल चेंज के साथ ही गर्भावस्था में वजन बढ़ने से हड्डियों में दर्द के साथ-साथ मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिजों में समृद्ध, तरबूज गर्भावस्था के दौरान इसे रोकने में मदद करता है।


प्रेग्नेंसी में मेहंदी क्यों नहीं लगाते
वैसे तो गर्भावस्‍था में मेहंदी लगाना पूरी तरह से सुरक्षित होता है लेकिन अगर आपको या पहली प्रेग्‍नेंसी में शिशु को निम्‍न समस्‍याएं रही हैं तो मेहंदी का इस्‍तेमाल न करें :

हाइपरबिलिरूबिनिमिया (इसमें खून में बिल्‍रूबिन की मात्रा बहुत बढ़ जाती है
ग्‍लूकोज-6 फास्‍फेट डिहाइड्रोजेनेस एंजाइम की कमी
एनीमिया
खून या इम्यून सिस्‍टम से संबंधी समस्‍या


प्रेग्‍नेंसी में कौन-सी मेहंदी लगानी चाहिए
मेहंदी के पौधे से निकली शुद्ध हिना का इस्‍तेमाल प्रेग्‍नेंसी में सुरक्षित रहता है। इससे लाल, नारंगी, भूरा, कॉफी और चॉकलेट जैसा रंग आता है।
नैचुरल मेहंदी से कभी भी काला रंग नहीं आता है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसका मतलब है कि मेहंदी में केमिकल्‍स थे और गर्भावस्‍था में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। नैचुरल मेहंदी का रंग एक से चार हफ्तों तक रह सकता है।
जानिए प्रेगनेंसी में तरबूज खा सकते है या नहीं

1-

गर्भवती महिलाओं में यह एक आम परेशानी होती है जो कि काफी असहनीय हो सकती है। सुबह उठने के कुछ समय बाद तरबूज का एक गिलास रस लेना फायदेमंद होता है। इसे सुबह पीने से शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है।


2-

तरबूज को नियमित मात्रा में खाने से भोजन की नली के साथ-साथ पेट को भी ठंडक पहुंचती है। तरबूज तासीर में ठंडा होता है इसलिए यह एसिडिटी के कारण गले में होने वाली जलन से तुरंत राहत देता है।


3-

इस फल में 90% से अधिक पानी की मात्रा होती है इसलिए यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। विशेष रूप से गर्मी के महीनों में नाश्‍ते के रूप में तरबूज खाना एक गर्भवती महिला के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
4-

गर्भ में बढ़ते बच्चे के दबाव के कारण, गर्भावस्था के दौरान पैरों में रक्त का प्रवाह काफी हद तक रूक जाता है। इस कारण पैरों के साथ-साथ हाथों में भी सूजन आ जाती है। तरबूज प्रभावी रूप से मांसपेशियों और नसों में रुकावटों को कम करता है, जिससे सूजन को काफी हद तक रोका जा सकता है।
5-

तरबूज, विटामिन और खनिजों का एक समृद्ध स्रोत है जो कि इम्‍युनिटी को काफी तेज करता है। गर्भावस्था के दौरान बीमार पड़ना किसी भी गर्भवती मां के लिए एक निराशाजनक बात हो सकती है। इसलिए अपनी डायट में नियमित तरबूज को शामिल करें।
6-

हार्मोनल चेंज के साथ ही गर्भावस्था में वजन बढ़ने से हड्डियों में दर्द के साथ-साथ मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिजों में समृद्ध, तरबूज गर्भावस्था के दौरान इसे रोकने में मदद करता है।


प्रेगनेंसी में बालों में मेहंदी लगा सकते हैं
प्रेग्‍नेंसी में बालों में मेहंदी लगाना सही नहीं होता क्‍योंकि केमिकल डाई से गर्भस्‍थ शिशु की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है लेकिन सुरक्षा के तौर पर प्रेग्‍नेंसी में केमिकल डाई से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

आप चाहें तो बालों को कलर करने के लिए शुद्ध मेहंदी का इस्‍तेमाल कर सकती हैं। ये न सिर्फ सुरक्षित होती है, बल्कि बालों को पोषण देने और चमकदार बनाने का भी काम करती है।
जी हां, प्रेगनेंट महिलाएं स्किन पर मेहंदी लगा सकती है। कई धर्मों में त्‍योहार या किसी खास मौके पर हाथों पर मेहंदी लगाने का रिवाज होता है और गर्भवती महिलाएं भी इस रिवाज को पूरा कर सकती हैं। प्राकृतिक और शुद्ध मेहंदी का कोई नुकसान नहीं होता है और इसे लगाने से मां और बच्‍चे दोनों को ही किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।
गर्मी में ठंडक पाने के लिए भी आप सिर या हाथों पर मेहंदी लगा सकती हैं। फटी एडियों, फंगल इंफेक्‍शन और नाखूनों को पोषण देने के लिए भी मेहंदी का इस्‍तेमाल किया जाता है।

प्रेगनेंट महिलाओं को नौ महीनों के दौरान किसी भी तरह के केमिकल से दूर रहना चाहिए। अगर आपको मेहंदी लगाना बहुत पसंद है तो नैचुरल मेहंदी ही लगाएं।

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