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प्रेगनेंसी में सूखे बादाम खाना फायदेमंद है या भीगे हुए? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
प्रेग्नेंसी में बादाम का सेवन किया जा सकता है लेकिन भीगे हुए बादाम कच्चे बादाम से अधिक फायदेमंद हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में अक्सर नट्स का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि इसके विपरीत वर्तमान शोध बताते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान मूंगफली, अखरोट और बादाम जैसे नट्स का सेवन करना शिशु के विकास में फायदेमंद होता है। इसके साथ ही कुछ रिचर्स ये भी बताती हैं कि नियमित रूप से ट्री नट्स खाने से शिशुओं में एलर्जी कम हो सकती है। बादाम को सुपरफूड्स के बराबर माना जाता है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान कच्चे बादाम का सेवन कैसे करना चाहिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है। फोर्टिस हॉस्पिटल ऑब्सट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डॉक्टर मोनिका वाधवन के अनुसार प्रेग्नेंसी में कच्चे बादाम का सेवन करना सुरक्षित है क्योंकि ये आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड और फाइबर से भरपूर होता है। रिसर्च में भी यह बात सामने आई है कि प्रेगनेंसी के दौरान नट्स का सेवन बच्चे में लंबे समय तक न्यूरोसाइकोलॉजिकल डेवलपमेंट में सहायक है। लेकिन यदि गर्भवती महिलाओं को मेवे या बदाम से एलर्जी है तो इन्हें खाने से बचना चाहिए।
क्या भीगे हुए बादाम प्रेग्नेंसी में खाना सुरक्षित है?
प्रेग्नेंसी में भीगे हुए बादाम खाए जा सकते हैं। भीगे हुए बादाम एंजाइम का स्रोत होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं। बादाम को रातभर भिगोने से पाचन में आसानी होती है और इससे उसकी स्किन को हेल्दी बनाने में सहायता मिलती है।
क्या भीगे बादाम कच्चे बादाम से बेहतर है?
प्रेग्नेंसी में कच्चे बादाम की अपेक्षा भीगे हुए बादाम अधिक फायदेमंद होते हैं। भीगे हुए बादाम पायटिक एसिड को रिमूव कर सकते हैं और बोन हेल्थ और डाइजेशन को सुधारते हैं।
प्रेग्नेंसी में बादाम खाने के फायदे
कच्चे या भीगे हुए बादाम फोलिक एसिड के सबसे अच्छे स्रोत हैं, जो बच्चे के मस्तिष्क और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम के विकास में काफी मदद करते हैं। बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष को रोकने के लिए भी फोलिक एसिड आवश्यक होता है।
बादाम मोटापे से ग्रस्त या डायिबटीज से पीड़ित महिलाओं के पैदा होने वाले बच्चों में मोटापा और मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याएं को कम कर सकता है।
बादाम कार्ब्स और फैट का एक हेल्दी स्रोत प्रदान करते हैं, जो मेटाबॉलिज्म में सहायता करते हैं। ये सूजन और तनाव को कम कर सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना आम बात है। बादाम के सेवन से वजन को कंट्रोल किया जा सकता है और क्रेविंग को कम किया जा सकता है। ये पेट को अधिक देर तक भरा हुआ रखते हैं, जो ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
माना जाता है कि एक मुट्ठी बादाम में लगभग 1 मिलीग्राम आयरन होता है जो कि दैनिक जरूरत का 6% है और गर्भावस्था में मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आयरन जरूरी है। खासकर की तीसरे ट्राइमेस्टर में महिलाओं को इसकी आवश्यकता होती है। इसलिए गर्भावस्था में बादाम का सेवन लेकिन उचित मात्रा में सुरक्षित है।
प्रेगनेंसी में बादाम खाने के नुकसान
जरूरत से ज्यादा बादाम खाना नुकसानदायक भी हो सकता है। इसके नुकसान जो इस प्रकार हैं-
जरूरत से ज्यादा बादाम खाने से वजन बढ़ सकता है।
बादाम अन्य दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकते हैं।
एलर्जी हो सकती है।
डायरिया या सिर में दर्द हो सकता है।
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