healthplanet.net

Posted on

गर्भावस्था के शुरुआती चरण के एक लक्षण के रूप में लार में वृद्धि एक प्रबल संकेत हो सकती है। हालांकि, लार का अतिरिक्त उत्पादन गर्भावस्था के दूसरे से तीसरे सप्ताह के आसपास शुरू होता है और पहली तिमाही के अंत के लगभग तक कम हो जाता है। कुछ महिलाओं के लिए, यह लार बनना पूरे गर्भावस्था तक जारी रहता है।

गर्भावस्था में लार बनने के कारण

कई महिलाओं को गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में अतिरिक्त लार बन सकती है और वे इसके पीछे का कारण जरूर जानना चाहेंगी। उनमें से कुछ कारण इस प्रकार हैं:

एक गर्भवती महिला के शरीर में हॉर्मोन में बहुत से बदलाव आते हैं, जिसके वजह से अतिरिक्त लार बन सकती है।
मॉर्निंग सिकनेस और मतली की सामान्य प्रवृत्ति के कारण गर्भवती महिलाओं को निगलने में असुविधा होती है क्योंकि वह स्वाद उन्हें अप्रिय और यहाँ तक कि अधिक मतली पैदा करने वाला लग सकता है। इस वजह से मुँह में लार बनती रहती है।
गर्भाशय बच्चे के विकास के लिए बढ़ता रहता है और इससे पेट पर भी दबाव बढ़ता है। परिणामस्वरूप, बढ़ता पेट मौजूद आहार को ग्रासनली में वापस धकेलता है, और इससे बदहजमी और जलन की समस्या होने लगती है। शारीरिक प्रतिवर्त के रूप में, जठर के अम्ल और जलन को शांत करने के लिए ग्रासनली ग्रंथियों द्वारा अधिक लार का उत्पादन कराती है।
यदि गर्भवती महिला मुँह के किसी भी संक्रमण जैसे दाँतों की सड़न, कैविटीज़ या ऐसे किसी रोग से पीड़ित है, तो ऐसी परिस्थितियों में लार बढ़ जाने और अत्यधिक हो जाने की संभावना होती है।
कुछ जहरीले रसायनों के संपर्क में आने से शरीर सामान्य से अधिक लार बनाकर प्रतिक्रिया कर सकता है।
विशिष्ट दवाएँ जैसे कि एंटीकॉनवल्सेंट, लिथियम, ट्रैंक्विलाइज़र इत्यादि, लार ग्रंथियों के साथ प्रतिक्रिया करने के लिए जानी जाती हैं, जिसकी वजह से उनमें अत्यधिक लार का उत्पादन होता है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info