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इन 5 चीजों से बनाएं रोटी, प्रेग्‍नेंसी में गलती से भी नहीं होगी कब्‍ज और खून की कमी

अगर आपको भी प्रेग्‍नेंसी में कब्‍ज परेशान कर रही है या आप आयरन की कमी या एनीमिया से बचना चाहती हैं तो अपनी डाइट में मल्‍टीग्रेन रोटी को शामिल करें। इस रोटी को खाने से मां और बच्‍चे दोनों को जरूरी पोषक तत्‍व मिल जाएंगे और इम्‍यूनिटी भी बढ़ेगी।

इन 5 चीजों से बनाएं रोटी, प्रेग्‍नेंसी में गलती से भी नहीं होगी कब्‍ज और खून की कमी
प्रेग्‍नेंसी डाइट में अगर ज्‍यादा से ज्‍यादा पौष्टिक चीजों को शामिल कर लिया जाए तो मां और बच्‍चे, दोनों के तदंरुस्‍त रहने की संभावना बढ़ जाती है। हेल्‍दी खाने से मां की इम्‍यूनिटी मजबूत होती है और उसके शरीर को डिलीवरी के लिए ताकत और एनर्जी मिलती है। प्रेग्‍नेंसी में कब्‍ज होना एक आम समस्‍या है जो इस नाजुक समय में अन्‍य कई परेशानियों को जन्‍म दे सकती है। इसलिए आपको ऐसी चीजें खानी चाहिए जो फाइबर से भरपूर हों और आपको प्रेग्‍नेंसी में कब्‍ज से बचाएं। यहां हम आपको गर्भावस्‍था में कब्‍ज और खून की कमी को दूर करने के लिए मल्‍टीग्रेन रोटी की रेसिपी और इसके फायदों के बारे में बता रहे हैं।

मल्‍टीग्रेन रोटी 5 पौष्टिक आटों से बनी है जो आयरन, प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी से भरपूर होती है। यहां हम आपको गर्भवती महिला के लिए ज्‍वार, बाजरा, रागी, नाचनी और गेहूं के आटे से बनी मल्‍टीग्रेन रोटी के बारे में बता रहे हैं। इस रोटी का टेस्‍ट बढ़ाने के लिए आप इसमें प्‍याज, टमाटर और धनिया पत्ती भी डाल सकते हैं। वहीं कुछ चटपटा खाने का मन कर रहा है तो इसमें थोड़ी-सी हरी मिर्च और हल्‍दी के साथ लाल मिर्च डालकर भी बना सकती हैं।

​क्‍या-क्‍या चाहिए
मल्‍टीग्रेन रोटी बनाने के लिए आपको चाहिए 1/4 कप ज्‍वार का आटा, 1/4 कप बाजरे का आटा, 1/4 कप गेहूं का आटा, 2 चम्‍मच बेसन, 1/4 चम्‍मच रागी का आटा, 1/4 कप बारीक कटी हुई प्‍याज, 3 चम्‍मच बारीक कटा धनिया, 1/4 कप बारीक कटा टमाटर, 1 चम्‍मच बारीक कटी हरी मिर्च, 1 चम्‍मच लाल मिर्च, 1/4 चम्‍मच हल्‍दी, नमक स्‍वादानुसार और 1/4 और 3 चम्‍मच पीनट ऑयल या कोई भी ऑयल।
मल्‍टीग्रेन रोटी बनाने का तरीका

इस रोटी को बनाने की विधि है :
एक गहरा बर्तन लें और उसमें सभी चीजों को डालने के बाद पानी डालकर आटा गूंथ लें।
कुछ देर बाद इस आटे की एक बराबर लोईयां तैयार कर लें।
इन लोईयों से गोल रोटी बना लें। रोटी को गर्म तवे पर रख दें।

आखिरी स्‍टेप
जब ये हल्‍की भूरी हो जाए, तो इस पर तेल लगाकर सेकें। आपको रोटी को दोनों तरफ से सेंकना है। गरमागर्म रोटी को दही के साथ खाएं।
​मल्‍टीग्रेन रोटी खाने के फायदे
ज्‍वार के आटे में कॉप्‍लेक्‍स कार्ब होते हैं जिसे रक्‍त वाहिकाएं धीरे-धीरे सोखती हैं और इंसुलिन नहीं बढ़ता है। बाजरे में प्रोटीन ज्‍यादा होता है। वेजिटेरियन लोगों के लिए रागी का आटा प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत होता है। यह ग्‍लूटेन फ्री और फाइबर से युक्‍त होता है जो डायबिटीज और हार्ट के लिए अच्‍छा है।
अन्‍य फायदे
गेहूं का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत अच्‍छा होता है क्‍योंकि यह लो जीआई फूड है जिससे ब्‍लड शुगर लेवल नहीं बढ़ता है। सभी हेल्‍दी आटे मिलकर मल्‍टीग्रेन रोटी को बहुत ज्‍यादा पौष्टिक बनाते हैं।

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