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क्या प्रेगनेंसी के दौरान स्पाइसी फूड खाने से बच्चे को होता है नुकसान?, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
Spicy Food in Pregnancy: कभी खट्टा-मीठा तो कभी चटपटा और स्पाइसी, प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की चीजें खाने की क्रेविंग होती है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली मां के खान-पान का सीधा असर...
क्या प्रेगनेंसी के दौरान स्पाइसी फूड खाने से बच्चे को होता है नुकसान?, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
Spicy Food in Pregnancy: कभी खट्टा-मीठा तो कभी चटपटा और स्पाइसी, प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की चीजें खाने की क्रेविंग होती है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली मां के खान-पान का सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की सेहत पर पड़ता है। ऐसे में कई महिलाओं के मन को एक सवाल परेशान करता है कि क्या प्रेगनेंसी के दौरान अपनी क्रेविंग को शांत करने के लिए महिलाएं स्पाइसी फूड का सेवन कर सकती हैं। क्या वाकई स्पाइसी फूड खाने से होने वाले बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचाता है? आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के सही जवाब डॉ . उमा वैद्यनाथन (वरिष्ठ सलाहकार , प्रसूति एवं स्त्री रोग, फोर्टिस अस्पताल) से।

प्रेगनेंसी में क्यों होती है स्पाइसी फूड खाने की क्रेविंग-
गर्भावस्था के दौरान ज्यादातर महिलाओं को स्पाइसी फूड खाने का मन करता है। ऐसा होने के पीछे का मुख्य कारण उनमें होने वाले हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों से आने वाली खुशबू भी महिला की स्पाइसी फूड खाने की इच्छा को तीव्र कर सकती है।

प्रेगनेंसी के दौरान मसालेदार खाना सुरक्षित है?
आपने कई लोगों को कहते सुना होगा कि प्रेगनेंसी के दौरान मसालेदार भोजन को करने से परहेज करना चाहिए। लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्भावस्था के दौरान, मसालेदार भोजन का सेवन करने से होने वाले शिशु को किसी तरह की हानि नहीं पहुंचती है। लेकिन इसके विपरीत जरूरत से ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन करने से गर्भवती महिला के पाचन तंत्र पर जरूर बुरा असर पड़ सकता है।
डॉ . उमा वैद्यनाथन के अनुसार, किसी भी गर्भवती महिला को स्पाइसी भोजन खाने की क्रेविंग उसके शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन की वजह से होती है। महिला की क्रेविंग का बच्चे की इच्छा से कोई मतलब नहीं होता है। गर्भवास्था के दौरान महिलाओं को स्पाइसी और बाहर का खाना खाने से इसलिए मना किया जाता है क्योंकि इससे उनके पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। दरअसल, प्रेगनेंसी के दौरान पाचन तंत्र बहुत धीमा काम करता है, जिससे आहार ठीक से पच नहीं पाता। ऐसे में मसालेदार खाद्य पदार्थ का सेवन अपच और गैस की समस्या को बढ़ा सकता है। जिसकी वजह से प्रेगनेंट महिला की दवाएं भी बढ़ जाती हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान मसालेदार खाने से दूर रहने की क्यों दी जाती है सलाह-
पेट में जलन की समस्या-
प्रेगनेंसी के दौरान स्पाइसी फूड खाने से पेट में जलन की शिकायत हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान मसालेदार खाद्य पदार्थ काफी समय तक पेट और आंतों में रहता है। जिसकी वजह से पेट का एसिड वापस अन्नप्रणाली में चला जाता है और पेट में जलन की समस्या हो सकती है।

अपच -
प्रेगनेंसी के दौरान पाचन तंत्र बहुत धीमा काम करता है, जिससे आहार ठीक से पच नहीं पाता। ऐसे में मसालेदार खाद्य पदार्थ का सेवन अपच की समस्या को बढ़ा सकता है।

उल्टी-
प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाएं उल्टी की समस्या से परेशान रहती हैं। ऐसे में स्पाइसी फूड का अधिक सेवन उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है।

गैस-
प्रेगनेंसी में मसालेदार भोजन करने से गैस और पेट फूलने की समस्या भी हो सकती है।मसालेदार खाना इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम का कारण बनता है। जिससे गैस बनना और पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।

प्रेगनेंसी में स्पाइसी फूड खाते समय बरतें ये सावधानियां-
-प्रेगनेंसी के दौरान स्पाइसी फूड खाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें डाले गए मसाले प्रमाणित अच्छे ब्रांड के मसाले हो। ताकि मां और होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर न पड़ सके।
-खाने में कम मसालों का इस्तेमाल करें।

-ज्यादा से ज्यादा घर का बना खाना खाएं। बाहर का खाना खाने का मन करें तो चख लें लेकिन क्रेविंग शांत करने के लिए पेट भरकर न खाएं। वरना महिला को उल्टी की समस्या हो सकती है।
-चटपटा खाने का मन करने पर नींबू और काले नमक की मदद लें।
-मसाले लेते समय उनकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक कर लें।
-खुले मसाले खरीदने से बचें।
-मसालेदार भोजन खाने से अगर पेट में जलन महसूस होती है, तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें।

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