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क्या गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है कोरोना का बूस्टर डोज? एक्सपर्ट से जानें

COVID-19 booster doses in pregnancy: कोरोना क बदलते वेरिएंट्स से क्या गर्भवती महिलाओं को घबराने की जरूरत है। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
दुनियाभर में कोरोना के बदलते वेरिएंट्स को देखते हुए तमाम लोग और हेल्थ एक्सपर्ट परेशान हैं। ऐसे में इस समय सबसे ज्यादा डर एक्सई वैरिएंट (XE Variant) के फैलने का है और भारत में भी तमाम हेल्थ एक्सपर्ट इसे लेकर अलर्ट पर है। पर इस दौरान कुछ खास आयु वर्ग और स्वास्थ्य स्थितियों से गुजर रहे लोगों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है ताकि उनकी कमजोर इम्यूनिटी उन्हें कोविड के बदलते वेरिएंट्स का शिकार ना बना ले। इन्हीं खास लोगों में गर्भवती महिलाएं भी आती हैं जिनमें कोरोना संक्रमण का खतरा बाकि लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है। ऐसे में कोरोना के दूसरे वैरिएंट्स से बचने के लिए लोग बूस्टर डोज लगवाने की बात कर रहें पर प्रश्न ये है कि क्या गर्भवती महिलाओं के लिए भी बूस्टर लगवाना फायदेमंद है? क्या ये सुरक्षित रहेगा?
गर्भवती महिलाओं के लिए बूस्टर डोज कितना जरूरी है?

। इसके साथ ही उन्हें अपने और अपने बच्चे को लेकर सर्तक रहने की भी जरूरत है। डॉ. अर्चना धवन बजाज कहती हैं कि भारत में कोरोनावायरस का एक नया रूप उभर रहा है। यह दो वेरिएंट्स का कॉम्बिनेशन है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यह अत्यधिक संक्रामक है। इसके लक्षण बुखार, खांसी आदि हैं। ऐसे में महिलाओं, विशेष रूप से गर्भावस्था के विभिन्न चरणों में महिलाओं को अतिरिक्त देखभाल करने और सर्तक रहने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को बूस्टर डोज लगवाना चाहिए। ये उनकी इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने और कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करेगा।

दरअसल, बूस्टर डोज लेने से गर्भवती मां अपने गर्भ को संक्रामक वेरिएंट्स के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं। इसके अलावा ये महिला के खुद की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। वहीं, कुछ लोग जिन्हें लगता है कि बूस्टर डोज सुरक्षित है या नहीं या इसका कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होगा तो, इस स्थिति में समझने की जरूरत ये है कि बूस्टर डोज कोरोना के बाकी दो टीकों के जैसा ही है और उन्हें लगाने के बाद जो चीजें आपके शरीर में हुई थीं, वही आपको फिर से हो सकती हैं या नहीं भी हो सकती हैं। जैसे कि थकान, शरीर दर्द, बुखार और सिर दर्द। हालांकि, ये लक्षण हल्के ही होंगे लेकिन आप अपने डॉक्टर से इस बारे में बात कर सकती हैं। साथ ही कोरोना वैक्सीन के इन साइड इफेक्ट्स बचने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और खुद को हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करनी चाहिए।

कोरोना के नए वैरिएंट्स से कैसे बचें?

इसके अलावा कोरोना के नए वैरिएंट्स से बचने के लिए डॉ. अर्चना धवन बजाज का कहना है कि सबसे पहले तो

- फेस मास्क जरूर पहनें

-स्वच्छता बनाए रखें और नियमित रूप से हाथ धोएं

-खुद को भीड़ भाग वाली जगहों से बचाएं

और अपना वैक्सीनेशन पूरा करवाएं। ताकि आप कोरोना के किसी भी वेरिएंट से बचे रहें। साथ अगर कोई इस दौरान अगर आप प्रग्नेंसी प्लॉन भी करना चाह रही हैं तो भी बूस्टर डोज जरूर लें और अपना इम्यून सिस्टम मजबूत रखें।

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