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गर्भावस्था में स्तनों में दर्द व संवेदनशीलता
In this article
क्या गर्भावस्था के दौरान स्तनों में दर्द होना आम है?
मेरे स्तनों में दर्द व संवेदनशीलता क्यों हो रही है?
स्तनों में दर्द को कम करने के लिए मैं क्या कर सकती हूं?
गर्भावस्था के दौरान स्तनों में और किस तरह के बदलाव आ सकते हैं?
क्या गर्भावस्था के दौरान स्तनों में दर्द होना आम है?
हां, गर्भावस्था के दौरान स्तनों में दर्द होना आम है। स्तनों में संवेदनशीलता, दर्द और सिहरन होना गर्भवती होने के सबसे पहले लक्षणों में से एक है।
आप यह प्रेग्नेंसी के तीन या चार हफ्तों बाद से ही स्तनों में यह संवेदनशीलता महसूस कर सकती हैं, शायद अभी तक आपके अपना प्रेग्नेंसी टेस्ट भी नहीं किया होगा।
आपके स्तन इतने संवेदनशील हो सकते हैं कि कपड़ों से उनपर रगड़ लगना भी आपको सहन न हो पाए। हो सकता है आपको अपने स्तनों को छुआ जाना भी अच्छा न लगे। यह स्थिति जल्द ही गुजर जाएगी, और स्तनों में यह दर्द पहली तिमाही के बाद शायद कम हो जाएगा।
जब आप अपनी दूसरी तिमाही में पहुंचती हैं, आपके हॉर्मोनों का बढ़ता स्तर अब ठहर जाएगा। हालांकि, यह जरुरी नहीं है कि इसके साथ स्तनों का दर्द भी पूरी तरह ठीक हो जाएगा। पूरी गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर आपको संवेदनशीलता हो सकती है।
मेरे स्तनों में दर्द व संवेदनशीलता क्यों हो रही है?
क्योंकि आपका शरीर गर्भ में बढ़ते शिशु को संभालने के लिए तैयार हो रहा होता है, तो इस दौरान यह अधिक मात्रा में ईस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टीरोन हॉर्मोन का उत्पादन करता है।
हॉर्मोनों में इसी तरह की बढ़त माहवारी शुरु होने से पहले भी होती है। इसलिए गर्भावस्था में स्तनों में हो रही संवेदनशीलता शायद माहवारी के समय की संवेदनशीलता का ही बढ़ा हुआ रूप होती है।
हॉर्मोनों के बढ़ने के प्रभाव के साथ-साथ आपके स्तन शायद अब थोड़े बड़े होते जाएंगे। स्तनों में वसा की परत मोटी हो जाती है, दुग्ध ग्रंथियां कई गुणा बढ़ जाती हैं और रक्त का संचरण भी बढ़ता है। चाहे यह आपको कितना भी असहज लगे, मगर ये बदलाव आपके स्तनों को शिशु को स्तनपान करवाने के महत्वपूर्ण कार्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
गर्भावस्था की शुरुआत में आपके स्तन तेजी से बढ़ सकते हैं, या फिर संभव है कि ये गर्भावस्था के बढ़ने के साथ-साथ धीरे-धीरे बड़े हों। यह भी हो सकता है कि गर्भावस्था के अंत तक आप अपने स्तनों के माप में कुछ खास अंतर न देख पाएं।
जब स्तनों के माप में बदलाव होता है, तो यह परिवर्तन काफी बड़ा हो सकता है, खासकर कि यदि यह आपकी पहली गर्भावस्था है तो। शिशु के जन्म तक आपके स्तनों का माप शायद एकाध कप साइज तक बढ़ जाएगा। यदि गर्भावस्था के अंत तक ऐसा नहीं हुआ है, तो भी चिंता न करें। आपके स्तन शिशु के जन्म के बाद और भी बढ़ सकते हैं।
आप अन्य बदलाव भी महसूस करेंगी। संभोग (सेक्स) के दौरान आप स्तनों में स्पंदन या सिहरन सी महसूस कर सकती हैं, क्योंकि उनमें तेजी से रक्त प्रवाह होता है।
स्तनों में दर्द को कम करने के लिए मैं क्या कर सकती हूं?
आधार वाली (सपोर्टिव) ब्रा स्तनों में दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। अंडरवायर यानि अंदर की तरफ तार लगी हुई ब्रा न पहनें, क्योंकि वे आपके स्तनों में हो रहे बदलावों के लिए उपयुक्त नहीं हैं और आपको असहजता हो सकती है।
सुनिश्चित करें कि आपकी ब्रा ऐसी हो, जो सही से फिट होती हो। अपने स्तनों के साइज का पता करें, पहले अपने स्तनों के नीचे से छाती के चारों ओर से मापें, जहां ब्रा का निचला हिस्सा आता है। इसके बाद, स्तनों के सबसे बढ़े हुए हिस्से के चारों ओर मापें। अपने कप साइज का पता करने के लिए पहले माप में से दूसरे माप को घटा दें। हालांकि, यह भी ध्यान में रखें कि ब्रा के साइज में स्टाइल और ब्रांड के अनुसार अंतर हो सकता है।
आपको गर्भावस्था में एक बार से ज्यादा बार अपने स्तनों का माप लेना पड़ सकता है। जैसे-जैसे आपके स्तन बढ़ते हैं आपके कप साइज में अवश्य ही अंतर आएगा।
व्यायाम करते समय अच्छी फिटिंग वाली सपोर्टिव ब्रा पहने, ताकि वे आपके स्तनों के बढ़े वजन को संभाल सकें। स्पोट्र्स ब्रा इस तरह का अतिरिक्त सपोर्ट प्रदान कर सकती हैं और असहजता भी कम कर सकती हैं। सोते समय सूती मैटरनिटी स्लीप ब्रा भी दर्द से राहत में मदद कर सकती है।
गर्भावस्था के दौरान स्तनों में और किस तरह के बदलाव आ सकते हैं?
त्वचा में खिंचाव होने की वजह से आपको स्तनों में खुजलाहट महसूस हो सकती है। हो सकता है आपके स्तनों पर खिंचाव के निशान (स्ट्रेच मार्क्स) भी हो जाएं।
आपको अपने स्तनों की त्वचा के नीचे से नसें भी दिख सकती हैं, और हो सकता है आप पाएं कि आपके निप्पल बड़े और गहरे रंग के होते जा रहे हैं। शुरुआती कुछ महीनों के बाद एरिओला (निप्पल के चारों तरफ त्वचा का घेरा) भी बड़े और गहरे रंग का होता जाता है।
आपने पहले अपने एरिओला पर छोटे-छोटे उभार नहीं देखे होंगे। मगर, अब ये उभार काफी स्पष्ट दिखाई दे रहे होंगे। ये एक तरह के तेल-उत्पादन करने वाली ग्रंथियां हैं, जिन्हें मोंटगोमेरीज़ ट्यूबरकल्स कहा जाता है। आपके स्तनों में ये सभी बदलाव शिशु को स्तनपान करवाने के तैयारी के लिए होते हैं।
गर्भावस्था के करीब तीसरे महीने के आसपास आपके स्तन कोलोस्ट्रम का उत्पादन करना शुरु कर देते हैं। यह वह विशेष दूध होता है, जो शिशु को पहली बार स्तनपान करने पर मिलता है।
गर्भावस्था के अंतिम कुछ महीनों में आपके स्तनों से गाढ़े पीले से तत्व का रिसाव होना शुरु हो सकता है। हालांकि, कुछ महिलाओं में यह रिसाव काफी पहले से शुरु हो जाता है, और कुछ में ऐसा कभी नहीं होता। ये सभी स्थितियां सामान्य हैं और इनका इस बात पर कोई असर नहीं पड़ता कि शिशु के जन्म के बाद आप कितने दूध का उत्पादन कर पाएंगी।
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