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शरीर में नीले धब्बे होने के पीछे हो सकती है Cyanosis की बीमारी, एक्सपर्ट से जानें कारण
नील के निशान आमतौर पर चोट लगते से होती है। लेकिन तब क्या जब आपको कहीं चोट नहीं लगी है और बिलकुल ठीक हैं। कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, शरीर पर नील के निशान का कारण (neel padne ka karan) साइनोसिस हो सकता है। दरअसल, साइनोसिस (Cyanosis in hindi) एक ऐसी बीमारी है जिसमें कि शरीर के अलग-अलग अंगों में ऑक्सीजन की कमी के कारण नील के निशान पड़ने लगते हैं। साइनोसिस दो प्रकारों का होता है। जैसे पहला पेरिफेरल और दूसरा सेंट्रल। पेरिफेरल तब होता है जब हाथ, उंगलियां और पैरों की उंगलियां नीले पड़ जाते हैं। तो, सेंट्रल साइनोसिस में शरीर के अलग-अलग प्रभावित होते हैं। इसमें होता ये है कि खून में ऑक्सीजन की कमी के कारण सेल्स नीले पड़ जाते हैं। इसके पीछे लंग्स और दिल से जुड़े डिफेक्ट्स हो सकते हैं जिसमें कि लंग्स और हार्ट दोनों सही से काम नहीं कर पाते और इस वजह से खून में ऑक्सीन की मिक्सिंग नहीं हो पाती है और शरीर के अलग-अलग अंगो में ऑक्सीजन की कमी से ये नील निशान नजर आने लगते हैं। इसके अलावा भी साइनोसिस के कई कारण हो सकते हैं। तो, आइए डॉ. सुशील आजाद (Dr. Sushil Azad), अतिरिक्त निदेशक, बाल कार्डियोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट, ओखला रोड, नई दिल्ली
शरीर पर नील के निशान क्यों पड़ते हैं
ऑक्सीजन हमारे ब्लड को लाल बनाती है और फेफड़ों के माध्यम से पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करना और इसे अपने पूरे शरीर में प्रभावी ढंग से प्रसारित करना त्वचा को एक सामान्य गुलाबी या लाल रंग देता है। लेकिन जब आपके खून में ऑक्सीजन की कमीहोने लगती है तो ये साइनोसिस का कारण बनने लगता है। दरअसल, खून जिसमें अधिक ऑक्सीजन नहीं है, वो कार्बन डाइऑक्साइड ले जा रहा है और इससे सेल्रृस मरने लगती हैं और शरीर के जिन अंगों में ये हो रहा होता है वहां आपको नील के निशान नजर आने लगते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे कि
-बच्चों में साइनोसिस बर्थ डिफेक्ट के कारण हो सकता है।
-लो ब्लड प्रेशर के कारण
-क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) के कारण हो सकता है।
-निमोनिया
-लंग्स इंफेक्शन के कारण
-कोंजेस्टिव हार्ट फेलियर के कारण
-अधिक दवाईयों के सेवन के कारण
-प्रेग्नेंसी के दौरान मां द्वारा नशा करने से
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