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पैरालिसिस (लकवा) के मरीजों को क्या खाना चाहिए
लकवे से जूझ रहे मरीजों की डाइट कैसी होनी चाहिए? लकवा या जिसे हम अंग्रेजी में पैरालिसिस कहते हैं वो एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर का कोई अंगर या आधा हिस्सा काम करना बंद कर देते हैं और उस हिस्से में मरीज को कोई हरकत महसूस नहीं होती। इस बीमारी में जिस अंग को लकवा प्रभावित करता है वो टेढ़ा हो जाता है, शरीर में जब पहले से ही एक रोग हो तो बाकियों से बचकर रहने में ही भलाई है इसलिए हम आपको बताएंगे लकवे के मरीजों के लिए सही डाइट कैसी होनी चाहिए ताकि वो अन्य बीमारियों से बचकर रहें और उनकी मांसपेशियों पर खानपान का पॉजिटिव असर हो। इस पर ज्यादा जानकारी के लिए हमने लखनऊ के वेलनेस डाइट क्लीनिक की डाइटीशियन डॉ स्मिता सिंह से बात की।
लकवे के मरीजों का डाइट चार्ट
नाश्ता 1 कप दूध के साथ दलिया, पोहा, उपमा, अंकुरित अनाज में से कोई एक चीज और एक फल
लंच में 2 रोटी, 1 कटोरी चावल, हरी उबली सब्जी, 1 कटोरी पतली दाल और सलाद
शाम को 1 कप ग्रीन टी या सूप और 2 बिस्किट
रात को 2 पतली रोटी, 1 कटोरी हरी सब्जी
लकवे के मरीजों का रूटीन कैसा होना चाहिए?
लकवे के इलाज के दौरान अच्छी जीवनशैली की जरूरत होती है। मरीज के पैरों में मालिश करें। उन्हें ताजा और हल्का गरम खाना दें। आपको उनके खाने के समय को पॉजिटीव रखना है। खाते समय बीमारी से जुड़ी बातें न करें। इससे मरीज ठीक से अपनी डाइट नहीं ले पाएगा। मरीज अगर चलने में समर्थ है तो उसे खाने के बाद 5 मिनट टहलाएं। आपको मरीज के सोने और उठने के समय पर भी ध्यान देना है। मरीज को 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
लकवे के मरीजों को न दें ये फूड
लकवे के मरीजों को मैदा नहीं खाना चाहिए। नूडल्स, पास्ता जैसी चीजों में मैदा होता है इन्हें अवॉइड करें। इसके अलावा अरहर की दाल, चना भी उनके लिए लाभदायक नहीं होता। लकवे के मरीजों को तेल, घी, नमक, पूरी, समोसा, चाट-पकौड़ा, मक्खन, आइसक्रीम, दूध की चाय या काफी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा हैवी फूड जैसे छोले, राजमा, सोयाबीन, पनीर, चॉकलेट भी अवॉइड करें। तला हुआ भोजन, नॉनवेज, नॉनवेज सूप, कोल्ड ड्रिंक, शराब, पैक्ड फूड पर तो सख्त मना हैं। लकवे के मरीजों की डाइट में गेहूं, जौ, बाजरा होना चाहिए। दालों में मूंग दाल शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा गोभी, ब्रोकली, अंगूर, हल्दी, सेब, पपीता, संतरा, तरबूज आदि खाने के लिए दे सकते हैं। लकवे से ग्रसित मरीज नारियल पानी, ग्रीन टी, जैतून का तेल, बादाम, अदरक, लहसुन खा सकता है।
लकवे के मरीजों की डाइट में पोटैशियम शामिल करें
अगर आप पैरालिसिस के मरीज हैं या आपके आसपास कोई है जिन्हें पैरालिसिस है तो आपको अपनी डाइट में पोटैशियम जरूर शामिल करना चाहिए। ज्यादातर लोग पोटैशियम नहीं कंज्यूम करते हैं। जबकि आपके आस पास कई चीजों में भरपूर पोटैशियम मौजूद है जैसे फल, सब्जियां और मिल्क उत्पाद। कई फल जैसे केला, एप्रिकोट, संतरा, ऐपल और सब्जियां जैसे आलू, स्वीट पोटैटो, स्पीनेच, टमाटर इन सब में पोटैशियम की ज्यादा मात्रा पाई जाती है।
कार्डियोवैस्कुलर डिसीज से बचाएगी फाइबर डाइट
आपको अपने हार्ट का भी ख्याल रखना है ताकि कोई कार्डियोवैस्कुलर डिसीज न हो। इसके लिए आपको कोलेस्ट्रॉल कम करना होगा। अपनी डाइट में फाइबर को एड करें। फाइबर डाइट लेने से ब्लड शुगर कंट्रोल होगा, पेट संबंधित बीमारियां नहीं होंगी और वजन भी कम रहेगा। जिन मरीजों को पैरालिसिस है उन्हें सुबह ब्रेकफास्ट में एक फ्रूट जरूर दें। 50 और उससे कम उम्र के आदमियों को 38 ग्राम फाइबर हर दिन लेना चाहिए और उससे ज्यादा वालों को 30 ग्राम लेना चाहिए। 50 और उससे कम उम्र की महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर हर दिन लेना चाहिए और उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं को 21 ग्राम फाइबर लेना चाहिए।
ट्रांस फैट को अवॉइड करना है
ट्रांस फैट से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या बन जाती है। कोलेस्ट्रॉल एक फैटी सब्सटेंस होता है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से स्ट्रोक और हार्ट डिसीज के चांस बढ़ जाते हैं। फ्राइड फूड में ट्रांस फैट मौजूद होता है। फ्राइड की जगह पैरालिसिस के मरीजों को बॉइल या बेक्ड फूड दें। ट्रांस फैट के असर से बचने के लिए फल और सब्जियां खाएं। शोध के मुताबिक हेल्दी डाइट में आपको फल और सब्जियों को जरूर एड करना चाहिए। लकवे के मरीजों को 1 कप सब्जी या 1 गिलास जूस जरूर दें। इसके साथ ही हर दिन 1 फल और या 1 गिलास जूस जरूर पीना चाहिए।
स्ट्रोक से बचने के लिए ब्लड प्रेशर कैसे कंट्रोल करें?
लकवे के मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर से बचकर रहना है। हाई ब्लड प्रेशर से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आपको कोशिश करनी है कि लकवे के मरीज का ब्लड प्रेशर 120/80 से कम रहे। इसके लिए सोडियम कम कर दें। पैरालिसिस के मरीज को दिन में आधा टीस्पून से ज्यादा नमक न दें। डाइट में पॉलीअनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट को जोड़ना है और सैचुरेटेड फैअ को कम करना है। अगर मरीज चल सकता है तो दिन में 30 मिनट उन्हें चलाएं या बैठकर भी कसरत करवा सकते हैं। लकवे के मरीजों को अपने वजन को भी कम करने की जरूरत है। वजन बढ़ने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर मरीज ओवरवेट है तो उसे वजन कम कर लेना चाहिए। मोटापे से हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की खतरा भी बढ़ सकता है। पैरालिसिस के मरीजों की कैलोरी तय करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
सोडियम इंटेक कम करें
पैरालिसिस के मरीजों को सोडियम इंटेक भी कम करना है क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लकवे के मरीजों को प्रिजर्व फूड कम से कम दें क्योंकि उसमें सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जितने भी स्नैक्स होते हैं उन सबसे भी दूर रहें। जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या है है जिन्हें हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ चुका है डॉक्टर उनकी डाइट में सोडियम की मात्रा 1500 मिली ग्राम कर देते हैं इसलिए लकवे के मरीज के लिए सोडियम का सही स्तर जानने के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इसके साथ ही शुगर के ज्यादा इंटेक से पैरालिसिस के मरीज को हाइपरटेंशन, मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियां हो सकती हैं इसलिए इनसे दूर रहें। वाइट शुगर, ब्राउन शुगर, शहद, जैली, जैम आदि का सेवन आपको नहीं करना है।
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