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पेट में गैस बनने के 10 कारण, एक्सपर्ट से जानें
Gas in stomach symptoms: जब पेट में गैस ज्यादा बनने लगती है तो इससे सीने में जलन, ब्लोटिंग और खाने-पीने से जुड़ी समस्याएं होने लगती है। लेकिन इसके पीछे कारण क्या है,जानते हैं।
Gas in stomach: पेट में गैस बनने की समस्या आज कल आम हो गई है। हर दूसरा व्यक्ति पेट में गैस बनने की शिकायत करता है। लेकिन कभी आपने सोचा है आखिरकार ये समस्या आज कल इतनी ज्यादा क्यों बढ़ गई है। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ा कारण है हमारी खराब लाइफस्टाल। जी हां, दरअसल सोने और जगने का गलत समय, गलत खाने का चुनाव, स्मोकिंग और ड्रिंकिंग, स्ट्रेस, घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर रहना, इनएक्टिव लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज की कमी पेट में ज्यादा गैस बनाने (excessive gas causes) का काम करती है। इसके अलावा कुछ सेहत से जुड़ी स्थितियां भी होती हैं जो कि पेट में गैस की समस्या पैदा कर सकती हैं।
पेट में गैस बनने के 10 कारण-Causes of Gas in Stomach in Hindi
1. हाई कार्बोहाइड्रेट डाइट का सेवन- Consumption of high carbohydrate diet
हमारा खाना सबसे पहले हमारी पेट से जुड़ा हुआ है। इसलिए हम जो भी खाते हैं उसके रिएक्शन शुरू हो जाता है। ऐसे में हाई कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स का सेवन कई बार नुकसानदेह हो सकता है। दरअसल, जब कार्ब्स प्रभावी रूप से नहीं टूटते हैं, तो वे पेट या कोलन में अपच का कारण बनते हैं। फिर आंत के बैक्टीरियाइसको फर्नेटेंट करने लगते हैं, ये गैस बनाता है और पेट फूलने का कारण बनता है। ऐसे में ध्यान रखें कि जैसे कि ओट्स, केला, शकरकंद, संतरा और रोटी जैसे फूड्स सेवन करते समय ध्यान रखें कि इन्हें आराम से पहले चबा-चबा कर खाएं। साथ ही आपको हाई कार्बोहाइड्रेट डाइट लेने के बाद एक्सरसाइज और शरीरिक गतिविधां करनी चाहिए।
2. हाई फ्रुक्टोज फूड्स खाना-High fructose foods
हाई फ्रुक्टोज फूड्स (High fructose foods) जैसे कि फ्रुक्टोज आमतौर पर छोटी आंत में अवशोषित होता है, लेकिन अधिक मात्रा में फ्रुक्टोज का सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। जहां बैक्टीरिया फ्रुक्टोज को फर्मेटेंट करते हैं। इससे हाइड्रोजन और मीथेन गैसें निकलती हैं, जो दर्द, सूजन, पेट फूलना और दस्त का कारण बनती हैं। ऐसा कुछ सेब, अंगूर, तरबूज जैसे फलों को खाने से भी होता है। इसके अलावा कई मीठे चीजों का सेवन भी शरीर के लिए नुकसानदेह है।
3. प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन-Processed foods
प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन गैस बनाने का कारण बन सकता है। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे कि पैकेज्ड वाले फूड जैसे ब्रेड, स्नैक फूड, अनाज और चॉकलेट सभी शरीर में शरीर में गैस बनने का कारण बनत हैं। जी हां, आपको यह जान कर हैरानी हो सकती है इनमें फ्रुक्टोज और लैक्टोज सहित कई तरह के तत्व होते हैं। इस संयोजन से गैस बढ़ाती हो सकती है। पाचन तंत्र में समस्याएं पैदा कर सकती है और कई लाइफस्टाइल वाली बीमारियों जैसे कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है। इसके अलावा इन्हें बहुत अधिक या बहुत जल्दी खाने से भी सिस्टम ओवरलोड हो सकता है और बैक्टीरिया को अधिक भोजन पहुंचा सकता है, जो गैस उत्पन्न करता है। यह गैस और सूजन पैदा करके असहज कर सकती है।
4. दही-दूध वाले लैक्टोज वाले फूड्स-lactose containing foods
लैक्टोज असहिष्णुता (lactose intolerance) वाले लोगों को दूध से बनी किसी भी चीज से दिक्कत होती है। दरअसल, दूध में पाए जाने वाला प्रोटीन और शुगर कई बार शरीर पूरी तरह से पचा नहीं पाता है। नतीजतन, उन्हें डेयरी उत्पाद खाने या पीने के बाद दस्त, गैस और सूजन होती है। इसमें लैक्टोज नहीं पच पाता है और इसके लक्षण शरीर को असहज करने लगते हैं। ऐसे में आपको पहले ये देखना चाहिए कि दूध, पनीर और आई क्रीम को खाने के बाद गैस की समस्या होती है, तो इसे खाने से बचें।
5. कार्बोनेडेट ड्रिंक्स का सेवन-Carbonated beverages
कार्बोनेटेड ड्रिंक में घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड होती है, जो आपके पेट में शरीर के तापमान को गर्म करने पर गैस बन जाती है। कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से बार-बार डकार आ सकती है क्योंकि आपका पेट कार्बन डाइऑक्साइड गैस के कारण फैलता है। इसके अलावा इन ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा भी ज्यादा होती है जो कि गैस का कारण बन सकती है और शरीर में सूजन भी पैदा कर सकती है। इसलिए कोशिश करें कि कार्बोनेडेट ड्रिंक्स का सेवन कम करें।
6. स्मोकिंग करना-Smoking
स्मोकिंग करना शरीर के लिए कई प्रकार से नुकसानदेह हो सकता है। सिगरेट पीने से फेफड़े और श्वसन तंत्र ही नहीं पूरे शरीर पर असर पड़ता है।जब धुआं शरीर में जाता है, तो वह पेट और आंतों में भी जाता है। तम्बाकू पाचन तंत्र के लिए एक अड़चन है जो सूजन, ऐंठन, गैस और पेट में गड़गड़ाहट का कारण बन सकता है। इसके अलावा ये डाइजेस्टिव जूस का भी नुकसान करता है जिकसे कारण खाना आसानी से नहीं पचता और पेट में लंबे समय के लिए गैस की समस्या रहती है।
7. अघुलनशील फाइबर का ज्यादा सेवन- Diet containing insoluble fibers
अघुलनशील फाइबर पानी में नहीं घुलता है और इसलिए कोलन बैक्टीरिया द्वारा सही से नहीं पच पाता है। ऐसे में फूड्स का सही से ना पच पाना गैस का कारण बनता है। जैसे कि बीन्स, पत्तोगोभी, ब्रोकली और दालों का सेवन गैस पैदा करता है। इसके अलावा लंबे समय के लिए इसका ना पच पाना शरीर के लिए कई अन्य परेशानियों को कारण भी बन सकता है। जैसे तेज पेट दर्द इसलिए अघुलनशील फाइबर का ज्यादा सेवन करने से बचें।
8. बहुत तेजी से खाने या पीने से-Excess ingestion of air
बहुत तेजी से खाने या पीने से एरोगैफिया (aerogaphia) की समस्या हो सकती है। इसमें हवा का अधिक निकल लेना गैस का कारण बन सकता है। इससे शरीर में सूजन हो सकती है। साथ ही ये ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। यह आमतौर पर तेजी से खाने या पीने, च्युइंग गम चबाने, धूम्रपान करने के कारण होता है। इसके अलावा बेल्चिंग वह तरीका है जिससे सबसे अधिक निगली जाने वाली हवा पेट से निकलती है। शेष गैस आंशिक रूप से छोटी आंत में अवशोषित हो जाती है और थोड़ी मात्रा बड़ी आंत में चली जाती है और मलाशय के माध्यम से निकल जाती है।
9. कब्ज और जीआरडी की समस्या के कारण-Constipation and GERD
कब्ज और जीआरडी की समस्या के कारण भी लोगों को गैस की समस्या होती है। कब्ज को आमतौर पर एक सप्ताह में तीन से कम मल त्याग करने के रूप में वर्णित किया जाता है। हालांकि कभी-कभी कब्ज बहुत आम है, कुछ लोगों को पुरानी कब्ज का अनुभव होता है। साथ ही कब्ज अत्यधिक तनाव का कारण भी बन सकती है। इसके अलावा गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (Gastroesophageal reflux disease)तब होता है जब पेट का एसिड बार-बार आपके मुंह और पेट को जोड़ने वाली नली में वापस आ जाता है। यह बैकवाश (एसिड रिफ्लक्स) आपके अन्नप्रणाली के अस्तर को परेशान कर सकता है। बहुत से लोग समय-समय पर एसिड रिफ्लक्स का अनुभव करते हैं जिसे लोग गैस का कारण बताते हैं। ऐसे आपको अपनी डाइट और जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए।
10. इरिटेबल बॉएल सिंड्रोम और छोटी आंत में बैक्टीरिया का ज्यादा बढ़ना-IBS and SIBO
इरिटेबल बॉएल सिंड्रोम(Irritable bowel syndrome) या छोटी आंत में बैक्टीरिया जा ज्यादा बढ़ना (small intestinal bacterial overgrowth) भी गैस का कारण बनता है। छोटे आंतों के बैक्टीरिया इतना बढ़ जाता है कि कई बार से ऊपरी आंत एस्पिरेट को प्रभावित करने लगता है। ऐसे में लोग पेट दर्द या बेचैनी, सूजन, पेट फूलना और दस्त का अनुभव करते हैं।
तो, इन तमाम कारणों से शरीर में गैस की समस्या होती है। इसलिए आप इन चीजों के सेवन और इन स्थितियों से बचे की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा पेट में गैस बनने से बचने के लिए आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें कि कोई भी चीज यानी कि चाहे वो फैल हो या कार्ब कुछ भी ज्यादा ना हो। इसके अलावा शुगर के सेवन से बचें क्योंकि ये भी गैस बना देता है। साथ ही हाई प्रोटीन वाले फूड्स को लेने के बाद एक्सरसाइज जरूर करें। पानी जरूर पिएं। साथ खाने के बाद तुरंत सोने से बचें। स्ट्रेस कम लें और एक्सरसाइज और योग करते रहें।
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