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पेट में कीड़े की वजह से रात में आपके बच्चे निकालते है ऐसी आवाज, इस तरह से लक्षण पहचान कर अपनाएं ये उपाय
बच्चों के पेट में काड़े होने पर अक्सर नींद में दांत पीसने या किटकिटाने की समस्या देखने को मिलती है. पेट में कीड़े होने पर सोते समय बच्चों और बड़ों दोनों की ही मुंह से लार टपकती है. जिन बच्चों या बड़ों के पेट में कीड़े हो जाते हैं, उनके चेहरे से रौनक कम होने लगती है और त्वचा मुरझाई सी लगती है.
Stomach Worm treatment: अक्सर कई बार बच्चों के पेट में अचानक से तेज दर्द उठता है और फिर शांत हो जाता है. आपके दवा देने के बाद भी वही परेशानी बार -बार होती है तो समझ ले कि आपके बच्चों के पेट में कीड़े हैं. ये सवाल ज्यादातर लोगों को तब परेशान करता है, जब उनके बच्चों के पेट में कीड़े हो जाते है. दरअसल बच्चे के पेट में कीड़े की वजह भी उन्हें पेट दर्द का शिकार बनाती है और अगर पेट में कीड़े की परेशानी को ठीक न किया जाए तो बच्चे की सेहत भी नहीं बनती और बच्चा बार-बार बीमार पड़ जाता है. पेट में कीड़े होने पर सोते समय बच्चों और बड़ों दोनों की ही मुंह से लार टपकती है.
शायद आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पेट में होने वाले कीड़े 20 प्रकार के होते हैं, ये कीड़े इतने खतरनाक हो जाते है जब समय रहने इनका इलाज ना किया जाए. ज्यादा समय तक अगर इन कीड़े को नजरअंदाज करने पर ये कीड़े पेट में घाव तक कर देते हैं. कृमिरोग या पेट में कीड़ा दूषित आहार एवं खराब जीवनशैली के कारण ही होता है. जो लोग खुले में बनने वाला भोजन या दूषित भोजन करते हैं उन्हें ही कृमिरोग होने की अधिक संभावना रहती है. भोजन करने से पहले हाथ न धोना, गन्दा और बासी भोजन करना तथा अधिक आराम करना इस प्रकार की जीवनशैली के कारण कृमि रोग होता है.
अगर आपके बच्चे के पेट में भी बार-बार कीड़े हो जाते हैं तो आपको एक्सपर्ट के बताए इन उपायों को जरूर जानना चाहिए. आइए जानते हैं बच्चों के पेट में कीड़े की परेशानी को ठीक करने के आसान उपाय. अगली बार जब आप बच्चों को पेट में कीड़े की दवा दें तो इन बातों का ख्याल जरूर रखें ताकि आपका बच्चा फिर इस परेशानी का शिकार न हो. ये उपाय आपके बच्चे की सेहत को दुरुस्त रखने में मदद कर सकते है.
भोजन करने से पहले हार्थों को अच्छी प्रकार धोएं
खुले में बनने वाला भोजन न खाएं
पीने के लिए साफ जल का प्रयोग करें. नल के पानी को उबाल कर फिर ठण्डा कर के पिएं
दूषित एवं बासी भोजन न खाएं
अधिक मीठे एवं डिब्बाबंद पदार्थों का सेवन न करें
अच्छी प्रकार पका हुआ एवं स्वच्छ भोजन करें
खुले में बनने वाले भोजन की बजाय घर में बना भोजन ही खाएं
बासी और दूषित भोजन से दूर रहें
कच्ची सब्जियां और कच्चे मांस का सेवन न करें. भोजन को अच्छी प्रकार पका कर खाएं
मीठे एवं चिपचिपे पदार्थों का सेवन कम करें
पेट का कीड़ा मारने के लिए घरेलू इलाज
आम तौर पर पेट से कीड़ा निकालने के लिए लोग सबसे पहले घरेलू नुस्खों ही आजमाते हैं, कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके प्रयोग से पेट के कृमि से निजात पाया जा सकता है.
अजवायन का चूर्ण आधा ग्राम और उतना ही गुड़ गोली बनाकर दिन में तीन बार सेवन करें. अजवायन में एंटी बैक्टिरीयल तत्व पाए जाते हैं जो कीड़ों को समाप्त कर देते हैं। इसका सेवन चार से पांच दिन तक करें.
इसके अलावा चुटकी भर काला नमक और आधा ग्राम अजवायन चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय गर्म पानी से लें. यह उपयोग बच्चों में काफी कारगर है यदि बड़ों को यह समस्या है तो काला नमक और अजवायन दोनों को बराबर मात्रा में लीजिए. दिन में दो बार तीन से चार दिन तक इसका सेवन करें.
यदि बच्चों के पेट में कीड़े हो जाएं तो तुलसी के पत्तों से आप उनका इलाज कर सकते हैं. तुलसी के पत्तों या तुलसी के अर्क से पेट के कीड़े मरते हैं. इसीलिए यदि पेट में कीड़े हो जाएं तो बच्चों को तुलसी के पत्तों का अर्क बनाकर दें, इससे उन्हें आराम मिलेगा.
बच्चों के पेट में कीड़े हो जाने पर आप उन्हें एक टीस्पून अजवाइन पानी के साथ निगलने के लिए दें. यह प्रक्रिया दिन में दो बार करने पर फायदा जल्दी दिखेगा. 3 से 4 दिन लगातार अजवाइन के सेवन से बच्चों के पेट के कीड़े खत्म हो जाएंगे.
कृमि रोग होने पर लहसुन की चटनी बनाकर खाएं लहसुन की चटनी में सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम खाने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं. बच्चों और बड़ों दोनों में ही इसका प्रयोग कर सकते हैं.
पेट में कृमि होने पर टमाटर को काटकर उसमें सेंधानमक और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है.
पेट में कीड़े होने पर तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस दिन में दो बार पीने से पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं.
लौंग को पानी में भिगा कर रखें और इसके पानी को बच्चों को पिलाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं। इससे बच्चों के पेट में होने वाली बेचैनी से आराम मिलता है
पेट में कीड़े होने की वजह से कई तरह की परेशानियां रोगी को हो सकती हैं, जैसे- पेट में दर्द, अधिक भूख लगना या भूख न लगना, शरीर में खून की कमी, मुंह से बदबू आना आदि. इसलिए शीघ्र ही घरेलु उपाय द्वारा इसका इलाज करना चाहिए. यदि घरेलु उपायों द्वारा लाभ न मिले तो तुरन्त ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
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