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पेट की टीबी से पीड़ित लोगों में भोजन सही ढंग से नहीं पचता :-
जब फेफड़े से बाहर टीबी होती है तो उसे एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी कहते हैं. इसी में एक है गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्यूबरक्लोसिस. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल टीबी पेट के पेरिटोनियम और लिंफ में होती है. इसमें माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस का संक्रमण हो जाता है.
पेट में टीबी के 5 लक्षण
वजन में कमी-गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्यूबरकुलोसिस या पेट की टीबी से पीड़ित लोगों में भोजन सही ढंग से नहीं पचता. इसके कारण पाचन तंत्र बाधित हो जाता है. जब पाचन तंत्र पर असर पड़ता है तो शरीर में भोजन से आवश्यक पोषक तत्व और विटामिन प्राप्त होने में दिक्कत होने लगती है. नतीजा यह होता है कि शरीर कमजोर होने लगता है और वजन तथा ताकत में कमी आने लगती है.
लगातार हल्का बुखार: लगातार हल्का बुखार भी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्यूबरकुलोसिस का लक्षण हो सकता है. इसमें मरीज का तापमान अचानक बढ़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप भारी पसीना आ सकता है. अगर आपको ऐसा कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
खाने की आदत में बदलावः गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल टीबी खाने की आदतों को अत्यधिक प्रभावित कर सकती है. इसके कारण मरीज की भूख में अचानक कमी का सामना करना पड़ सकता है.
पेट में ऐंठन: पेट में बहुत तेज ऐंठन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्यूबरकुलोसिस का स्पष्ट लक्षण है. इसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐंठन रुक-रुक कर हो सकती है लेकिन कभी-कभी नाभि क्षेत्र के आसपास तेज दर्द के रूप में भी महसूस किया जा सकता है.
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