Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पीसीओडी के लक्षण
शीर्ष आईवीएफ चिकित्सकों द्वारा बताए गये पीसीओडी के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं –
1. माहवारी संबंधी समस्याएं – पीसीओडी मुख्य रूप से ऑलिगोमेनोरिया (एक वर्ष में नौ पीरियड्स से कम आना) या एमेनोरिया (लगातार 3 या अधिक महीनों तक पीरियड नहीं आना) का कारण बनता है। हालांकि मासिक धर्म से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
2. निःसंतानता – यह आम तौर पर लगातार ओव्युलेशन नहीं होने या उसकी कमी के कारण होती है।
3. मस्कुलिनिंग हार्मोन का उच्च स्तर – हाइपरएंड्रोजेनिज्म के रूप में संदर्भित सबसे विशिष्ट संकेत मुँहासे के साथ-साथ चेहरे व शरीर पर अनचाहे बाल का विकास ( पुरुष की तरह ठोड़ी या ऊपरी शरीर पर बालों का विकास) है, इसके अलावा हाइपरमेनोरिया (गंभीर और लम्बा मासिक धर्म) हो सकता है, एंड्रोजेनिक हेयर थिनिंग (बालों का पतला होना या बालों का झड़ना ) या कुछ अन्य लक्षण ।
4. मेटाबोलिक विकार – यह इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़े अन्य संकेतों के साथ वजन की मौलिक समस्याओं की ओर इशारा करता है। पीसीओडी के साथ महिलाओं में सीरम इंसुलिन, इंसुलिन प्रतिरोध और होमोसिस्टीन की मात्रा भी बढ़ जाती है। पीसीओएस के साथ महिलाओं को वजन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
| --------------------------- | --------------------------- |