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अगर किसी महिला का मासिक चक्र 28 दिन का है तो प्रेग्नेंसी की सबसे ज्यादा संभावना पीरियड्स खत्म होने के 12वें, 13वें और 14वें दिन ज्यादा होती है। लेकिन 17वां दिन गुजर जाने के बाद प्रेग्नेंसी की संभावना कम हो जाती हैपीरियड्स मिस होना एक महिला के मन में बहुत सारे सवाल खड़े कर देता है। ऐसी स्थिति में प्रेगनेंसी टेस्ट करना ही इसका हल होता है लेकिन कुछ स्थिति में परिणाम नेगेटिव आने के बाद भी प्रेगनेंसी जैसा लगता है तो पीरियड मिस होने के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करने का क्या है उचित समय जिससे सही परिणाम प्राप्त हो।

प्रश्न : पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे

जैसे ही आपका पीरियड मिस होता है या आपका पीरियड लेट हो गया है तो आप प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हैं। पीरियड्स अनियमित होने पर पिछली बार असुरक्षित यौन संबंध बनाने से लेकर २१ दिन बाद टेस्ट कर सकती है। दिन में किसी भी समय प्रेगनेंसी टेस्ट किया जा सकता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट कब करना चाहिए

कुछ ऐसे संकेत भी है जिससे आप जान सकती है की अब आपको प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना चाहिए जानते है उनके बारे में।
1) ऐंठन होने पर

मासिक धर्म में जिस तरह की ऐंठन होती है प्रत्यारोपण में भी वैसी ही ऐंठन का अनुभव होता है। जब आपकी गर्भावस्था की प्रारंभिक अवस्था है तब इस परेशानी को आप महसूस कर सकते है। आपको ऐसा भी लगता है की आपके पीरियड्स आने वाले है लेकिन यह नहीं आते।

2) पीरियड्स ना आना

मासिक धर्म का ना आना गर्भावस्था परीक्षण का मुख्य कारण होता है। वैसे तो बहुत से गर्भावस्था परीक्षण एकदम सही होते है जब पीरियड्स मिस होने के बाद गर्भावस्था परीक्षण किया जाता है।

लेकिन कुछ स्थिति में हार्मोन का स्तर सकारात्मक परिणाम को सही साबित नहीं करने देता। अगर आपका मासिक धर्म नहीं आया है और टेस्ट भी नेगेटिव है थोड़े दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट फिर से करे।

3) स्तनों में बदलाव

प्रारंभिक गर्भावस्था में रक्त के प्रवाह में वृद्धि होने की वजह से स्तन बड़े दिखाई दे सकते हैं। उनमें दर्द और सूजन भी महसूस होती है यह मासिक धर्म के पहले भी होता है। हमेशा इसे प्रेग्नेंट होने का संकेत नहीं माना जाता इसलिए ऐसा महसूस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट करवाए।

4) उल्टी और मितली होना

अगर किसी महिला को बिना कारण ही मतली और उल्टी आ रही है और आपके पीरियड्स भी मिस हो गए है तो प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना चाहिए। जिसके साथ ही आपको प्रेगनेंसी के दूसरे लक्षण भी दिखाई दे रहे हो तो प्रेगनेंसी से जुड़ी मतली और उल्टी प्रेगनेंसी के दूसरे सप्ताह से होने लगती है और ८ वें सप्ताह के बीच भी शुरू होती है।

5) गर्भनिरोधक विफल

गर्भनिरोधक उपकरण १०० % सुरक्षित नहीं होते जिससे की प्रेगनेंसी की थोड़ी संभावना बनी रहती है फिर चाहे आप कितनी भी सावधानी बरत लें। अगर आप गर्भनिरोधक विफलता को लेकर चिंतित है तो डॉक्टर से परामर्श लें।

6) अलग महसूस होना

अगर आपको कुछ अलग महसूस हो रहा है जैसे बार बार पेशाब आना, थकान होना, जी मिचलाना, तो यह प्रारंभिक गर्भावस्था के कारणों में आता है ऐसे लक्षण दिखने पर प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना चाहिए।

7) कम रक्तस्राव

बहुत सी महिलाओं को आरोपण रक्तस्राव जैसा महसूस होता है यह हल्का रक्तस्राव होता है। जब भ्रूण गर्भाशय की दीवार से जुड़ता है तब ऐसा होता है। प्रत्यारोपण रक्तस्राव पीरियड्स में होने वाले रक्तस्राव की तुलना में हल्का और छोटा होता है।
निष्कर्ष :


बहुत सी महिलाएं पीरियड्स मिस होने पर घबरा जाती है। यदि आपके भी पीरियड्स मिस हो गए है तो समय रहते प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना चाहिए। जिससे की मालूम हो जाएगा की आप प्रेग्नेंट है या नहीं आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकती है।

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