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क्या है पीआरपी थैरेपी: ये एक थैरेपी है जिसे प्लेटलेट्स-रिच प्लाज्मा थैरेपी के नाम से जाना जाता है इस प्रक्रिया में जिस व्यक्ति का उपचार किया जा रहा है उसी का रक्त लिया जाता है। इसमें एक प्रक्रिया के जरिये प्लेटलेट्स के साथ प्लाज्मा ट्यूब में एकत्र कराए जाते हैं। यह प्लाज्मा, जिसमें प्लेटलेट्स और ग्रोथ फेक्टर्स की मात्रा अधिक होती है, ऊतकों के पुनर्निर्माण और क्षतिग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज़) को ठीक करने में काफी उपयोगी होता है। पीआरपी में सामान्य रक्त की तुलना में 5 गुना अधिक प्लाज्मा होता है।
कितनी कारगर है: पीआरपी इंजेक्शन का असर 4-6 हफ्ते बाद ही दिखता है, इसलिए मरीज को इस इंजेक्शन के तत्काल परिणाम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इंजेक्शन बहुत किफायती है, क्योंकि इस पर होने वाला खर्च नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के खर्च के दसवें हिस्से के बराबर होता है।
यह इलाज किसी भी आयु वर्ग के मरीजों के लिए लाभकारी है क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। हालांकि पीआरपी इंजेक्शन लेने के लिए उम्र सीमा या सावधानी बरतने कि कोई जरूरत नहीं रहती, लेकिन अाॅर्थराइटिस के शुरुआती चरण में जितनी जल्दी हो सके यह इलाज कराना ही बेहतर होता है ताकि अधिकतम और लंबी अवधि तक इसका लाभ मिल सके।
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