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शरीर में क्यों बढ़ता है पित्त? जानें इसे संतुलित करने के घरेलू उपाय
आयुर्वेद के अनुसार शरीर में पित्त बढ़ने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो जाती है। आखिर पित्त क्यों बढ़ता है? और इसे किन घरेलू उपायों से संतुलित करें।
क्या आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आता है? या आपके शरीर में खुजली और दाने रहते हैं? अगर हां, तो ये लेख आपके काम का हो सकता है। क्योंकि ये सभी लक्षण पित्त प्रकृति वाले लोगों में देखने को मिलते हैं। जिन लोगों में पित्त दोष ज्यादा होता है, वे पित्त प्रकृति वाले होते हैं। पित्त दोष अग्नि और जल दो तत्वों से मिलकर बना होता है, जब शरीर में अग्नि बढ़ जाती है तो पित्त दोष जन्म लेता है। एक स्वस्थ शरीर के लिए पित्त का संतुलन में होना बहुत जरूरी होती है। क्या है पित्त दोष और इसे संतुलित करने के कुछ घरेलू उपाय-
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दरअसल, पित्त दोष बढ़ने पर शरीर में बहुत ज्यादा थकावट आने लगती है। इससे नींद में कमी, त्वचा में खुजली, शरीर में जलन और गुस्सा भी बहुत ज्यादा आता है। शरीर में पित्त बढ़ने से 40 तरह के रोग जन्म ले सकते हैं। इसलिए इसे समय पर शांत करना जरूरी होता है। अगर पित्त दोष के शुरुआत लक्षण दिख रहे हैं, तो आप इसे कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी ठीक कर सकते हैं।
क्या है पित्त दोष (What is Pitta Dosha)
हमारा शरीर तीन चीजों से मिलकर बना होता है। इसमें वात, पित्त और कफ शामिल होता है। शरीर में इनमें से किसी एक का भी असंतुलन रोग पैदा कर सकता है। इसलिए आपको इन तीनों को शांत और संतुलित करने कोशिश करनी चाहिए। पित्त दोष शरीर में तब बढ़ता है, जब बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खाया जाता है या फिर मानसिक तनाव लेने पर भी पित्त दोष जन्म लेता है। पित्त दोष होने पर शरीर में अग्नि की मात्रा बढ़ जाती है, जो 40 तरह के रोगों का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं पित्त की कमी से भी रोग उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए इसे संतुलन में रखना जरूरी होता है। किसी भी दोष का बढ़ना या कम होना रोगों को बुलावा देते है।
शरीर में क्यों बढ़ता है पित्त दोष (Why Pitta Dosha Increase)
शरीर में पित्त दोष बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। इसमें भोजन, शारीरिक और भावनात्मक कारण शामिल होते हैं। ज्यादा तीखा, खट्टा, अधिक मसालेदार, नमकीन, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर में पित्त दोष बढ़ने लगता है। रेड मीट खाने से, कैफीन युक्त चीजों के सेवन से, शराब और निकोटीन के सेवन से भी पित्त असंतुलित हो जाता है। अगर आप ज्यादा धूप में रहते हैं, तो भी पित्त दोष हो सकता है। भावनात्मक तनाव और स्ट्रेस लेने से पित्त बढ़ने लगता है। बहुत ज्यादा एक्सरसाइज या काम करने से भी पित्त दोष में वृद्धि होती है।
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पित्त दोष को संतुलित करने के घरेलू उपाय (Home Remedies to Balance Pitta Dosha)
1) घरेलू उपायों में घी, मक्खन और दूध से भी पित्त दोष को संतुलित किया जा सकता है।
2) पित्त असंतुलित या बढ़ा हो तो ऐसे में आपको खट्टे फलों के सेवन से बचना चाहिए। इसे संतुलित करने के लिए मीठे फलों का सेवन करना लाभकारी होता है।
3) पित्त को शांत करने के लिए आप एलोवेरा, व्हीटग्रास का जूस पी सकते हैं। इससे पित्त को आसानी से संतुलित किया जा सकता है। लौकी का जूस भी पित्त दोष को शांत करने में मददगार होता है।
4) आंवले के जूस से भी पित्त को संतुलित किया जा सकता है। इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पित्त को संतुलित करने में मददगार होते हैं।
5) पित्त दोष होने पर शरीर में अग्नि की मात्रा बढ़ी होती है, ऐसे में ज्यादा मात्रा में पानी पीने से इसे शांत किया जा सकता है।
6) पित्त दोष को संतुलित करने के लिए आप गुलाब की पंखुड़ियों का गुलकंद बनाकर पी सकते हैं। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर में अग्नि को शांत करने में मदद करता है।
7) शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ने पर आप सौंफ, धनिया का पानी पी सकते हैं। इसके लिए एक-एक चम्मच सौंफ और धनिया रात को एक गिलास पानी में मिला लें। रातभर भिगोकर रखें और सुबह इसका पानी पी लें।
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8) इसके साथ ही पुदीने का पानी भी पित्त दोष को संतुलित करने में मददगार होता है।
9) मुनक्का भी पित्त दोष को शांत करने में मददगार होता है। दूध में मुनक्का को उबालकर इसे खाने से पित्त को संतुलित किया जा सकता है।
10) इसके अलावा पित्त दोष तो शांत करने के लिए आपको अपनी डाइट में घी को जरूर शामिल करना चाहिए। घी पित्त को संतुलित करने में बेहद मददगार होता है। आप इसे दाल, सब्जी में इस्तेमाल कर सकते हैं।
11) सब्जियों में आपको खीरा, शिमला मिर्च, अंकुरित दाल, पत्तेदार सब्जियां, बींस और लौकी को शामिल करना चाहिए।
पित्त दोष को शांत करने के टिप्स (Tips to Balance Pitta Dosha)
- पित्त दोष को संतुलित करने के लिए आपको कड़वी, कसैली और मीठी चीजों का सेवन करना चाहिए।
- अगर आपका पित्त बढ़ा हुआ है, तो बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से आपको बचना चाहिए।
- दोस्तों के साथ बातें करके, खुश रहकर भी इसे शांत किया जा सकता है।
- मेडिटेशन करके भी पित्त दोष को संतुलित किया जा सकता है।
- मार्जरी आसन, चंद्र नमस्कार, भुजंगासन और शवासन करके पित्त दोष को शांत करने में मदद मिलती है।
अगर आपके शरीर में भी पित्त दोष बढ़ा हुआ है, तो आप इन घरेलू उपायों की मदद से इसे संतुलित कर सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक इसमें असर देखने को न मिले, तो आपको डॉक्टर से कंसल्ट करने की जरूरत होती है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय के साथ-साथ यह बढ़ता जाता है।
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