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आमतौर पर प्रेगनेंसी की पहली तिमाही यानी गर्भावस्‍था के शुरुआती तीन महीनों में मिसकैरेज का खतरा ज्‍यादा रहता है। कई कारणों से मिसकैरेज हो सकता है और इस पर हमारा कंट्रोल नहीं है।

इन वजहों से प्रेग्नेंसी के शुरुआती 3 महीने में रहता है मिसकैरिज का खतरा-

1. बच्चेदानी की खराबी
बच्चेदानी में खराबी प्रेग्नेंसी के तीन महीने का सबसे बड़ा कारण है। मिसकैरिज के 30 से 35 प्रतिशत मामले इसी वजह से होते हैं। अगर किसी महिला की बच्चेदानी यानी गर्भाशय एक न होकर 2 भागों में बंटा हो तो गर्भ में बच्चा एक या फिर दोनों भागों में ठहर सकता है। इससे उसे पूरा पोषण नहीं मिल पाता और मिरकैरिज का चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

2. इंफेक्शन
बच्चेदानी में इंफेक्शन भी इसकी मुख्य वजह है। कई बार तो संक्रमण के कारण गर्भ ठहरने में भी बहुत परेशानी होती है। पीरियड्स में किसी भी तरह की कोई परेशानी आ रही है तो सबसे पहले महिला चिकित्सक से इसकी जांच करवा लें ताकि प्रेग्नेंसी में कोई दिक्कत न आए।

3. स्मोकिंग और ऐल्कॉहॉल
जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं या फिर ऐल्कॉहॉल का सेवन करती हैं उन्हें भी मिसकैरिज की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

4. पोषक तत्वों की कमी
महिलाओं के लिए खुद का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। अगर पहले से ही उनके शरीर में पोषक तत्वों का अभाव हो तो शादी के बाद प्रेग्नेंसी में भी यह कमी पूरी नहीं हो पाती जिससे मिसकैरिज के चांस बढ़ जाते हैं।


5. डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी
अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो प्रेग्नेंसी में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। यह समस्या डायबीटीज रोग में ज्यादा होती है। इस स्थिति में गर्भ ठहर तो जाता है लेकिन 3 महीने में ही गर्भपात हो सकता है। इसके अलावा गुर्दे की खराबी, हाई ब्लड प्रेशर, अनीमिया, बच्चेदानी में रसौली आदि इसकी खास वजहें हैं।

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