healthplanet.net

Posted on

सुलझाएं पथरी की गुत्थी
शरीर में पथरी यानि स्टोन होना काफी कॉमन समस्या है। पथरी की वजहें और इसके इलाज के बारे में एक्सपर्ट्स से बात करके पूरी जानकारी दे रहे हैं चंदन चौधरी।
शरीर में पथरी यानि स्टोन होना काफी कॉमन समस्या है। पथरी की वजहें और इसके इलाज के बारे में एक्सपर्ट्स से बात करके पूरी जानकारी दे रहे हैं चंदन चौधरी। दरअसल, पथरी की बीमारी काफी कॉमन है और इसका इलाज भी आसान है। इसमें शरीर के कुछ अंगों में मिनरल और सॉल्ट जमकर पत्थर का रूप ले लेते हैं। इसे पथरी कहते हैं। यह मूंग दाल से लेकर टेनिस बॉल के साइज तक हो सकती है। पथरी यानि स्टोन शरीर में चार जगहों पर हो सकती है:-किडनी, यूरेटर (पेशाब की नली) और यूरिनरी ब्लैडर (पेशाब की थैली) में। यह पूरा एरिया पथरी होने के लिहाज से काफी संवेदनशील है।

-पित्त की थैली यानि गॉल ब्लैडर में। यहां भी पथरी होना कॉमन है।

-लार बनाने वाले स्लाइवा ग्लैंड्स में। ये ग्लैंड्स मुंह के अंदर होते हैं और कभी-कभार यहां भी पथरी हो जाती है। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं। पथरी के कुल मामलों में एक फीसदी भी स्लाइवा ग्लैंड्स की पथरी के नहीं होते।

-खाना पचाने वाले पैनक्रियाज ग्लैंड में। यह पथरी भी कॉमन नहीं है।

सबसे कॉमन है किडनी की पथरी और फिर गॉल ब्लैडर की। दोनों पथरी में ही तेज दर्द होता है। जब पथरी एक जगह से दूसरी जगह जाने की कोशिश करती है तो दर्द होता है। यह दर्द किडनी में भी हो सकता है और यूरेटर में भी। अगर गॉल ब्लैडर में पथरी है तो सीधे हाथ की तरफ पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है। हाथ लगाने पर दर्द बढ़ जाता है। किडनी की पथरी में पीछे से होते हुए दर्द आगे की तरफ आता है और फिर जननांगों की तरफ जाता है।क्या हैं वजहें
शरीर में कैल्शियम या प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होना।
-ज्यादा नमक या प्रोटीन डाइट जैसे कि मटन, चिकन, पनीर, फिश, अंडा, दूध आदि ज्यादा खाना।
-कुछ क्षेत्र विशेष से जुड़ा होना। पहाड़ी इलाकों, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान जैसे उत्तरी इलाकों में इसका खतरा ज्यादा है।
-गर्म जगहों पर काम करना जैसे कि भट्ठी के पास काम करने वाले लोग या ड्राइवर।
-पथरी होने की प्रवृत्ति होना। दरअसल, हमारे यूरीन में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर में स्टोन बनने से रोकते हैं। ये तत्व हैं साइट्रेट, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम, कुछ खास तरह के प्रोटीन आदि। जिन लोगों में ये तत्व नहीं होते, उनमें स्टोन बनने की आशंका बढ़ जाती है। अगर इस समस्या की फैमिली हिस्ट्री है तो दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को ज्यादा मात्रा (दिन भर में करीब 12-15 गिलास) पानी पीना चाहिए। अगर शरीर में ज्यादा मात्रा में पानी होगा तो पेशाब कम गाढ़ा होगा और पथरी नहीं बनेगी। -यूरिनरी ब्लैडर यानी मूत्राशय की बनावट में कोई गड़बड़ी होना।
-लंबे समय तक बेड पर लगातार लेटे रहना जैसे कि पैरालिसिस या कमर की हड्डी टूटने वाले मरीज। नोट: जो पथरी इंफेक्शन से बनती है, वह भुरभुरी होती है। यह धीरे-धीरे साइज में थोड़ी बड़ी होती जाती है। शुरुआत में छोटा साइज होने की वजह से इसके लक्षण कम नजर आते हैं और यह किडनी को ज्यादा नुकसान कर देती है क्योंकि लक्षण साफ न होने से बीमारी की जानकारी देर से होती है। इसे स्टैग हॉर्न स्टोन कहते हैं। इसमें धीरे-धीरे पूरी किडनी में बड़ी-बड़ी पथरी बन जाती हैं।स्टोन 4 तरह के होते हैं

सिस्टीन स्टोन - यह स्टोन उन लोगों में ज्यादा बनता है जिनमें अनुवांशिक विकार सिस्टीनुरिया होता है। इस प्रकार की पथरी में सिस्टीन (एक एसिड जो शरीर में पैदाइशी होता है) का रिसाव पेशाब में होता है।स्ट्रावाइट स्टोन - इस तरह की पथरी ज्यादातर यूरिनरी ट्रैक इन्फेक्शन (UTI) से पीड़ित महिलाओं में पाई जाती है। यह स्टोन किडनी में इन्फेक्शन की वजह से होता है। साइज में बड़ा होने पर यह पेशाब में रुकावट पैदा कर सकता है।यूरिक ऐसिड स्टोन - यह स्टोन महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा होता है। जब पेशाब में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है तो यह बनता है। प्यूरिन से भरपूर आहार से पेशाब में एसिड का स्तर बढ़ सकता है।

कैल्शियम स्टोन - कैल्शियम स्टोन किडनी में होने वाली पथरी में सबसे कॉमन है। ये कैल्शियम ऑक्सलेट, फॉस्फेट या मेलिएट से बनते हैं। चिप्स, मूंगफली, चॉकलेट, चुकंदर और पालक में ऑक्सलेट की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से कैल्शियम स्टोन की आशंका बढ़ जाती है।ऐसे पहचानें
1. पेट में दर्द होना 2. पेशाब करते समय दर्द होना 3. पेशाब का पीला होना 4. पेशाब में बहुत ज्यादा बदबू होना 6. पेशाब में खून आना 5. उलटी जैसा लगना

कौन-सी जांच

यूरिन टेस्ट
दर्द की शिकायत पर जब मरीज डॉक्टर के पास आता है तो सबसे पहले यूरिन टेस्ट किया जाता है। अगर इसमें ब्लड या क्रिस्टल मिलते हैं तो इसे पथरी का लक्षण माना जाता है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड किया जाता है।
कीमतः 120-150 रुपये लगभग

अल्ट्रासाउंड
दर्द की शिकायत पर मरीज का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। ज्यादातर मामलों में अल्ट्रासाउंड में पथरी दिख जाती है।कीमतः 500-1000 रुपये लगभग

सीटी स्कैन
कई बार कब्ज, गैस या फिर ढंग से अल्ट्रासाउंड न करने से पथरी अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखती। तब सीटी स्कैन किया जाता है।
कीमतः 5000-8000 रुपये लगभग

न्यूक्लियर स्कैन
अगर किडनी खराब हो गई है तो न्यूक्लियर स्कैन करते हैं। इस टेस्ट से पता लगता है कि किडनी कितनी खराब हुई है। यह टेस्ट हर जगह नहीं होता। कीमतः 6000-7000 रुपये लगभगकब हो सकती है खतरनाक
- कई बार पथरी की वजह से किडनी गुब्बारे की तरह फूल जाती है और तेज दर्द हो जाता है। इससे धीरे-धीरे किडनी खराब हो जाती है। अलोपैथी में गॉलब्लैडर की पथरी में गॉलब्लैडर को निकाल देने के अलावा कोई और दूसरा इलाज नहीं है।



solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info