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कहीं आपके शरीर में भी तो पथरी नहीं? ऐसे करें पहचान और इलाज
पथरी आजकल एक आम समस्या बन गई है। हम तो यही चाहेंगे कि किसी भी पाठक को इसे न झेलना पड़े लेकिन फिर भी अगर किसी को पथरी हो जाती है तो इसे वक्त रहते जानकर इलाज कर लेना बेहतर है...
पीठ और पेढ़ू-जांघ जोड़ में दर्द- किडनी की पथरी में आमतौर पर पीठ के एक तरफ, खासतौर पर पसलियों के नीचे तेज दर्द होता है। ये दर्द पेट में भी महसूस हो सकता है। जब पथरी मूत्रमार्ग की तरफ जाती है तो दर्द पेट के निचले हिस्से और पेढ़ू-जांघ जोड़ तक पहुंच जाता है। ये दर्द आमतौर पर 5-15 मिनट तक रहता है।
यूरीन पास होने के दौरान दर्द होना- बड़े आकार की पथरी कई बार मूत्रमार्ग को आधा ब्लॉक कर देती है जिससे यूरीन पास होने पर दर्द होता है। इस दौरान पेल्विक और मूत्रमार्ग के आसपास भी तेज दर्द हो सकता है।
यूरीन का असामान्य रंग- पथरी से मूत्रमार्ग की लाइनिंग और टिशूज को हानि पहुंच सकती है जिससे ब्लीडिंग भी हो सकती है। आपको ब्लीडिंग कितनी हो रही है उस पर आपके यूरीन का रंग निर्भर होगा। ये गाढ़ा पीला, गुलाबी, लाल या भूरे रंग की हो सकती है।
उल्टी और मतली- पेट के निचले हिस्से और पीठ में दर्द, कंपकपी और बुखार के साथ उल्टी और मतली होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इससे किडनी की पथरी का शुरुआत में पता लगाया जा सकता है।
बार-बार यूरीन की इच्छा- जब पथरी का आकार बढ़ने लगता है तो अवरोध के कारण यूरीन फ्लो में बाधा पड़ती है। जब आप पूरी तरह से यूरीन को शरीर से निकाल नहीं पाते तो बार-बार यूरीन की इच्छा होती है।
नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का पानी पीना चाहिए।
पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।
पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।
आंवला भी पथरी में बहुत फायदा करता है। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।
जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।
सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।
चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ जिसमें कैफीन पाया जाता है, उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए। कोल्ड्रिंक बिलकुल मत पीजिए।
तुलसी के बीज का हिमजीरा दानेदार शक्कर व दूध के साथ लेने से मूत्र पिंड में फंसी पथरी निकल जाती है।
जीरे को मिश्री की चाशनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।
बेल पत्थर को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।
8वें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं। दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।
पथरी होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने से गुर्दे में पानी कम छनता है। पानी कम छनने से शरीर में मौजूद कैल्शियम, यूरिक एसिड और दूसरे पथरी बनाने वाले तत्व गुर्दे में फंस जाते हैं जो बाद में धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं।
खूब पानी पीएं। कपालभाती प्राणायाम करें। हरी सब्जियां, टमाटर, काली चाय, चॉकलेट, अंगूर, बीन्स, नमक, एंटासिड, विटामिन डी सप्लीमेंट कम ले।
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