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क्या आप भी सोते समय हंसते या मुस्कुराते हैं? मनोचिकित्सक से जानें इसके पीछे की वजह

हर इंसान को दिन भर की थकान के बाद रात को अच्छी नींद की जरूरत होती है। अगले दिन के लिए शरीर को रेडी और एनर्जी से भरपूर रखने के लिए रात में अच्छी नींद का अना बहुत जरूरी होता है। लेकिन बहुत से लोगों को नींद में बड़बड़ाते हुए या फिर नींद में कुछ ऐसे काम करते हुए देखा होगा जो सामान्य नहीं है। ठीक उसी प्रकार आपने किसी न किसी को नींद में हंसते या मुस्कुराते हुए जरूर देखा होगा। यह ज्यादातर शिशुओं में देखने को मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह समस्या वयस्कों में भी देखी जाती है। हालांकि सामान्य रूप से नींद के दौरान हंसना या मुस्कुराना एक आम बात है लेकिन जब किसी भी व्यक्ति में यह दिन ब दिन बढ़ने लगता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादातर मामलों में लोग सपने या किसी तरह की याद आने के बाद नींद में हंसते या मुस्कुराते हैं और इससे सेहत या मानसिक स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन जब कोई व्यक्ति लगातार नींद में हंसता या मुस्कुराता है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। नींद में हंसने या मुस्कुराने (Laughing and Smiling While Sleep) के पीछे क्या कारण है? क्या इसकी वजह से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है? आइये जानते हैं इन सवालों के जवाब दिल्ली के मधुकर रेनबो हॉस्पिटल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सबीउल्लाह सैयद (Dr Sabiullah Syyed) से।
कितना सामान्य है नींद में हंसना या मुस्कुराना?

ज्यादातर लोगों में नींद के दौरान हंसना या मुस्कुराना एक आम प्रक्रिया है जिसके पीछे सपने या किसी बात के याद आने को कारण माना जाता है। जब लोग गहरी नींद में होते हैं तो उस स्थिति को रैंडम आई मूवमेंट (आरईएम) कहते हैं। यह नींद की ऐसी अवस्था है जिसमें लोग ज्यादातर सपने देखते हैं। इस समय सपने देखने पर लोग हंसते या मुस्कुराते हैं। हालांकि इस दौरान हंसना या मुस्कुराना सामान्य है लेकिन अगर कोई भी व्यक्ति जो नींद में हो और उसे लगातार हंसी आ रही है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कई लोगों को नींद में चलने या बोलने की समस्या होती है। इसी प्रकार नींद के दौरान लगातार हंसने की आदत मानसिक स्वास्थ्य में दिक्कत का संकेत भी दे सकती है। अगर किसी भी व्यक्ति को नींद में लगातार (काफी दिनों तक अक्सर) हंसने या मुस्कुराने की आदत बन रही है तो यह एक समस्या भी हो सकती है।
नींद में हंसने या मुस्कुराने का कारण
नींद में हंसना या मुस्कुराना एक सामान्य प्रक्रिया है। गहरी नींद में होने पर जब लोग सपने देखते हैं तो इसकी वजह से हंसने या मुस्कुराने की प्रक्रिया होती है। नींद में हंसने या मुस्कुराने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, आइये जानते हैं इनके बारे में।

1. स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर

स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर की समस्या से ग्रसित लोग अक्सर नींद से जुड़ी मांसपेशियों की एटोनिया का अनुभव नहीं करते हैं। इसकी वजह से कई बार समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। ऐसे लोग जो स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर से ग्रसित हैं वे अक्सर नींद में हंसते या मुस्कुराते नजर आएंगे। यह समस्या ज्यादातर बुजुर्ग लोगों में होती है। पार्किंसंस रोग या मल्टीपल सिस्टम एट्रोफी जैसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति वाले लोगों में भी यह स्थिति देखी जा सकती है।

2. सपनों की वजह से नींद में हंसना

ज्यादातर लोग सपनों की वजह से नींद में हंसने या मुस्कुराने का काम करते हैं। लेकिन अगर या आदत लगातार किसी व्यक्ति में बनी रहती है तो इसके लिए किसी एक्सपर्ट से सुझाव जरूर लेना चाहिए। नींद में चलना, बोलना या हंसना एक प्रकार का स्लीप डिसऑर्डर भी हो सकता है।

3. अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थिति

कई लोगों में तमाम न्यूरोलॉजिकल स्थितियों की वजह से नींद में में हंसने या बोलने की समस्या होती है। पार्किंसंस रोग जैसी स्थितियों वाले लोगों को आरबीडी से ग्रसित होने की संभावना अधिक होती है ऐसे में इन लोगों में नींद के दौरान हंसना या मुस्कुराना देखा जा सकता है। इसके अलावा कई अन्य स्थिति जैसे हाइपोथैलेमिक हैमार्टोमा (एचएच) के कारण भी लोग नींद में हंसते या मुस्कुराते हैं।

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