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अधिकांश अस्पताल और मातृत्व क्लिनिकों में स्टाफ सदस्य या आया होती है, जो नई माँ की नवजात को नहलाने और स्तनपान करवाने में मदद करती हैं। जन्म के तुरंत बाद नर्स शिशु की त्वचा पर लगे एमनियोटिक द्रव्य, रक्त या किसी अन्य तत्व को पौंछ कर उसे साफ कर देंगी।

जन्म के कुछ घंटों बाद तक या फिर जब तक उसके शरीर का तापमान स्थिर नहीं हो जाता, तब तक शिशु को नहीं नहलाया जाता। नवजात शिशु अपने शरीर का तापमान बहुत अच्छी तरह समायोजित नहीं कर पाते।

जन्म के तुरंत बाद नवजात को नहलाने से उसके शरीर का तापमान गिरने का खतरा रहता है। अधिकांश अस्पताल यही सलाह देते हैं कि शिशु का पहला स्नान उसके जन्म के एक दिन बाद ही कराया जाए।

मगर, यदि आप चाहें और आपका शिशु ठीक-ठाक है, तो जन्म के कुछ घंटों बाद उसे स्नान कराया जा सकता है। स्नान से पहले ये बातें जरुर ध्यान में रखें कि आपका शिशु स्वस्थ है, वह पूर्ण अवधि का है, उसके शरीर का तापमान सामान्य है और जिस कमरे में आप दोनों हैं, वह गर्म है।

अगर आप शिशु को पहली बार स्वयं नहलाना चाहती हैं, तो आप घर जाने तक का इंतजार कर सकती हैं। क्योंकि घर पर शायद आप ज्यादा आरामदेह महसूस करेंगी।

अगर आप उसे अस्पताल में ही स्नान करवाना चाहती हैं, तो सुनिश्चित करें कि कमरे में हल्की गर्माहट हो। स्नान कराते वक्त हर समय अपने बच्चे को कस कर पकड़ कर रखें। स्नान के लिए जिस भी चीज की आपको आवश्यकता है, उसकी तैयारी पहले से ही कर लें, ताकि आपको बीच में न उठना पड़े।

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