Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
नमक का पानी पीने के फायदे – Benefits of Salt Water in Hindi
पानी की तरह ही नमक का पानी पीने के फायदे भी होते हैं। बशर्ते नमक पानी को सीमित मात्रा में पिया जाए। अधिकता किसी भी चीज की हानिकारक होती है, इसलिए सीमित मात्रा में नमक का पानी पीकर इसके लाभ उठाए जा सकते हैं। ध्यान दें कि हर तरह के फायदे के लिए अलग-अलग तरह के नमक का उपयोग हो सकता है, जिसकी जानकारी हम लेख में आगे दे रहे हैं।
1. पाचन के लिए
पाचन के लिए नमक का पानी पीने के फायदे हो सकते हैं। बस इसके लिए काले नमक या सेंधा नमक का इस्तेमाल करने की जरूरत होगी। पानी में चुटकी भर काला नमक डालकर पीने से कब्ज की परेशानी कुछ कम हो सकती है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एडवांस इन फार्मेसी द्वारा किए गए रिसर्च में भी इस बात की जानकारी मिलती है (1)।
एक अन्य रिसर्च पेपर की मानें, तो नमक में सोडियम और कलोराइड नामक दो आयन (Ion) होते हैं। इनमें से कलोराइड शरीर में जाकर हाइड्रोक्लोरिक एसिड पैदा करता है, जो पाचन में मदद कर सकता है। साथ ही काला नमक मल को मुलायम करके कब्ज की शिकायत को दूर कर सकता है। यही नहीं, काले नमक में मौजूद आयरन पेट फूलने की समस्या को भी कम कर सकता है (2)।
2. गले में खराश
अगर अक्सर गले में खराश रहती है, तो नमक पानी पीने के फायदे हो सकते हैं। मेडलाइन प्लस में प्रकाशित जानकारी में बताया गया है कि गले में खराश, दर्द, सूजन और खुजली जैसी परेशानी को कुछ कम करने में नमक वाला पानी पीने के फायदे देख जा सकते हैं (3)।
एक अन्य रिसर्च पेपर में कहा गया है कि अगर गले की खराश का कारण बैक्टीरिया नहीं हैं, तो नमक पानी की मदद से इससे जुड़े दर्द और अन्य लक्षण को कम किया जा सकता है (4)। इसके लिए गुनगुना नमक पानी पीने के अलावा नमक पानी से गरारे भी कर सकते हैं (3)।
3. टॉन्सिलाइटिस
टॉन्सिल गले में जीभ के पीछे मौजूद टिश्यू का जोड़ा होता है। जब इसमें बैक्टीरिया की वजह से सूजन हो जाती है, तो उसे टॉन्सिलाइटिस कहते हैं। इस दौरान गले में सूजन, खाना निगलने में परेशानी और कई बार बात करने में भी तकलीफ होने लगती है। ऐसे में इससे राहत पाने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ पीने और नमक पानी से गरारे करने की सलाह दी जाती है (5)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि नमक वाला पानी पीने के फायदे में से एक टॉन्सिलाइटिस से राहत मिलना भी है।
4. शरीर में मिनरल्स पहुंचाए
नमक पानी शरीर में मिनरल्स को सही तरीके से पहुंचाने में मदद कर सकता है। एक रिसर्च पेपर में इस बात का जिक्र मिलता है कि नमक आहार में आवश्यक खनिजों जैसे मैग्निशियम, मैंगनीज, आयरन, कॉपर, और जिंक की जरूरी मात्रा को डाइट में पहुंचाने का आर्दश विकल्प है (6)। ऐसे में माना जा सकता है कि नमक पानी पीने के लाभ में शरीर को आवश्यक मिनरल पहुंचाना भी शामिल है।
5. मस्तिष्क के लिए जरूरी
नमक वाला पानी पीने के फायदे में मस्तिष्क स्वास्थ्य को भी गिना जाता है। साथ ही नमक पानी मस्तिष्क के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में इस बात का जिक्र मिलता है। शोध में यह तक कहा गया है कि नमक की कमी शरीर में हो जाए, तो व्यक्ति दिमागी रूप से अस्वस्थ हो सकता है। साथ ही न्यूरोलोजिकल विकास भी इसकी कमी से धीमा पड़ सकता है। इसी वजह से नमक पानी पीने के फायदे में मस्तिष्क स्वास्थ्य को भी जोड़ा जा सकता है (2)।
6. हाइड्रेशन के लिए
शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो उस स्थिति को डीहाइड्रेशन व निर्जलीकरण कहा जाता है। ऐसा अक्सर कम पानी पीने या फिर डायरिया के कारण होता है। दरअसल, शरीर में पर्याप्त पानी न होने से जरूरी इलेक्ट्रेलाइट जैसे कि सोडियम, मैग्निशियम की कमी हो जाती है। वहीं, ये दोनों तत्व शरीर में फ्लूइड को बैलेंस करते हैं (6)। ऐसे में नमक वाला पानी पीने के फायदे हो सकते हैं। इस बात का जिक्र वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की वेबसाइट में भी मिलता है (7)।
दरअसल, शरीर में दोबारा से पानी की पूर्ति करने को रिहाइड्रेशन थेरेपी कहते हैं। इसके लिए नमक पानी का घोल मदद कर सकता है। नमक पानी के साथ ही इस घोल में थोड़ी सी चीनी भी मिला दी जाए, तो यह और असरदार हो सकता है। इसी वजह से हाइड्रेशन और रिहाइड्रेशन थेरेपी दोनों के लिए नमक पानी पीने के लाभ देखे जा सकते हैं (8)।
7. इंफ्लेमेशन/सूजन
नमक का पानी पीने के फायदे में से एक सूजन को कम करना भी है। हम ऊपर बता ही चुके हैं कि नमक में मैग्नीशियम होता है। इस कंपाउंड को इंफ्लेमेशन यानी सूजन कम करने के लिए जाना जाता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट में मौजूद रिसर्च पेपर से भी होती है (9)। ऐसे में कहा जा सकता है कि नमक पानी से शरीर की सूजन थोड़ी कम हो सकती है।
यही नहीं, नमक पानी का गरारा या इसे माउथ वॉश की तरह इस्तेमाल करने से मुंह संबंधी सूजन कम हो सकती है। एक वैज्ञानिक अध्ययन से यह जानकारी मिलती है कि सोडियम कलोराइड माउथवॉश में एंटी इंफ्लामेटरी प्रभाव होता है (10)। हम सब जानते ही हैं कि नमक का वैज्ञानिक नाम सोडियम कलोराइड ही है।
8. फटी एडियां और रूखी त्वचा
फटी एडियों को ठीक करने के लिए नमक पानी का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी से त्वचा रूखी होने लगती है (6)। जब त्वचा रूखी होती है, तो स्किन फट सकती है (11)। इसे क्रेक स्किन भी कहा जाता है। साथ ही नमक में मैग्नीशियम होता है (2)। इस केमिकल कंपाउंड को स्किन हाइड्रेशन के लिए जाना जाता है (9)। इस आधार पर कह सकते हैं कि फटी एड़ियों में भी नमक पानी का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। वैसे नमक पानी पीने से ज्यादा नमक पानी में पैर डूबोने से क्रेक हील में अधिक लाभ मिलता है।
9. पैरों की ऐंठन व मांसपेशियों के लिए
नमक पानी पीने के फायदे में मांसपेशियों को स्वस्थ रखना और पैरों की ऐंठन को कम करना भी शामिल है। इससे जुड़े एक रिसर्च पेपर में इस बात का जिक्र मिलता है कि सोडियम शरीर की मांसपेशियों की गतिविधि को नियंत्रित कर सकता है (2)। इसी वजह से नमक में मौजूद सोडियम को मांसपेशियों के लिए जरूरी मिनरल माना जाता है । यह मांसपेशियों को कमजोरी से भी बचा सकता है (12)
यही नहीं, पैरों में होने वाली ऐंठन को भी कम करने में यह सोडियम मदद कर सकता है। दरअसल, रिसर्च पेपर में बताया गया है कि शरीर में सोडियम का स्तर घटने पर पैरों में ऐंठन हो सकती है। ऐसे में नमक पानी पीने से पैरों की ऐंठन को कम करने और मांसपेशियों की गतिविधि को सही रखने में मदद मिल सकती है (2)।
10. थकान को कम करे
नमक की मात्रा शरीर में कम हो जाती है, तो व्यक्ति को थकान महसूस होने लगती है। इसकी वजह शरीर में सोडियम की मात्रा का कम होना भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में भी नमक पानी पीने के लाभ हो सकते हैं। दरअसल, नमक पानी में मौजूद सोडियम शरीर में इसके स्तर को नियंत्रित करने में मदद करेगा। नतीजन व्यक्ति की थकान धीरे-धीरे कम हो सकती है (12)।
11. चिड़चिड़ापन और बैचेनी को घटाए
अगर किसी को ज्यादा चिड़चिड़ापन हो रहा है, तो नमक पानी का सेवन कुछ हद तक इस परेशानी को कम कर सकता है। दरअसल, बताया जाता है कि जब शरीर में सोडियम का स्तर गिरने लगता है, तो व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है। यही नहीं, उसे बैचेनी भी महसूस होने लगती है। इन दोनों ही स्थितियों में नमक पानी पीना फायदेमंद साबित हो सकता है (12)।
| --------------------------- | --------------------------- |