Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
Yoga for Arrhythmia: दिल की अनियमित धड़कन से हैं परेशान तो रोज करें ये योगासन
अनियमित दिल की धड़कन की समस्या में योगासनों का अभ्यास करने से फायदा मिलता है, जानें अरिथमिया में फायदेमंद योगासनों के बारे में।
अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmia in Hindi) की समस्या वजन बढ़ने, शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने और दिल से जुड़ी बीमारी में हो सकती है। इस समस्या की वजह से आपको दिल से जुड़ी गंभीर स्थितियों का सामना भी करना पड़ सकता है। अनियमित दिल की धड़कन की समस्या को हृदय अतालता या अरिथमिया भी कहते हैं। इस समस्या में सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। लेकिन कुछ योगासन भी हैं जिनका नियमित अभ्यास कर आप अनियमित दिल की धड़कन की समस्या से निजात पा सकते हैं। हृदय अतालता या अनियमित दिल की धड़कन की समस्या में सही समय पर इलाज या बचाव के कदम न उठाने पर आपको हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। आइये जानते हैं इस समस्या से बचने के लिए किन योगासनों का अभ्यास फायदेमंद है?
अनियमित दिल की धड़कन के लिए योग (Yoga Poses For Arrhythmia in Hindi)
नियमित रूप से एक्सरसाइज या योग का अभ्यास करने से शरीर को हेल्दी और बीमारियों से मुक्त रखने में फायदा मिलता है। आज के समय में खानपान में गड़बड़ी और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण लोगों में दिल से जुड़ी बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। दिल की धड़कन अनियमित होने के कारण भी आपको दिल की बीमारी का खतरा रहता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप रोजाना इन योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं।
Yoga for Arrhythmia
1. पश्चिमोत्तानासन योग (Paschimottanasana / Forward Bend Pose)
अनियमित दिल की धड़कन होने पर और इस समस्या से बचने के लिए पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास बहुत उपयोगी है। दिल की बीमारियों से बचने और दिल को हेल्दी रखने के लिए भी आप इस योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें -
सबसे पहले आप सुखासन में बैठ जाएं और गहरी सांसें लें और छोड़ें, इससे मन शांत होता है।
अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं, दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।
अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।
माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियां जमीन पर लगी रहेंगी, जैसा कि आप तस्वीरों में देख सकते हैं।
इस पोजिशन में आप खुद को 30 से 60 सेकेंड तक रखें, धीमी सांसें लेते रहें।
अब अपने पूर्व की मुद्रा में वापस आ जाएं और आराम करें।
Yoga for Arrhythmia trikonasana
2. त्रिकोणासन (Trikonasana or Triangle Pose)
अनियमित दिल की धड़कन और दिल से जुड़ी कई समस्याओं में त्रिकोणासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है। आप त्रिकोणासन का रोजाना अभ्यास कर दिल से जुड़ी कई समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। त्रिकोणासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें-
सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
अब अपनी बाजुओं को खोल दें, अपनी हथेलियों को जमीन की तरफ रखें।
अगर दाईं तरफ से शुरू कर रहे हैं, तो आपका दायां पैर मैट के कोने पर 90 डिग्री के एंगल पर होना चाहिए।
इसके बाद साइड में आराम से झुकने का प्रयास करें।
लम्बी सांस लेते हुए शरीर को हिप जॉइंट की तरफ झुकाएं और सांस छोड़ें।
दाहिने पैर को दाएं तरफ निकालें।
दाहिने बाजू को दाएं पैर की ओर लेकर जाएं और दाईं एड़ी को पकड़ने की कोशिश करें।
इसके बाद बाएं बाजू को शरीर के ऊपर खोल लें।
इस समय आपके हाथ से एक सीधी रेखा बननी चाहिए।
इसी अवस्था में कुछ देर रुकें और फिर बाएं पैर के साथ ऐसा करें। आप इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
3. दंडासन (Dandasana or Staff Pose)
दंडासन योग एक सरल और आसान योग मुद्रा है जिसका अभ्यास करने से शरीर की शक्ति और क्षमता दोनों बढ़ती है। इसका अभ्यास करने से आप अनियमित दिल की धड़कन की समस्या को दूर कर सकते हैं। दंडासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें -
दंडासन योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योग मैठ पर बैठ जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाएं और फिर उन्हें आपस में चिपकाएं।
इसके बाद अपने दोनों पैरों की उंगलियों को अपने शरीर की ओर खींचें।
इस दौरान अपने जांघों और एड़ियों को फर्श पर दबाकर रखेँ।
इसके बाद दोनों हाथों को सीधा और हथेलियों को फर्श पर रखें।
इस दौरान गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
अपनी छाती को उठाए रखें और कॉलरबोन को फैलाएं।
इस दौरान कंधों को थोड़ा सा खींचें और सामने की ओर देखते हुए गहरी सांस लें।
इस मुद्रा में करीब 20 सेकंड से एक मिनट तक रहें।
अनियमित दिल की धड़कन या अरिथमिया की समस्या में इन योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप हार्ट के मरीज हैं या आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो इन योगासनों का अभ्यास करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
| --------------------------- | --------------------------- |