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क्या थायराइड में दूध पीना चाहिए? जानें एक्सपर्ट की राय

थायराइड एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपकी थायराइड ग्रंथि थायराइड हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं करती है। इसे हाइपोथायरायडिज्म या निष्क्रिय थायराइड भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें थायराइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती है। जिसके कारण आप बहुत अधिक थकान, चिंता, डिप्रेशन कब्ज और धीमा मेटाबॉलिज्म जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। है, तो आप थकान, अवसाद, कब्ज और अन्य गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं का अनुभव कर सकते हैं। शरीर में हार्मोन्स के संतुलन, तेज मेटाबॉलिज्म, शरीर के तापमान, ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को कंट्रोल रखने के लिए थायराइड फंक्शन का बेहतर होने बहुत जरूरी है।

थायराइड फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए दवाओं के साथ ही संतुलित आहार लेने की आवश्यकता होती है। लेकिन अक्सर थायराइड रोगी दूध का सेवन करने से काफी कतराते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि थायराइड में दूध या अन्य कैल्शियम युक्त फूड्स का सेवन करने से दवाओं की प्रभावशीलता कम हो जाती है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? क्या थायराइड में दूध पीना नुकसानदायक हो सकता है? इसके बारे में अधिक जानने के लिए हमने क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन गरिमा गोयल से बात की। आइए जानते हैं थायराइड में दूध पीना चाहिए या नहीं (kya thyroid mein doodh pee sakte hain)।
क्या थायराइड में दूध पीना चाहिए?

डायटीशियन गरिमा की मानें तो दूध और दूध से बने उत्पाद में आयोडीन मौजूद होता है। आयोडीन थायराइड फंक्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही फोर्टिफाइड डेयरी प्रोडक्ट्स में विटामिन डी की अच्छी मात्रा होती है। "अध्ययन में यह पाया गया है कि विटामिन डी थायराइड फंक्शन में सुधार करने में मदद करता है। साथ ही टीएसएच स्तर (THS Level) में सुधार होता है।" आप थायराइड में दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन कर सकते हैं।
क्या थायराइड में दूध पीने से दवाओं की प्रभावशीलता कम हो जाती है?

यह सही है कि थायराइड में दूध पीने से दवाओं की प्रभावशीलता कम होती है और अवशोषण बाधित होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दूध में मौजूद कैल्शियम होता है, जो थायराइड रोगियों को दी जाने वाली दवा लेवोथायरोक्सिन के साथ केमिकल रिएक्शन कर सकता है। लेकिन इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। अगर आप लेवोथायरोक्सिन लेने से 4 घंटे पहले या बाद में दूध का सेवन करते हैं तो इससे दवा की प्रभावशीलता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, बल्कि थायराइड फंक्शन बेहतर होता है।
एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं

अगर आप थायराइड की दवाएं ले रहे हैं तो आपको दूध और दवाओं के बीच अंतर को बनाए रखना जरूरी है। इसके अलावा ज्यादा मात्रा में भी आपको दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए। आप विटामिन डी प्राप्त करने के लिए कुछ समय सुबह और शाम धूप में समय बिता सकते हैं। इसके अलावा एक्सरसाइज करने से भी थायराइड फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। कोशिश करें कि दिन में 20 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।

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