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मोटापा कम करने (वजन घटाने) के असरदार घरेलू उपाय

आज अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी मोटापा है। यह बीमारी पूरी दुनिया में एक महामारी बन गई है। भारत में अनेक लोग मोटापा के शिकार हैं। मोटापे के कारण शरीर में कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। जब परेशानियां बढ़ने लगती हैं तो लोग मोटापा कम करने के लिए उपाय (motapa kaise kam kare) खोजने लगते हैं। कई बार उचित जानकारी नहीं हो पाने के कारण लोग अपना वजन घटा नहीं पाते हैं।
मोटापा क्या है?

जब किसी व्यक्ति का शरीर का वजन, सामान्य से अधिक हो जाता तो उसे मोटापा कहते हैं। आप रोज जितनी कैलोरी भोजन के रूप में लेते हैं, जब आपका शरीर रोज उतनी खर्च नहीं कर पाता है, तो शरीर में अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगता है, जिससे शरीर का वजन बढ़ने लगता है।
मोटे होने का कारण

अधिक वजन (Over Weight) वाले व्यक्तियों के शरीर में अत्यधिक मात्रा में चर्बी (Toxins) जमा हो जाती है। यह शरीर में धीरे-धीरे गलत दिनचर्या, प्रदूषण और अपच के कारण होती रहती है। वजन दो कारणों से बढ़ता है, जो ये है-

अस्वस्थ खान-पान
शारीरिक गतिशीलता में कमी

मोटे होने का लक्षण

किसी व्यक्ति का उचित वजन कितना होना चाहिए, यह बी.एम.आई. पर निर्भर करता है। बी.एम.आई. दो बातों पर निर्भर करती हैः-

कद
वजन

आप बीएमआई से अपने वजन की जांच कर सकते हैं। बी.एम.आई. का यह फार्मूला होता है- वजन (कि.ग्रा. में)/कद (मीटर में )2।

अगर आपकी बीएमआई 18.5 से कम है तो आप अंडरवेट माने जाएंगे।
अगर आपकी बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच है तो आपका वजन सामान्य माना जाएगा।
इसी तरह 25 से 029.9 तक की बी.एम.आई. होने पर ओवरवेट माना जाता है।
30 से ज्यादा की बी.एम.आई. होने पर ओबीज या मोटापा कहलाता है।
गर्भावस्था के दौरान बी.एम.आई. की सीमा लागू नहीं होती है।
बी.एम.आई. आयु व लिंग पर निर्भर नहीं करता है।


वजन कम करने (मोटापा घटाने) के लिए घरेलू नुस्खे

आप मोटापा कम करने के लिए ये घरेलू उपाय आजमा सकते हैंः-
मोटापा कम करने के लिए दालचीनी का सेवन

लगभग 200 मि.ली. पानी में 3-6 ग्राम दालचीनी पाउडर डालकर 15 मिनट तक उबालें। गुनगुना होने पर छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले पिएँ। दालचीनी एक शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल है, जो नुकसानदायक बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में मदद करती है।
वजन कम करने के लिए करें अदरक और शहद का प्रयोग

लगभग 30 मि.ली. अदरक के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। अदरक और शहद शरीर की चयापचय क्रिया को बढ़ाकर अतिरिक्त वसा को जलाने का काम करते हैं। अदरक अधिक भूख लगने की समस्या को भी दूर करता है, तथा पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। इस योग को सुबह खाली पेट तथा रात को सोने से पहले लेना (Motapa kam karne ke liye gharelu upchar) चाहिए।
वजन घटाने के लिए नींबू और शहद का उपयोग

एक गिलास पानी में आधा नींबू, एक चम्मच शहद एवं एक चुटकी काली मिर्च डालकर सेवन करें। काली मिर्च में पाइपरीन (piperine) नामक तत्व मौजूद होता है। यह नई वसा कोशिकाओं को शरीर में जमने नहीं देता है। नींबू में मौजूद एसकोरबिक एसिड (Ascorbic Acid) शरीर में मौजूद क्लेद को कम करता है, और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।
मोटापा घटाने के लिए सेब के सिरके का सेवन

एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर सेवन करें। इनमें मौजूद पेपटिन फाइबर (Pectin Fibre) से पेट को लम्बे समय तक भरा होने का एहसास होता है। यह लिवर में जमे फैट को घटाने में मदद करता है।
मोटापे से मुक्ति के लिए पत्तागोभी का सेवन

भोजन में पत्तागोभी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इसे उबालकर या सलाद के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इसमें मौजूद टैरटेरिक एसिड (Tartaric Acid) शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) को वसा में परिवर्तित नहीं होने देता। इसलिए वजन कम करने में सहायता मिलती है।
मोटापा कम करने के लिए अश्वगन्धा का प्रयोग

अश्वगन्धा के दो पत्ते लेकर पेस्ट बना लें। सुबह खाली पेट इसे गरम पानी के साथ पिएँ। अश्वगन्धा तनाव के कारण बढ़ने वाले मोटापे में मदद करता है। अत्यधिक तनाव की अवस्था में कोर्सिटोल (Cortisol) नामक हार्मोन अधिक मात्रा में बनता है। इसके कारण भूख अधिक लगती है। शोध के अनुसार, अश्वगन्धा शरीर में कोर्सिटोल (Cortisol) के लेवल को कम करता है।
वजन कम करने के लिए इलायची का सेवन

रात में सोते समय दो इलायची खाकर गर्म पानी पीने से वजन कम करने में सहायता मिलती है। इलायची पेट में जमा फैट को कम करती है, तथा कोर्सिटोल (Cortisol) लेवल को भी नियंत्रित रखती है। इसमें मौजूद पोटेशियम (Potaseium), मैग्नेशियम (Magneseium), विटामिन बी1, बी6 (Vita. B1, B6), और विटामिन सी (Vita. C) वजन घटाने के साथ ही शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इलायची अपने गुणों से शरीर में पेशाब के रूप में जमा अतिरिक्त जल को बाहर निकालती है।
मोटापा घटाने के लिए सौंफ का सेवन

6-8 सौंफ के दानों को एक कप पानी में पाँच मिनट तक उबालें। इसे छानकर सुबह खाली पेट गर्म -गर्म ही पिएँ। इससे अधिक भूख लगने की समस्या से राहत मिलेगी तथा खाने की इच्छा कम होगी।
वजन घटाने के लिए त्रिफला चूर्ण का प्रयोग

एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को रात में 200 मि.ली. पानी में भिगा दें। सुबह इसे आधा होने तक उबालें। गुनगुना होने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। कुछ ही दिनों में निश्चित ही वजन कम होगा। त्रिफला शरीर में मौजूद विषाक्त तत्वों को बाहर निकालता है।
मोटापे से मुक्ति पाने के लिए पुदीना का इस्तेमाल

पुदीना की पत्तियों के रस की कुछ बूँद गुनगुने पानी में मिलाएँ। इसे खाना खाने के आधे घण्टे बाद पिएँ। यह पाचन में सहायक तथा चयापचय क्रिया को बढ़ाकर वजन घटाने में मदद करता है। इसका उपयोग लम्बे समय तक किया जा सकता है।
मोटापे से छुटकारा के लिए रागी (मंडुआ) का इस्तेमाल (

रागी को अपने रोज के भोजन में शामिल करें। मोटापे को कम करने के लिए यह एक बेहतर खाद्य पदार्थ है। यह पाचन की क्रिया को धीमा करता है, जिससे कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) को शरीर में अवशोषित होने में ज्यादा समय लगता है।
मोटापे से छुटकारा के लिए चित्रक, त्रिकटु और कुटकी का सेवन
चित्रक, त्रिकटु, कुटकी को बराबर मात्रा में मिलाएं। यदि व्यक्ति का वजन उसके औसत वजन से 10 कि.ग्रा. से ज्यादा है, तो वह इस आयुर्वेदिक मिश्रण को दिन में दो बार भोजन से 1 घंटा पहले लें। इसे गुनगुने जल के साथ सेवन करना है। यदि आपका वजन, औसत वजन से 10 कि.ग्रा. से कम है तो दिन में 1 बार इस मिश्रण का सेवन करें।
मोटापे से छुटकारा के लिए हल्दी का सेवन

हल्दी में विटामीन बी, सी, पौटेशियम, आयरन, ओमेगा- 3 फेटीऐसिड, एल्फा लिने लोयिक ऐसिड तथा फायबर्स आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, तथा अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है।
वजन घटाने के लिए त्रिफला और गुग्गुल का सेवन
त्रिफला, गुग्गुल व मैदोहर वटी की 2-2 गोली लेकर पीस लें। इसे शहद में मिलाकर भोजन के बाद चांट लें। ऊपर से एक कप गुनगुना जल पी लें। ऐसा दिन में 2-3 बार करें।
त्रिफला (Triphala) शरीर के विषाक्त तत्वों को निकालने में मदद करता है। खासकर आंतों में चिपके हुये पुराने मल को साफ करता है। यह कब्ज को भी ठीक करता है।
वजन कम करने में जीरा, धनिया और अजवायन लाभदायक

जीरा, धनिया, अजवायन और सौंफ के मिश्रण की चाय बनाकर पिएं। आप इसे भोजन के बाद पानी में उबालकर घूंट-घूंट भी पी सकते हैं। तुलसी, नींबू, अदरक की बिना दूध वाली ब्लैक टी पिएं। हमेशा गुनगुने पानी का प्रयोग करें।
वजन घटाने में आंवला लाभदायक

इसमें प्रचुर मात्रा में विटामीन-सी पाया जाता है, जो एक उत्तम एंटी-ओक्सीडेंट है। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह मेटाबोलिज्म बढ़ाने और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
मोटापा घटाने के लिए पिएं गुनगुना पानी

उबालकर आधा किया हुआ जल आधा-आधा गिलास करके दिन में ढाई से तीन लीटर पीना चाहिए। इससे आम का पाचन भी हो जाता है, और पेट भरा होने से भूख भी कम लगती है। यह हल्का, सुपाच्य, आम का पाचन करता है। यह शरीर के सभी सूक्ष्म से सूक्ष्म गंदगी को साफ करता है, और पेशाब तथा पसीना लाता है।
वजन कम करने के लिए आपका खान-पान

मोटापे से मुक्ते पाने के लिए आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

इन फलों का करें सेवन

जठराग्नि को बढ़ाने वाले भोजन जैसे कि अदरक, पपीता, करेला, जीरा, सरसों, सौंफ, अजवायन, काली मिर्च, सोंठ, पिप्पली, सहजन, पालक, चौलाई आदि पत्तेदार सब्जियां लौकी, तोरई, परवल, बींस, सलाद, पत्ता गोभी, खीरा, ककड़ी, गाजर, चुकंदर, सेब आदि लेने चाहिए। जयी, जौ, बाजरा, रागी, मूंग दाल, मसूर, आंवला, नींबू, शहद, हल्दी, एलोवेरा जूस, आंवला जूस, ग्रीन टी, स्टीम किये हुये अंकुरित अनाज आदि का भी सेवन करना चाहिए।

मौसमी फल और सब्जियों का सेवन

जिस स्थान में व जिस मौसम में जो फल एवं सब्जियां पैदा होती है उनमें से अपनी प्रकृति के अनुसार खाना चाहिए जैसे कि ठण्डी जगहों एवं ठण्डे मौसम में गर्म तासीर वाले भोज्य पदार्थ तथा गर्म जगहों एवं मौसम में ठण्डी तासीर वाले भोजन खाने चाहिए।

कम वसा वाले दूध से होता है वजन कम

कम वसा वाले दूध का प्रयोग करें क्योंकि इसमें वसा कम होने की वजह से कैलोरी कम होती है जबकि कैल्शियम ज्यादा होता है और यह अतिरिक्त कैल्शियम वजन को घटाता है।

हल्के भोजन से होता है वजन कम

सुबह का भोजन भारी, दोपहर का भोजन उससे हल्का व रात्रि का भोजन सबसे हल्का होना चाहिए अर्थात् रात्रि में कम से कम भोजन तथा हल्का व शीघ्र पचने वाला भोजन करना चाहिए।

रात में सोने से कम से कम 2 घंटा पहले भोजन करना चाहिए। इसी तरह हो सके तो सूर्यास्त से पहले भोजन कर लेना चाहिए, क्योंकि सूर्यास्त के बाद जठराग्नि मन्द हो जाती है और भोजन पचने में कठिनाई होती है। दिन में नहीं सोना चाहिए। ये मोटापा दूर करने के असरदार उपाय (motapa dur karne ke upay) हैं।

अच्छी भूख लगने पर ही खाएं खाना

जब खाना पच जाये और तेजी से भूख लगे तब ही अगला भोजन करना चाहिए। भोजन समय पर करना चाहिए तथा जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम ही खाना चाहिए। खाना खूब चबा-चबाकर खाना चाहिए। यह वजन कम करने का काफी अच्छा उपाय (motapa dur karne ke upay) है।
मोटापा कम करने के लिए आपकी जीवनशैली

मोटापा से छुटकारा पाने के लिए आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

सुबह उठकर सैर पर जाएँ, और व्यायाम करें।
सोने से दो घण्टे पहले भोजन कर लेना चाहिए।
रात का खाना हल्का व आराम से पचने वाला होना चाहिए।
संतुलित और कम वसा वाला आहार लें।
वजन घटाने के लिए आहार योजना में पोषक तत्वों को शामिल करें।
एक साथ ज्यादा खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ सुपाच्य एवं हल्का खा लेना चाहिए।
आपके भोजन में हरी सब्जियाँ, फल, दही, छाछ, छिलके वाली दालें और नट्स होने चाहिए।
फलों के रस व गुनगुने जल का सेवन करते हुए सप्ताह में एक बार उपवास रखना चाहिए
वजन कम करने के लिए भोजन कभी न छोड़ें। इसकी बजाय संतुलित आहार का सेवन करें और व्यायाम करें। संतुलित आहार के सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता एवं व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
खाना कभी ना छोड़ें। दिन भर में तीन बार भोजन अवश्य करें। अगर आप तीनों समय के भोजन में से किसी एक बार का भोजन छोड़ते हैं तो इसका नतीजा यह होता कि आप अगली बार के भोजन में अधिक आहार का सेवन करते हैं और इसकी वजह से वजन बढ़ता है।
नाश्ता जरूर करें। दिन भर की शारीरिक क्रियाएँ करने के लिए शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो कि बिना नाश्ते के सम्भव नहीं है।
प्रतिदिन सुबह 4-5 किलोमीटर तेजी से पैदल चलें उसके 10 मिनट बाद कुर्सी पर बैठकर पेट भर गुनगुना जल घूंट-घूंट पियें। वजन घटाने के घरलू नुस्खों (Motapa kam karne ke liye gharelu upchar) में यह तरीका सर्वाधित कारगर है।
योगासन जैसे- त्रिकोण आसन, भुजंगासन, सूर्य नमस्कार, ध्यान, प्राणायाम जैसे- भस्त्रिका, कपालभाती को प्रतिदिन करना चाहिए। पंचकर्म में चिकित्सक की देखरेख में लेखन वस्ति (एक तरह की एनिमा) का प्रयोग करना चाहिए तथा उदवर्तन कर्म (कुछ आयुर्वेदिक औषधियों के चूर्ण से सूखा मसाज) करवाना चाहिए।


वजन घटाने के दौरान परहेज

मोटापे से मुक्ति पाने के लिए आपको ये परहेज करने होंगेः-

चीनी, नमक व मैदा जितना हो सके कम से कम खायें।

नहीं करें कफ को बढ़ाने वाले आहार का सेवन

कफ को बढ़ाने वाले भोजन तथा पेय पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रचुर कार्बोहाइड्रैट युक्त भोजन यथा चावल, आलू, सकरकन्दी आदि, मिठाईया, मीठे पेय पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक्स, तले हुये खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, चाकॅलेट, चीज, बटर, पनीर, मछली, अंडा, मीट आदि मांसाहार, सोडा ये सभी कफ व आम को बढ़ाने वाले होते है।

इसी प्रकार कफज प्रकृति के लोगों को हल्का भोजन, पित्तज प्रकृति के लोगों को ठण्डे तासीर वाला भोजन तथा वातज प्रकृति वाले लोगों को मीठा व उष्ण तासीर का भोजन करना चाहिए।

गेहूं के आंटे का अधिक और चावल से बने पदार्थों का कम सेवन

गेंहू के आंटे से बने हुये खाद्य पदार्थो का जैसे कि रोटी आदि का सेवन अधिक करना चाहिए तथा चावल व चावल से बने खाद्य पदार्थो का सेवन कम से कम करना चाहिए।

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