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डेंगू और मलेरिया में जब शरीर में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं तो लोग पपीते के पत्ते का रस पीने की सलाह देते हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि पपीता के पत्तों में विटामिन सी, विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट्स और पपैन नामक एक कम्पाउंड होता है जिससे प्रोटीन को डाइजेस्ट करने में मदद मिलती है. पपीते के पत्तों में फ्लैवोनॉइड्स भी होता है.

डेंगू बुखार का उपचार - पपीते के पत्ते

पपीते के पत्ते का जूस डेंगू बुखार को ठीक करने का एक सिद्ध तरीका माना गया है। विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट का समृद्ध स्रोत पपीते के पत्ते इम्यून सिस्टम को बेहतर करने या बढ़ाने में बहुत ही मदद करते हैं। डेंगू बुखार में अक्सर प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती हैं। इससे पीड़ित मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है। बता दें कि शरीर को पूरी तरह से व्यस्त रखने में प्लेटलेट्स का बड़ा योगदान होता है। प्लेटलेट्स छोटी रक्त कोशिकाएं होती हैं जो रक्तस्राव को रोकने के लिए आपके शरीर के थक्कों को बनाने में मदद करती हैं। डेंगू बुखार से ग्रसित व्यक्ति के यदि प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं, तो पपीते के पत्ते ब्लड प्लेटलेट्स काउंट में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।

पपीते के पत्ते का जूस कैसे बनाएं

1. इसके लिए आप एक कप पपीते के पत्ते लीजिए।

2. इसके बाद ओखली और मूसल के जरिए इसे पीसकर इसका जूस निकाल लीजिए। फिर इसे मरीज को दीजिए।

3. आप एक्सपर्ट की सलाह से इसमें शहद या फिर फलों का जूस मिला सकते हैं। इससे स्वाद बदल जाता है।

4. एक्सपर्ट की मानें तो प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में आप रोजाना तीन बार दो बड़े चम्मच पपीते के पत्ते का जूस पीजिए।

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