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डिलीवरी रूम में पति साथ हो, तो क्‍या कम हो जाता है लेबर पेन?

डिलीवरी रूम में महिलाओं के साथ कोई अपना रहे, तो उन्‍हें ढांढस बंधा रहता है और इमोशनल सपोर्ट भी मिलता है लेकिन कई अस्‍पतालों में यह सुविधा नहीं होती है।

कंसीव करने के बाद से हर महिला के मन में बच्‍चे के जन्‍म और डिलीवरी को लेकर कई तरह के सवाल आते हैं। कभी बच्‍चे की सेहत की चिंता होती है तो कभी लेबर पेन का डर सताता है।


हॉस्‍पीटल बैग तैयार करने जैसी छोटी-छोटी चीजों के साथ आपको एक अहम फैसला भी लेना होता है कि डिलीवरी रूम में आपके साथ कौन जाएगा। वैसे तो भारत में डिलीवरी रूम में परिवार के किसी भी सदस्‍य को आने की अनुमति नहीं होती है लेकिन फिर भी कुछ अस्‍पतालों में गर्भवती महिला के साथ किसी एक सदस्‍य को जाने दिया जाता है। महिला के इमोशनल सपोर्ट के लिए ऐसा किया जाता है।

​अस्‍पताल के नियम

जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि भारत में लेबर रूम में महिला के साथ किसी को जाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन कुछ हॉस्‍पिटल में ऐसा होता है। कुछ अस्‍पतालों में महिला के साथ उनके पति जा सकते हैं। वहीं कुछ जगहों पर ये फैसला डॉक्‍टर लेते हैं।


पति के साथ करें डिस्‍कस

अस्‍पताल में चेक करें कि वहां पर डिलीवरी रूम में किसी व्‍यक्‍ति का जाना अलाउड है या नहीं। आप अपने डॉक्‍टर से पहले अपने पति से इस बारे में बात करें। आप दोनों मिलकर ये निर्णय ले सकते हैं कि लेबर रूम में आपके साथ कौन रहेगा। अगर आप इस प्रक्रिया के दौरान किसी और को अपने साथ चाहती हैं, तो इस बारे में भी डॉक्‍टर से बात करें।
​सिजेरियन डिलीवरी हो तो

कई बार डॉक्‍टर पहले ही बता देते हैं कि सिजेरियन डिलीवरी होगी। ऐसे में मेडिकल टीम के साथ किसी और अन्‍य व्‍यक्‍ति को लेबर रूम में महिला के साथ आने की अनुमति नहीं होती है।

सिजेरियन डिलीवरी एक बड़ा ऑपरेशन होता है इसलिए इस समय डॉक्‍टरों की टीम को ही लेबर रूम में होना चाहिए।
दाई की जरूरत

पहले के जमाने में दाई ही घर पर डिलीवरी करवाती थीं लेकिन अब इसका चलन बंद हो गया है। आप अपने लेबर रूम में अपने साथ दाई को लेकर भी जा सकती हैं। दाई आपको इमोशनल और फिजिकल सपोर्ट दे सकती है।
​डिलीवरी के बाद

डिलीवरी के बाद रिकवर करने के लिए आपको अपने परिवार की जरूरत होती है। अगर आपकी नॉर्मल डिलीवरी हुई है तो आप प्रसव के कुछ देर बाद लोगों से मिल सकती हैं लेकिन सिजेरियन डिलीवरी में ऐसा नहीं है।

सी-सेक्‍शन होने के बाद कुछ दिनों तक ज्‍यादा लोगों को आपसे मिलने की इजाजत नहीं होती है।
​बड़े अस्‍पतालों में होता है ऐसा
जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि भारत के सिर्फ कुछ अस्‍पतालों में गर्भवती महिला के साथ परिवार के किसी सदस्‍य को लेबर रूम में जाने की इजाजत दी जाती है। कई एक्‍ट्रेसेस ने भी अपना डिलीवरी एक्‍सपीरियंस शेयर करते हुए बताया है कि लेबर रूम में उनके साथ उनका कोई अपना मौजूद था।

इसके अलावा विदेशों में भी लेबर रूम में किसी करीबी को साथ ले जाने की इजाजत होती है। अगर आपको भी ऐसा करना फायदेमंद लगता है तो आप इस बारे में अपने डॉक्‍टर से बात कर सकते हैं।

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