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खून के थक्‍के आने के सामान्‍य लक्षण
खून के थक्‍के जैली की तरह होते हैं। इनमें म्‍यूकस या ऊतक भी हो सकते हैं और ये गोल्‍फ की गेंद जितने बड़े भी हो सकते हैं। डिलीवरी के बाद हर हफ्ते खून के थक्‍के आने और ब्‍लीडिंग की मात्रा बदल सकती है। जानिए कि डिलीवरी के तुरंत बाद और उसके बाद के हफ्तों में ब्‍लीडिंग कैसे होती है।

पहले 24 घंटे : इस समय हैवी ब्‍लीडिंग होती है और खून गाढ़ा लाल रंग का होता है। इस दौरान हर एक घंटे में सैनिटरी पैड बदलने की जरूरत होती है। इस समय आपको टमाटर जितने बड़े या अंगूर जितने छोटे एक या दो खून के थक्‍के आ सकते हैं।
डिलीवरी के 2 से 6 दिन बाद: अब खून निकलना धीमा हो जाना चाहिए। इस समय खून गाढ़े भूरे या गुलाबी लाल रंग का होता है। अभी भी छोटे खून के थक्‍के आ सकते हैं।
प्रसव के 7 से 10 दिन बाद: ब्‍लीडिंग का रंग गुलाबी लाल या हल्‍का भूरा हो सकता है। पीरियड के पहले 6 दिनों के मुकाबले ब्‍लीडिंग हल्‍की होगी। अब आपको रोज पैड लगाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
प्रसव के 11 से 14 दिन के बाद : अब डिस्‍चार्ज हल्‍के रंग का होगा। डिलीवरी के बाद के पहले 10 दिनों के मुकाबले अब ब्‍लीडिंग कम ही होनी चाहिए।
डिलीवरी के 3 से 4 हफ्ते के बाद : इस समय तक खून आना बहुत कम हो जाता है। हालांकि आपको भूरे या हल्‍के लाल रंग के खून जैसा डिस्‍चार्ज हो सकता है। कभी-कभी इन हफ्तों में ब्‍ल‍ीडिंग बिलकुल बंद हो जाएगी। आपको दोबारा पीरियड भी आ सकते हैं।
डिलीवरी के 5 से 6 हफ्ते बाद: आमतौर पर डिलीवरी के पांच से 6 हफ्ते के बाद ब्‍लीडिंग रुक रजाएगी। हालांकि, इस दौरान कभी-कभी भूरा, लाल या पीले रंग के खून के धब्‍बे दिख सकते हैं।

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