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डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन का उपयोग गर्भनिरोधक (गर्भधारण को रोकने) के लिए किया जाता है. यह मासिक चक्र के दौरान अंडाशय से अंडे के विकास और रिलीज को रोकने में मदद करता है और इस प्रकार गर्भावस्था को रोकता है.

डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन को केवल डॉक्टर द्वारा या उनकी देखरेख मेें एडमिनिस्‍टर किया जाता है. इसे डॉक्टर की सलाह अनुसार लिया जाना चाहिए. आपका डॉक्टर यह निर्णय लेगा कि आपको कितना और कितने समय तक लेने की आवश्यकता है. आपको जब तक इंजेक्शन लेने की सलाह दी गई है, तब तक इसे लेना चाहिए.

इस दवा के सबसे आम साइड इफेक्ट में सिर दर्द, चक्कर आना, पेट में दर्द, घबराहट, वजन बढ़ना, और स्तन कोमलता शामिल हैं. अगर आप इनमें से किसी से भी परेशान हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं. उन्हें कम करने या रोकने के तरीके हो सकते हैं.. इससे अनियमित माहवारी चक्र , स्पॉटिंग या आपके मासिक रक्तस्राव का अचानक बंद हो जाना आदि जैसी समस्याएं आ सकती हैं. अगर आपको भारी या लंबे समय तक ब्लीडिंग होती है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.

इस दवा को लेने से पहले, अगर आपको कभी रक्त के थक्के के इतिहास, स्ट्रोक, हार्ट अटैक, लिवर जैसी समस्याएं, या ब्लीडिंग की समस्याएं थीं तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. आपके डॉक्टर को अन्य सभी दवाओं के बारे में भी जानना चाहिए जो आप ले रहें हैं क्योंकि इनमें से कई इस दवा को कम प्रभावी बना सकती हैं या इसके काम करने के तरीके को बदल सकती हैं. अगर आप गर्भवती हैं तो आपको इसे नहीं लेना चाहिए.

डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन के मुख्य इस्तेमाल

गर्भाशय से असामान्य तरीके से खून निकलना का इलाज
एंडोमेट्रिओसिस का इलाज

डेपो प्रोवेरा इन्जेक्शन के लाभ
गर्भाशय से असामान्य तरीके से खून निकलना के इलाज में
डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन एक कृत्रिम प्रोजेस्टिन है जो प्रोजेस्टेरोन नामक प्राकृतिक फिमेल हार्मोन जैसे प्रभाव दर्शाता है. यह मासिक धर्म से पहले गर्भाशय की लाइनिंग की वृद्धि को धीमा करता है, जिससे मासिक धर्म के दौरान ब्लीडिंग कम हो जाती है. अगर अधिक महावारी आपके दैनिक जीवन को मुश्किल बना रही है, तो महावारी के दिनों में चीजों को थोड़ा आसान बनाने की कोशिश करें. कुछ महिलाओं के अनुसार रिलैक्सेशन तकनीक या योगा उन्हें अधिक आराम महसूस करने और तनाव को कम करने में मदद करती है. अधिक व्यायाम करने से भी मदद मिल सकती है.

एंडोमेट्रिओसिस के इलाज में

डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन में प्रोजेस्टरोन, एक फिमेल हार्मोन मौजूद है जो अंडाशय और मासिक धर्म के नियमन में महत्वपूर्ण है. यह महिलाओं में मासिक धर्म का कारण बनता है जिन्होंने मेनोपॉज नहीं पाया है लेकिन शरीर में प्राकृतिक प्रोजेस्टेरोन की कमी के कारण मासिक धर्म नहीं हो रहा है. बेहतर असर के लिए दवा का इस्तेमाल निर्देशों के अनुसार ही करें.. किसी भी तनाव से बचें और अपने डॉक्टर के निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें. डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन से अधिकतम फायदे प्राप्त करने के लिए खाने से जुड़ी समस्याओं या कुपोषण वाली महिलाओं में वजन और पोषण में सुधार करने की सलाह दी जा सकती है.

डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन के साइड इफेक्ट
इस दवा से होने वाले अधिकांश साइड इफेक्ट में डॉक्टर की सलाह लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती है और नियमित रूप से दवा का सेवन करने से साइट इफेक्ट अपने आप समाप्त हो जाते हैं. अगर साइड इफ़ेक्ट बने रहते हैं या लक्षण बिगड़ने लगते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें

डीपो-प्रोवेरा के सामान्य साइड इफेक्ट

वजन बढ़ना
स्तन कोमलता
सिर दर्द
पेट में दर्द
कमजोरी
चक्कर आना
अनियमित माहवारी चक्र
घबराहट

डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें

आपका डॉक्टर या नर्स आपको यह दवा देगा. कृपया स्वयं उपयोग ना करें.
डीपो-प्रोवेरा इन्जेक्शन किस प्रकार काम करता है
डेपो प्रोवेरा इन्जेक्शन एक प्रोजेस्टिन (फीमेल हार्मोन) है. यह आपके मासिक चक्र के दौरान अंडों को पूरी तरह विकसित और रिलीज होने से रोककर काम करता है. यह आपके गर्भाशय के अस्तर (लाइनिंग) में बदलाव भी करता है और गर्भाशय के द्वार पर म्यूकस को गाढ़ा बना देता है, जिससे शुक्राणु का प्रवेश मुश्किल हो जाता है.. यह गर्भाधारण होने से रोकती है.

ख़ास टिप्स

डेपो प्रोवेरा इन्जेक्शन का इस्तेमाल गर्भावस्था की रोकथाम (गर्भनिरोधक) में किया जाता है.
गर्भवती होने के खतरे से बचने के लिए आपको हर 1 सप्ताह के बाद एक बार इन्जेक्शन लेना चाहिए.
इसे आमतौर पर बटक या ऊपरी हाथ की मांसपेशी में लगाया जाता है.
इंजेक्शन, लग जाने के बाद इसे वापस पहले जैसा नहीं किया जा सकता है और इसके असर कम से कम 1 हफ़्तों तक रहते हैं.
एक बार इंजेक्शन बंद हो जाने के बाद फर्टिलिटी वापस आ जाती है, लेकिन समय हर महिला के लिए अलग-अलग होता है.
इसके कारण अचानक से अनियमित रक्तस्राव, स्पॉटिंग हो सकती है या माहवारी की ब्लीडिंग पूरी तरह से बंद हो सकती है. अगर आपको भारी या लंबे समय तक ब्लीडिंग होती है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.
दीर्घकालिक इस्तेमाल के कारण हड्डियों की खनिज घनत्व का नुकसान हो सकता है और कमजोर हड्डियों और ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ सकता है.
अगर आप गर्भवती है या स्तनपान करा रही हैं, या पहले से आपको स्ट्रोक, हार्ट अटैक, लीवर से जुड़े रोग और रक्तस्राव से जुड़ी समस्याएं हो चुकी हैं तो डेपो प्रोवेरा इन्जेक्शन का सेवन ना करें.

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