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इस दर्द की कई वजह (Reason) हो सकती हैं. इनमें मांसपेशियों में अकड़न, शरीर में पानी की कमी, लम्बे समय तक एक ही मुद्रा (Posture) में बैठे रहना, पोषण की कमी और टांगों में कमजोरी होने जैसी कई और वजह भी शामिल हैं. कई बार ये दर्द इतना ज्यादा होता है जिसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.

टांगों में दर्द के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:


मसल्स में ऐंठन (Muscle Cramps): मसल्स में ऐंठन के कारण भी यह दर्द हो सकता है। यह ऐंठन आमतौर पर टांगों की मांसपेशियों में अचानक तेज दर्द को ट्रिगर कर सकती हैं। टाइट मसल्स अक्सर त्वचा के नीचे एक कठोर गांठ बना लेती हैं। इसके आसपास के क्षेत्र में कुछ लालिमा और सूजन हो सकती है। मसल्स फटिग और डिहाइड्रेशन से भी टांगों में ऐंठन हो सकती है। कई दवाएं जैसे डाइयूरेटिक्स और स्टेटिन्स के कारण कुछ लोगों के टांगों मे ऐंठन हो सकती है।

इंजरी (Injury): टांगों में दर्द का कारण कई इंजरी भी हो सकती हैं, जैसे:


मसल स्ट्रेन (Muscle Strain) एक कॉ़मन इंजरी है जिसमें ओवरस्ट्रेचिंग के परिणामस्वरूप मसल फाइबर फट जाते हैं। यह अक्सर बड़ी मांसपेशियों में होता है, जैसे हैमस्ट्रिंग (hamstrings) या क्वाड्रिसेप्स (quadriceps)।
टेंडनाइटिस (Tendinitis) टेंडन में सूजन के कारण होती है। टेंडन्स मोटी डोरियां हैं जो मांसपेशियों से हड्डी तक जुड़ती हैं। जब इनमें सूजन आ जाती है तो प्रभावित जोड़ों को हिलाना भी मुश्किल हो जाता है। टेंडनाइटिस अक्सर हैमस्ट्रिंग में या एड़ी की हड्डी के पास टेंडन को प्रभावित करता है।
शिन स्प्लिंट्स (Shin splints) के कारण पिंडली, या टिबिया के अंदरूनी किनारे में दर्द हो सकता है।
नी बर्साइटिस (Knee bursitis) तब होता है जब घुटने के जोड़ के आसपास तरल पदार्थ से भरे थैली में सूजन आ जाए।
स्ट्रेस फ्रैक्चर (Stress fractures) पैर की हड्डियों में छोटे ब्रेक होते हैं। ये विशेष रूप से शिनबोन में होते हैं।

मेडिकल कंडिशन (Medical conditions): कई मेडिकल कंडिशन के कारण भी आपको इस दर्द की समस्या हो सकती है, जैसे:

एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis ) एक ऐसी बीमारी है जिसमें हमारे शरीर में मौजूद धमनियों के अंदर रूकावट पैदा होने लगती है। वसा और कोलेस्ट्रॉल के निर्माण के कारण धमनियां सख्त हो जाती हैं। धमनियों में रूकावट होती है तो यह शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्त के प्रवाह को प्रभावित करती है। यदि पैर या टांगों के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तो इसका परिणाम पैर में दर्द हो सकता है।
अर्थराइटिस (Arthritis) में जोड़ों में सूजन हो जाती है। इससे प्रभावित जगह पर दर्द, सूजन और लाली आ जाती है। कई बार यह घुटने और हिप्स के जोड़ों को प्रभावित करती है। अर्थराइटिस का सबसे आम प्रकार ऑस्टियोअर्थराइटिस है, जिसमें घुटने के जोड़ में मौजूद दोनों हड्डियों के सिरों को आरामदायक सपोर्ट देने वाली सुरक्षात्मक कार्टिलेज खराब हो जाती है। इसके अलावा, लेग पेन के पीछे रूमेटाइड अर्थराइटिस भी कारण हो सकता है। जो कि एक ऑटोइम्यून डिजीज है और एक साथ दोनों घुटनों में दर्द का कारण बनती है।
गाउट (Gout) अर्थराइटिस का एक रूप है जो तब हो सकता है जब शरीर में बहुत अधिक यूरिक एसिड बनता है। यह आमतौर पर टांगों और पैरों के निचले हिस्से में दर्द, सूजन और लालिमा का कारण बनता है।
टांग में नर्व डैमेज हो जाने से दर्द या झुनझुनी हो सकती है। ऐसा अक्सर मधुमेह के परिणामस्वरूप टांगों और पैरों के निचले हिस्से में होता है।
टांगों की हड्डी या ऊतकों में संक्रमण से प्रभावित क्षेत्र में सूजन, लालिमा या दर्द हो सकता है।
वैरिकोस वेन तब बनती हैं, जब पैरों की नसों में मौजूद वाल्व कमजोर होने के कारण नसों में रक्त भरने लगता है। आमतौर पर ये सूजन और उभरी हुई दिखती हैं। ये दर्दनाक होती है। ज्यादातर ये टखनों में होती हैं।

टांगों में होने वाले दर्द के अन्य कारण

स्लिप डिस्क
बैक्टीरियल इंफेक्शन
इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस
फंगल इंफेक्शन
ट्यूमर
वायरल इंफेक्शन
फेमोरल एपीफिसिस

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