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8 घंटे से ज्यादा सोने / नींद लेने के हैं कई फायदे,
अच्छी नींद लेने के फायदों के बारे में आपने पढ़ा भी होगा और डेली लाइफ में महसूस भी किया होगा। लेकिन ज्यादा सोने के फायदों के बारे में शायद ही आपको पता हो। रात में ली गई भरपूर नींद आपको अगले दिन एनर्जेटिक (Energetic) और तरोताजा (Refreshed) रहने में मदद करती है।
नींद पूरी नहीं होने पर इस तरह की समस्याएं भी हो सकती हैं। जैसे,
अलर्टनेस कम होती है।
याददाश्त पर असर पड़ता है।
रिलेशनशिप में प्रॉब्लम्स आती हैं।
हेल्थ इश्यू होने लगते हैं।
चिड़चिड़ापन और गुस्से की समस्या होती है।
जो लोग पर्याप्त नींद लेने के अलावा, समय मिलने पर कुछ घंटे की अतिरिक्त नींद भी लेते हैं, उनको सेहत से जुड़े कई फायदे हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि आप पूरे दिन सोते ही रहें।
मेरे कहने का मतलब यह है कि यदि आप रात में 7-8 घंटे सो चुके हैं। इसके बाद आपको मौका मिलता है तो आप दोपहर में या किसी भी समय 1-2 घंटे की एक्स्ट्रा नींद भी ले सकते हैं।
इसलिए आज मैं आपको एक्स्ट्रा नींद लेने के कुछ फायदों के बारे में बताऊंगा। ये फायदे आपको यह समझने में मदद करेंगे कि नॉर्मल से ज्यादा सोना आपको किस तरह से फायदा पहुंचाता है।
वर्कआउट के बाद मसल्स रिकवरी के लिए गहरी नींद जरूरी है। इसका कारण जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
उम्र के हिसाब से नींद की जरूरत
नेशनल स्लीप फाउंडेशन (National Sleep Foundation) की रिपोर्ट में अलग-अलग उम्र के लोगों को पर्याप्त नींद लेने के लिए कुछ घंटे तय किए गए हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किस बच्चे, व्यस्क और वृद्ध को रोजाना कितनी नींद जरूरी है। यह रिपोर्ट 2 साल तक हुई रिसर्च के आधार पर तैयार की गई है। (1)
वृद्ध, 65+ वर्ष : 7-8 घंटे
एडल्ट, 26-64 वर्ष : 7-9 घंटे
यंग एडल्ट, 18-25 वर्ष : 7-9 घंटे
टीनएजर, 14-17 वर्ष : 8-10 घंटे
स्कूली बच्चे, 6-13 साल : 9-11 घंटे
प्री-स्कूली बच्चे, 3-5 साल : 10-13 घंटे
टॉडलर्स, 1-2 साल : 11-14 घंटे
शिशु, 4-7 महीने : 12-15 घंटे
नवजात, 0-3 महीने : 14-17 घंटे
इसके अलावा भरपूर नींद लेने के और भी कई फायदे होते हैं। जिन्हें आप आर्टिकल में आगे पढ़ेंगे…
1. वजन कंट्रोल करने में मददगार
नींद पूरी नहीं होने से हर उम्र के लोगों में वजन बढ़ने की समस्या हो जाती है।
नींद की कमी से हमारा मेटाबॉलिक फंक्शन स्लो हो जाता है। आसान शब्दों में कहें तो अधूरी नींद उस रेट को कम कर देती है, जिससे हमारी कैलोरी बर्न होती है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के असरदार तरीकों के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
यह एक ऐसा मेकेनिज्म (Mechanism) तैयार कर देता है जहां हमारी बॉडी में कार्बोहाइड्रेट और फैट स्टोर होने की संभावना बढ़ जाती है।
कम नींद लेने से कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो स्ट्रेस हार्मोन होता है। स्ट्रेस क्या है? इसके कारण, लक्षण और उपचार भी जान लीजिए।
नींद की कमी भूख को बढ़ा देती है। साथ ही जो लोग नींद नहीं आने के कारण कंफर्टेबल महसूस नहीं करते, वे दूसरों की तुलना में चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर शुगर क्रेविंग बनी रहती है।
इस स्थिति में चीनी वाला आहार खाने से भूख तो मिट जाती है, लेकिन इससे उनका वजन बढ़ने की संभावना बनी रहती है। शुगर इंटेक को कम करने के लिए इन 5 तरीकों को भी अपना सकते हैं।
2. मेंटल परफॉर्मेंस बढ़ती है
हमारा दिमाग किसी भी चीज को देखकर, सुनकर या स्पर्श करके सिग्नल ग्रहण करता है और उसे पहचानता है। इन सिग्नल को स्टोर करने की जरूरत होती है। मानव मस्तिष्क इन सिग्नल को स्टोर करने का प्रोसेस नींद के दौरान पूरा करता है।
यदि आप पर्याप्त नींद से ज्यादा नींद लेते हैं तो इसका यह फायदा होता है कि आपकी याद रखने और समझने की शक्ति बढ़ जाती है। भरपूर नींद लेने से मस्तिष्क ठीक से काम करता है।
कई रिसर्च से भी यह साफ हो चुका है कि भरपूर नींद लेने पर लोग अपनी क्रिएटिविटी अच्छे से दिखा पाते हैं। और वे दूसरों की तुलना में ज्यादा एक्टिव भी हो सकते हैं।
मेंटल हेल्थ बेहतर करने की एक्टिविटीज और एक्सरसाइज के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
3. कार्डियोवस्कुलर हेल्थ सही रहती है
नींद की कमी के कारण कमर का साइज (Waistline) और वजन (Weight) दोनों ही बढ़ जाता है। औसत से कम नींद लेने वालों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है।
रिसर्च में भी यह सामने आया है कि कम नींद के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। और हाई ब्लड प्रेशर हार्ट डिजीज का कारण होता है।
साथ ही स्ट्रेस हार्मोन (Stress Hormone) की अधिकता और दिल की अनियमित धड़कन (Irregular Heartbeat) भी हार्ट प्रॉब्लम का मुख्य कारण हो सकती है।
स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) या नींद के दौरान ऑक्सीजन की कमी को टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) से जोड़ा गया है। यह भी हार्ट डिजीज का प्रमुख कारण है। डायबिटीज होने के कारण, प्रकार और उपाय जानने के लिए आप इस लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं।
4. इम्यूनिटी बढ़ती है
नींद की क्वालिटी और शरीर की इम्यूनिटी का सीधा संबंध है। इसमें फ्लू या सर्दी में होने वाले सामान्य संक्रमणों से लड़ने की क्षमता भी शामिल होती है।
कम नींद और नींद का खराब पैटर्न एंटीबॉडी के संश्लेषण (synthesis) को प्रभावित करती है। दूसरी तरफ यदि आप सामान्य से ज्यादा नींद लेते हैं तो आपकी इम्यूनिटी काफी मजबूत होगी और बीमार भी कम पड़ेंगे।
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