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हमेशा रहता है जुकाम तो न करें इग्नोर, साइनोसाइटिस का हो सकता है लक्षण
साइनोसाइटिस की बीमारी मुख्य रूप से प्रदूषण, धूम्रपान और इंफेक्शन के कारण होती है। बच्चों में यह समस्या एलर्जी और बोतल से दूध या पानी पीने के कारण होती है।
सर्दी-जुकाम कभी भी किसी को भी हो सकता है। आमतौर पर यह कोई गंभीर समस्या नहीं मानी जाती है। कई बार तो सर्दी-जुकाम को अच्छी सेहत का संकेत भी माना जाता है। लेकिन अगर आपको बार-बार सर्दी का शिकार होना पड़ रहा है तो सतर्क हो जाइए। यह सिर्फ मौसम में बदलाव की वजह से होने वाला जुकाम नहीं हो सकता है। बार-बार सर्दी-जुकाम से पीड़ित होना साइनोसाइटिस का भी लक्षण हो सकता है। हमारी नाक के आस-पास चेहरे की हड्डियों में नम हवा के रिक्त स्थान होते हैं जिन्हें साइनस कहा जाता है। इन साइनस की अंदरुनी सतह में एलर्जी या किसी अन्य कारण से सूजन आ जाए तो साइनोसाइटिस की समस्या हो जाती है। यह सूजन बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण से पैदा होती है।
लक्षण क्या हैं – साइनोसाइटिस का शिकार होने पर आवाज में बदलाव, सिर में दर्द, नाक और गले में बलगम का आना, हल्का बुखार, तनाव, चेहरे पर सूजन, सूंघने व स्वाद पहचानने की क्षमता में कमी तथा नाक से पीला या हरे रंग का रेशा निकलना आदि लक्षण प्रदर्शित होते हैं।
क्यों होता है साइनोसाइटिस – साइनोसाइटिस की बीमारी मुख्य रूप से प्रदूषण, धूम्रपान और इंफेक्शन के कारण होती है। बच्चों में यह समस्या एलर्जी और बोतल से दूध या पानी पीने के कारण होती है। घर में अगर कोई धूम्रपान करता है तो भी बच्चों को साइनस की समस्या हो जाती है।
क्या है उपचार का तरीका –
1.साइनस की बीमारी की शुरुआत में इसका दवाइयों से इलाज किया जा सकता है लेकिन अगर इलाज में देरी की गई तो ऑपरेशन कराना जरूरी हो जाता है। अक्सर लोग सर्दी की बीमारी को बेहद हल्के में लेते हैं जबकि यह साइनोसाइटिस का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
2. नाक की झिल्ली पर कई तरह के वायरस, बैक्टीरिया, फफूंद, धूल-मिट्टी और एलर्जी करने वाले कण आदि होते हैं जिनको साफ करने से बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। इसके लिए आधा गिलास गुनगुना पानी लेकर उसमें एक चम्मच मीठा सोडा या एक चुटकी नमक मिला लें। फिर एक हाथ की हथेली में लेकर नाक में पानी खींचकर बाहर निकाल दें। इससे नाक बिल्कुल साफ हो जाएगी।
3. बारी-बारी से दोनों नाक साफ करें। पानी उबालें और डॉक्टर द्वारा बताई दवाई डालकर पंखे बंद कर कपड़े से ढककर नाक व मुंह से लंबी-लंबी सांस 8-10 मिनट तक लें। इसके बाद 20 मिनट तक हवा में न जाएं।
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