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क्या है लिगामेंट इंजरी या लिगामेंट टीयर, जानें लक्षण, प्रकार और इलाज
Ligament Injury: लिगामेंट फाइब्रस टिशू का एक सख्त बैंड होता है जो हड्डी को हड्डी से जोड़ता है. वैसे तो लिगामेंट काफी मजबूत होते हैं लेकिन चोट या जोड़ पर अत्यधिक बल के कारण यह टीयर भी हो सकते हैं. इसी को लिगामेंट इंजरी या लिगामेंट टीयर कहा जाता है.
किसी के चोटिल या घायल होने के बाद आपने कई बार ये सुना होगा कि फ्रैक्चर नहीं हुआ, लेकिन लिगामेंट इंजरी है या लिगामेंट टीयर हो गया है. क्या आप जानते हैं कि वास्तव में ये लिगामेंट होता क्या है. दरअसल, लिगामेंट फाइब्रस टिशू का एक सख्त बैंड होता है जो हड्डी को हड्डी से जोड़ता है. यह हड्डियों को कार्टिलेज से भी जोड़ता है, जो शरीर में जोड़ों का एक प्रमुख तत्व है. वैसे तो लिगामेंट काफी मजबूत होते हैं लेकिन चोट या जोड़ पर अत्यधिक बल के कारण यह टीयर भी हो सकते हैं. इसी को लिगामेंट इंजरी या लिगामेंट टीयर कहा जाता है. खेल के मैदान में अक्सर खिलाड़ियों को लिगामेंट टियर का सामना करना पड़ता है. आमतौर पर लिगामेंट इंजरी एंकल, नी, अंगूठा, गर्दन या फिर पीठ के पीछे होती है. यहां हम आपको लिगामेंट इंजरी के प्रकार, लक्षण और ट्रीटमेंट के बारे में बता रहे हैं.
लिगामेंट टीयर के लक्षण-Symptoms Of A Ligament Tear:
लिगामेंट टीयर की समस्या में प्रभावित स्थान को छूने से बहुत दर्द होता है. प्रभावित स्थान पर सूजन भी हो सकती है. जॉइंट मूवमेंट में भी बहुत दिक्कत आती है. इस समस्या में आवाज का आभास भी होता है. मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो सकती है. लिगामेंट जॉइंट को सपोर्ट करने के साथ स्ट्रेंथ भी देते हैं. लिगामेंट टीयर होने पर लूजनेस का एहसास होता है. हाथ या पैर जिस पर जॉइंट पर चोट लगी है उसे मोड़ने में भी दिक्कत महसूस हो सकती है.
डायगनोसिस और प्रकार-Diagnosis And Types:
लिगामेंट टीयर की डायगनोसिस फिजिकल एग्जाम और मेडिकल हिस्ट्री से शुरू होती है. आपका हेल्थ प्रोवाइडर पूछेगा कि चोट लगने के समय आप क्या कर रहे थे. फिजिकल एग्जामिनेशन के बाद अगला कदम अक्सर फ्रैक्चर या टूटी हुई हड्डियों को देखने के लिए एक्स-रे करना होता है. मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग ( MRI) आंशिक या पूर्ण लिगामेंट टीयर देखने के लिए किया जा सकता है. लिगामेंट टीयर कितना गंभीर है इसे तीन ग्रेड में बांटा गया है.
ग्रेड 1: यह हल्की मोच है जिससे लिगामेंट को नुकसान तो पहुंचा है लेकिन टीयरिंग ज्यादा गंभीर नहीं है.
ग्रेड 2: यह मध्यम मोच है जिसमें पार्शियल टीयरिंग होती है. इसमें जोड़ असामान्य रूप से ढीला हो सकता है.
ग्रेड 3: यह एक गंभीर मोच है जिसमें लिगामेंट पूरी तरह से टूट जाता है. जोड़ अनस्टेबल हो जाता है.
ट्रीटमेंट-Treatment Of Ligament:
लिगामेंट इंजरी का ट्रीटमेंट उम्र, ओवरऑल हेल्थ और मेडिकल हिस्ट्री के साथ-साथ चोट कितनी गंभीर है इस बात पर निर्भर करता है. रेस्ट, आइस, कंप्रेशन, और एलिवेशन (R.I.C.E.) लिगामेंट की चोट के लिए प्रारंभिक उपचार के उपाय हैं. इसके ट्रीटमेंट में डॉक्टर इबुप्रोफेन जैसी दवाएं देते हैं. मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करने की सलाह देते हैं और अगर घुटने में लिगामेंट इंजरी है तो नी ब्रेस पहनने के लिए कहते हैं. सूजन को कम करने के लिए आइस पैक लगाया जाता है. समस्या गंभीर पर सर्जरी भी की जाती है.
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