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क्या किसी एक स्तन (ब्रेस्ट) में ज्यादा और दूसरे में कम दूध कम आना सामान्य है? जानें इसे ठीक करने के उपाय

कई महिलाओं में स्तनपान के दौरान एक स्तन दूसरे से ज्यादा दूध उत्पादित होता है। ऐसा होने के क्या कारण हो सकते हैं और इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।
बहुत सी महिलाएं मां बनने के बाद यह नोटिस करती हैं कि उनके एक स्तन से दूसरे के मुकाबले अधिक दूध आ रहा है। यही नहीं यह दूध अधिक तेजी से भी आता है। वैसे तो ऐसा होना सामान्य है और लगभग हर महिला को ही यह स्थिति देखने को मिलती है। यह भी देखा गया है कि बहुत सी महिलाओं का बच्चा भी किसी एक ब्रेस्ट से ही दूध पीना ज्यादा पसंद करता है। इससे भी उसी ब्रेस्ट से अधिक दूध आने और अन्य से कम आने लगता है। मदरहुड हॉस्पिटल की आब्सट्रिशियन एंड गायनोकोलॉजिस्ट, डॉ मनीषा रंजन का कहना है कि दरअसल मां के दोनों स्तनों (ब्रेस्ट) में अलग अलग मात्रा में दूध बनाने की कोशिकाएं (टिशू) और अलग साइज की नलिकाएं हो सकती हैं। कई बार एक स्तन में कम जोर लगाने पर अधिक दूध आ सकता है। इसलिए पर्याप्त दूध उत्पादन के लिए जरूरी है कि मां अपने बच्चे को दोनों स्तनों (ब्रेस्ट) से दूध पिलाये।

वीसगतक


बेबी की पसंद

कुछ बच्चे एक ब्रेस्ट से दूध पीना ही पसंद करते हैं। इससे उसी ब्रेस्ट में अधिक दूध की सप्लाई होती है। बच्चे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें डिलीवरी के समय होने वाले असहजता और परेशानी के कारण किसी एक अवस्था में लेटना ही पसंद होता है और जिस साइड वह आरामदायक महसूस करते हैं उसी ब्रेस्ट से दूध पीना भी उन्हें अच्छा लगता है। शिशुओं के लिए मां का दूध फायदेमंद भी हाेता है।


ग्लैंडुलर टिश्यू का अपर्याप्त होना

ग्लैंडुलर टिश्यू वह टिश्यू होता है जो दूध उत्पादित करने में मदद करता है। यह टिश्यू और कुछ मिल्क डक्ट दोनों ब्रेस्ट में अलग अलग साइज के हो सकते हैं। फैट डिपॉजिट आदि कारणों की वजह से भी बहुत सी महिलाओं की ब्रेस्ट साइज अलग अलग होती है। जिससे दूध सप्लाई में अंतर आ जाता है।
ब्रेस्ट ट्रॉमा और ब्रेस्ट सर्जरी

मिल्क सप्लाई ब्रेस्ट टिश्यू की सर्जरी या किसी चोट आदि के कारण प्रभावित हो सकती है। अगर इस सर्जरी के दौरान दूध उत्पादन करने वाले टिश्यू को निकाल दिया जाता है तो इस कारण भी दोनों ब्रेस्ट में दूध में असमानता देखने को मिल सकती है।


क्या दोनों ब्रेस्ट के आसमान दूध उत्पादन से बच्चा प्रभावित होता है? (Does Uneven Milk Supply Affect Your Baby)

बहुत सी मां तो अपने बच्चे को केवल एक ब्रेस्ट से ही दूध पिलाती हैं और दूध में अंतर होने से आपका बच्चा किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होता है। बच्चे की पौष्टिक जरूरतें एक ब्रेस्ट से भी उतनी ही पूरी होती हैं। अगर आप अपने बच्चे में इसका असर देखना चाहती हैं तो उसके वजन और उसकी सेहत को ध्यान से नोटिस करें। अगर वह बीमार रह रहा है या भूखा रह जाता है तो आप उसे फॉर्मूला फीड करवा सकती हैं। ब्रेस्ट मिल्क और फॉर्मला मिल्क में काफी अंतर हाेता है।
दोनों ब्रेस्ट में दूध बढ़ाने के उपाय
बच्चे को कम दूध आने वाली ब्रेस्ट ही अधिक पिलाएं (Feed With Low Side First)

जब आपका बच्चा भूखा होता है तो वह पूरे जोश से दूध पीता है और उसका सकिंग रिफ्लेक्स भी बढ़ जाता है। इस समय आपको उसे वह ब्रेस्ट देनी चाहिए जिसमें से कम दूध आता है, जैसे जैसे वह उसे पीता जायेगा तो मिल्क सप्लाई भी अपने आप ही बढ़ने लगेगी।


हाथों से मसाज करने की कोशिश करें (Massage Your Breasts)

अगर आप अपने हाथों से कम दूध वाली ब्रेस्ट की रोजाना मसाज करती हैं तो इससे मिल्क फ्लो बढ़ने में मदद मिल सकती है और समान दूध भी आ सकता है।
केवल एक साइड से दूध न पिलाएं (Try To Feed From Both Breasts)

अगर आप बच्चे को केवल एक ही साइड से दूध पिलाती हैं तो केवल उसी साइड की मिल्क सप्लाई बढ़ती जाती है और दूसरी साइड की कम होती जाती है जिस कारण दोनों में अंतर आ जाता है। इसलिए आपको दोनों ब्रेस्ट से ही बच्चे को एक समान मात्रा में दूध पिलाना चाहिए।

दोनों ब्रेस्ट में अलग अलग मात्रा में दूध आना किसी भी तरह से चिंता का विषय नहीं है और यह पूरी तरह से सामान्य है। अगर आप इन टिप्स का पालन करेंगी तो आपको पूरा आराम मिलेगा।

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